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डिजिटल वालंटियर बनाएंगे पुलिस और जनता में तालमेल
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डिजिटल वालंटियर बनाएंगे पुलिस और जनता में तालमेल
जनता के फीडबैक से बीट ऑफिसर का तय होगा कार्य का पैमाना
बेहतर कार्य करने वाले बीट पुलिस ऑफिसर को मिलेगा पोल स्टार ऑफ द मंथ का पुरस्कार
संतकबीरनगर। एसपी ने जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में पहल की है। डिजिटल वालंटियर की मदद जनता और पुलिस के बीच समन्वय स्थापित करने में ली जाएगी। बीट पुलिस ऑफिसर के कार्य व्यवहार के बारे में ट्विटर के माध्यम से आमजनता से फीड बैक लिया जाएगा।
अपराध एवं अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस महकमे में थाने स्तर पर हर गांव में बीट पुलिस ऑफिसर की तैनाती की गई है। गांव स्तर पर ही पुलिस ने संभ्रांत लोगों की सूची बनाई है। इसमें प्रधान, पूर्व प्रधान, पूर्व सैनिक, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी व कर्मी, चौकीदार, आशा कार्यकर्ता आदि को शामिल किया गया है। संभ्रांत लोगों का डिजिटल समूह भी बनाया गया है। गांव स्तर की हर तरह की सूचनाएं थाने के अलावा एसपी तक आसानी से पहुंचे, इसके लिए नई तकनीक का प्रयोग किया गया है। डिजिटल वालंटियर के माध्यम से आमजन तक पुलिस की पकड़ मजबूत बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास है। जिले स्तर पर सीओ लाइंस राजीव यादव को इसका नोडल पुलिस अधिकारी बनाया गया है। ताकि गांव स्तर पर किसी संदिग्ध के पहुंचने, किसी तरह की घटना होने की आशंका या फिर विवाद हो जाने पर पुलिस तक सूचना आसानी से पहुंच सके। इसमें ट्विटर पोल की व्यवस्था की गई है। पुलिस डिजिटल वालंटियर ग्रुप के सदस्यों को लिंक भेजेगी। इसके साथ ही क्यूआर कोड भी उपलब्ध कराएंगी। डिजिटल वालंटियर उस लिंक और क्यूआर कोड को आमजन तक पहुंचाएंगे। आम जनता संबंधित गांव के बीट पुलिस ऑफिसर के बारे में ट्विटर अथवा क्यूआर कोड के जरिए अपनी राय देंगे। जनता के जरिए दिए गए फीडबैक से ही बीट पुलिस अधिकारी के कार्य का मापदंड तय होगा। इसके साथ ही बीट पुलिस अधिकारी का उत्तरदायित्च तय किया जाएगा। निगरानी के लिए फीडबैक सेल का गठन किया जाएगा। ऐसी नई व्यवस्था से पुलिस और जनता के बीच जहां बेहतर संबंध स्थापित होंगे, वहीं, बीट पुलिस ऑफिसर की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी हासिल हो सकेगी। इसके अलावा सूचनाओं के आदान-प्रदान से अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई करने में पुलिस को आसानी होगी। संवाद
इंसेट
डिजिटल वालंटियर की मदद लेकर जनता के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। आम जनता से बीट पुलिस ऑफिसर का फीड बैक लिया जाएगा। फीड बैक सेल का गठन किया जा रहा है। बेहतर कार्य करने वाले बीट पुलिस ऑफिसर को पोल स्टार ऑफ मंथ का पुरस्कार भी दिया जाएगा। आम जनता के माध्यम से ही संबंधित थाने के एसओ की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी हासिल होगी। मकसद पुलिस और जनता के बीच समन्वय स्थापित करना तो है ही, इसके साथ ही बेहतर पुलिसिंग के जरिए अपराध एवं अपराधियों पर रोक लगाना भी है।
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-सोनम कुमार, एसपी
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जनता के फीडबैक से बीट ऑफिसर का तय होगा कार्य का पैमाना
बेहतर कार्य करने वाले बीट पुलिस ऑफिसर को मिलेगा पोल स्टार ऑफ द मंथ का पुरस्कार
संतकबीरनगर। एसपी ने जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में पहल की है। डिजिटल वालंटियर की मदद जनता और पुलिस के बीच समन्वय स्थापित करने में ली जाएगी। बीट पुलिस ऑफिसर के कार्य व्यवहार के बारे में ट्विटर के माध्यम से आमजनता से फीड बैक लिया जाएगा।
अपराध एवं अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस महकमे में थाने स्तर पर हर गांव में बीट पुलिस ऑफिसर की तैनाती की गई है। गांव स्तर पर ही पुलिस ने संभ्रांत लोगों की सूची बनाई है। इसमें प्रधान, पूर्व प्रधान, पूर्व सैनिक, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी व कर्मी, चौकीदार, आशा कार्यकर्ता आदि को शामिल किया गया है। संभ्रांत लोगों का डिजिटल समूह भी बनाया गया है। गांव स्तर की हर तरह की सूचनाएं थाने के अलावा एसपी तक आसानी से पहुंचे, इसके लिए नई तकनीक का प्रयोग किया गया है। डिजिटल वालंटियर के माध्यम से आमजन तक पुलिस की पकड़ मजबूत बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास है। जिले स्तर पर सीओ लाइंस राजीव यादव को इसका नोडल पुलिस अधिकारी बनाया गया है। ताकि गांव स्तर पर किसी संदिग्ध के पहुंचने, किसी तरह की घटना होने की आशंका या फिर विवाद हो जाने पर पुलिस तक सूचना आसानी से पहुंच सके। इसमें ट्विटर पोल की व्यवस्था की गई है। पुलिस डिजिटल वालंटियर ग्रुप के सदस्यों को लिंक भेजेगी। इसके साथ ही क्यूआर कोड भी उपलब्ध कराएंगी। डिजिटल वालंटियर उस लिंक और क्यूआर कोड को आमजन तक पहुंचाएंगे। आम जनता संबंधित गांव के बीट पुलिस ऑफिसर के बारे में ट्विटर अथवा क्यूआर कोड के जरिए अपनी राय देंगे। जनता के जरिए दिए गए फीडबैक से ही बीट पुलिस अधिकारी के कार्य का मापदंड तय होगा। इसके साथ ही बीट पुलिस अधिकारी का उत्तरदायित्च तय किया जाएगा। निगरानी के लिए फीडबैक सेल का गठन किया जाएगा। ऐसी नई व्यवस्था से पुलिस और जनता के बीच जहां बेहतर संबंध स्थापित होंगे, वहीं, बीट पुलिस ऑफिसर की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी हासिल हो सकेगी। इसके अलावा सूचनाओं के आदान-प्रदान से अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई करने में पुलिस को आसानी होगी। संवाद
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डिजिटल वालंटियर की मदद लेकर जनता के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। आम जनता से बीट पुलिस ऑफिसर का फीड बैक लिया जाएगा। फीड बैक सेल का गठन किया जा रहा है। बेहतर कार्य करने वाले बीट पुलिस ऑफिसर को पोल स्टार ऑफ मंथ का पुरस्कार भी दिया जाएगा। आम जनता के माध्यम से ही संबंधित थाने के एसओ की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी हासिल होगी। मकसद पुलिस और जनता के बीच समन्वय स्थापित करना तो है ही, इसके साथ ही बेहतर पुलिसिंग के जरिए अपराध एवं अपराधियों पर रोक लगाना भी है।
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-सोनम कुमार, एसपी