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Sant Kabir Nagar News: दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए डाॅक्टर पर घूस मांगने का आरोप
Tue, 04 Mar 2025 11:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 04 Mar 2025 11:18 PM IST
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कार्यालय में सीएमओ से मिलते पीड़ित।
संतकबीरनगर। दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए जिला अस्पताल के एक चिकित्सक पर 10 हजार रुपये घूस मांगने का आरोप है। दो पीड़ितों ने सीएमओ को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
मंगलवार को सीएमओं कार्यालय में पहुंचे धनघटा के शनिचरा बाजार के रहने वाले सोनू कुमार पुत्र विजय कुमार ने बताया कि उनकी 19 वर्षीय बहन जन्म से ही बोलने और सुनने में अस्मर्थ है। उसका दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उन्होंने अगस्त में ही ऑनलाइन आवेदन किया था। आरोप है कि जिला अस्पताल में तैनात डाॅक्टर को दिखाया तो उन्होंने जांच कराने के लिए गोरखपुर भेज दिया।
जांच करवाकर रिपोर्ट लेकर आए। वह 20 अगस्त 2024 को संयुक्त जिला अस्पताल पर ईएनटी के डॉक्टर से मिले तो डाॅक्टर ने बहन का दिव्यांग प्रमाणपत्र के एवज में उनसे 10 हजार रुपये की मांग की। जब उन्होंने असमर्थता जताई तो डांट-फटकार कर वहां से भगा दिया। वे 20 बार अस्पताल का चक्कर लगा चुके हैं। इसी तरह सौरहा सिंहोरवा गांव निवासी चंद्रशेखर पुत्र महेंद्र ने बताया कि उनके 24 वर्षीय भाई चंद्रमूल जन्म से ही सुन और बोल नहीं सकते। जिसके चलते उन्होंने लगभग आठ माह पूर्व अपने भाई का दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। जहां ईएनटी डाॅक्टर ने कुछ जांच लिखकर गोरखपुर से करवाने की सलाह दी।
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इस पर उन्होंने सारी जांचें गोरखपुर से करवाया। जिसके बाद डाॅक्टर काे दिखाया तो उनसे 10 हजार रुपये की मांग करने लगे। पैसे नहीं देने पर प्रमाण पत्र नहीं बनाने की धमकी दे रहे हैं। इसी तरह अन्य पीड़ितों ने भी सीएमओ से शिकायत की है। लेकिन शिकायती पत्र सिर्फ दो लोगों ने सौंपा है।
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मंगलवार को सीएमओं कार्यालय में पहुंचे धनघटा के शनिचरा बाजार के रहने वाले सोनू कुमार पुत्र विजय कुमार ने बताया कि उनकी 19 वर्षीय बहन जन्म से ही बोलने और सुनने में अस्मर्थ है। उसका दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उन्होंने अगस्त में ही ऑनलाइन आवेदन किया था। आरोप है कि जिला अस्पताल में तैनात डाॅक्टर को दिखाया तो उन्होंने जांच कराने के लिए गोरखपुर भेज दिया।
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जांच करवाकर रिपोर्ट लेकर आए। वह 20 अगस्त 2024 को संयुक्त जिला अस्पताल पर ईएनटी के डॉक्टर से मिले तो डाॅक्टर ने बहन का दिव्यांग प्रमाणपत्र के एवज में उनसे 10 हजार रुपये की मांग की। जब उन्होंने असमर्थता जताई तो डांट-फटकार कर वहां से भगा दिया। वे 20 बार अस्पताल का चक्कर लगा चुके हैं। इसी तरह सौरहा सिंहोरवा गांव निवासी चंद्रशेखर पुत्र महेंद्र ने बताया कि उनके 24 वर्षीय भाई चंद्रमूल जन्म से ही सुन और बोल नहीं सकते। जिसके चलते उन्होंने लगभग आठ माह पूर्व अपने भाई का दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। जहां ईएनटी डाॅक्टर ने कुछ जांच लिखकर गोरखपुर से करवाने की सलाह दी।
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इस पर उन्होंने सारी जांचें गोरखपुर से करवाया। जिसके बाद डाॅक्टर काे दिखाया तो उनसे 10 हजार रुपये की मांग करने लगे। पैसे नहीं देने पर प्रमाण पत्र नहीं बनाने की धमकी दे रहे हैं। इसी तरह अन्य पीड़ितों ने भी सीएमओ से शिकायत की है। लेकिन शिकायती पत्र सिर्फ दो लोगों ने सौंपा है।