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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन आज से
अमर उजाला/संतकबीरनगर
Updated Fri, 01 Jan 2016 12:36 AM IST
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संतकबीरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सात जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए शुक्रवार को जिलाधिकारी न्यायालय कक्ष में नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे।
प्रशासन ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। नामांकन के मद्देनजर कलेक्ट्रेट की तरफ जाने वाले मोड पर बैरीकेटिंग कराई जाएगी, ताकि अनावश्यक लोगों को परिसर में अंदर जाने से रोका जा सके। कलेक्ट्रेट का पश्चिमी गेट बंद रहेगा, जबकि पूर्वी गेट पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी जांच के बाद ही लोगों को प्रवेश देंगे।
जिलाधिकारी डॉक्टर सरोज कुमार ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष के उम्मीदवारों के नामांकन पत्र के साथ उम्मीदवार तथा उसके प्रस्तावक व अनुमोदक का स्व प्रमाणित फोटोग्राफ नामांकन पत्र पर अनिवार्य रूप से चस्पा किया जाएगा। साथ ही सभी के हस्ताक्षर या अंगूठा निशान अनिवार्य है।
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प्रस्ताव व अनुमोदक का नाम उत्तर प्रदेश जिला पंचायत निर्वाचन नियमावली 1994 के नियम-छह के अधीन तैयार की गई सदस्यों की सूची में शामिल होना आवश्यक है। जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्वाचन में मतदाताओं को मतपत्र पर अधिमान अंग्रेजी अंकों में यथा 1,2,3 अंकित करना अनिवार्य है।
किसी अन्य प्रकार से अधिमान अंकित करने पर मत अवैध माना जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के निर्वाचन में उम्मीदवार के लिए चार लाख रुपये अधिकतम व्यय सीमा निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को निर्वाचन व्यय लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है।
यदि कोई सदस्य निरक्षरता के कारण सहयोगी की मांग करता है तो वह मतदान प्रारंभ होने से कम से कम 48 घंटे पहले जिला मजिस्ट्रेट को लिखित आवेदन पत्र देगा।
निर्वाचन अधिकारी उस सदस्य द्वारा जिला पंचायत सदस्य के निर्वाचन में नामांकन पत्र पर व नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए गए शपथ पत्र पर किए गए हस्ताक्षर करने के ढंग को देखकर समाधान किया जाएगा कि निरक्षरता के कारण वह सदस्य मतपत्र पर अपना मत अभिलिखित कर सकने में वास्तव में असमर्थ है।
दृष्टिबाधा या अन्य अशक्तता के कारण सहायक ले जाने की अनुमति प्राप्त करने के लिए मतदान प्रारंभ होने से 48 घंटे पूर्व आवेदन दिया जाएगा। ऐसे आवेदन पत्रों को जिला मजिस्ट्रेट आवेदन पत्र को मुख्य चिकित्साधिकारी को संदर्भित कर उन्हें जांचोपरांत प्रमाण पत्र निर्गत करने का निर्देश देंगे।
सीएमओ के दिए गए प्रमाण पत्र के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट संबंधित सदस्य को सहायक की अनुमति प्रदान करेंगे। निर्वाचन अधिकारी किसी भी निरक्षर, दृष्टिबाधित या अन्य अशक्त सदस्य के साथ सहायक के रूप में उनके माता, पिता, पुत्र, पुत्री, भाई, बहन, या पति-पत्नी में से ही यथासंभव किसी को अनुमति प्रदान की जाएगी। इसके लिए जरूरी है कि सहायक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो गई हो।
प्रभारी एसपी अशोक वर्मा ने बताया कि चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। आगे बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर सभी जिला पंचायत सदस्यों को दो-दो सशस्त्र पुलिस कर्मी भी दिए गए हैं।
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प्रशासन ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। नामांकन के मद्देनजर कलेक्ट्रेट की तरफ जाने वाले मोड पर बैरीकेटिंग कराई जाएगी, ताकि अनावश्यक लोगों को परिसर में अंदर जाने से रोका जा सके। कलेक्ट्रेट का पश्चिमी गेट बंद रहेगा, जबकि पूर्वी गेट पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी जांच के बाद ही लोगों को प्रवेश देंगे।
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जिलाधिकारी डॉक्टर सरोज कुमार ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष के उम्मीदवारों के नामांकन पत्र के साथ उम्मीदवार तथा उसके प्रस्तावक व अनुमोदक का स्व प्रमाणित फोटोग्राफ नामांकन पत्र पर अनिवार्य रूप से चस्पा किया जाएगा। साथ ही सभी के हस्ताक्षर या अंगूठा निशान अनिवार्य है।
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प्रस्ताव व अनुमोदक का नाम उत्तर प्रदेश जिला पंचायत निर्वाचन नियमावली 1994 के नियम-छह के अधीन तैयार की गई सदस्यों की सूची में शामिल होना आवश्यक है। जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्वाचन में मतदाताओं को मतपत्र पर अधिमान अंग्रेजी अंकों में यथा 1,2,3 अंकित करना अनिवार्य है।
किसी अन्य प्रकार से अधिमान अंकित करने पर मत अवैध माना जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के निर्वाचन में उम्मीदवार के लिए चार लाख रुपये अधिकतम व्यय सीमा निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को निर्वाचन व्यय लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है।
यदि कोई सदस्य निरक्षरता के कारण सहयोगी की मांग करता है तो वह मतदान प्रारंभ होने से कम से कम 48 घंटे पहले जिला मजिस्ट्रेट को लिखित आवेदन पत्र देगा।
निर्वाचन अधिकारी उस सदस्य द्वारा जिला पंचायत सदस्य के निर्वाचन में नामांकन पत्र पर व नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए गए शपथ पत्र पर किए गए हस्ताक्षर करने के ढंग को देखकर समाधान किया जाएगा कि निरक्षरता के कारण वह सदस्य मतपत्र पर अपना मत अभिलिखित कर सकने में वास्तव में असमर्थ है।
दृष्टिबाधा या अन्य अशक्तता के कारण सहायक ले जाने की अनुमति प्राप्त करने के लिए मतदान प्रारंभ होने से 48 घंटे पूर्व आवेदन दिया जाएगा। ऐसे आवेदन पत्रों को जिला मजिस्ट्रेट आवेदन पत्र को मुख्य चिकित्साधिकारी को संदर्भित कर उन्हें जांचोपरांत प्रमाण पत्र निर्गत करने का निर्देश देंगे।
सीएमओ के दिए गए प्रमाण पत्र के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट संबंधित सदस्य को सहायक की अनुमति प्रदान करेंगे। निर्वाचन अधिकारी किसी भी निरक्षर, दृष्टिबाधित या अन्य अशक्त सदस्य के साथ सहायक के रूप में उनके माता, पिता, पुत्र, पुत्री, भाई, बहन, या पति-पत्नी में से ही यथासंभव किसी को अनुमति प्रदान की जाएगी। इसके लिए जरूरी है कि सहायक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो गई हो।
प्रभारी एसपी अशोक वर्मा ने बताया कि चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। आगे बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर सभी जिला पंचायत सदस्यों को दो-दो सशस्त्र पुलिस कर्मी भी दिए गए हैं।