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हनुमानगढ़ी मठ पर कब्जे के लिए विवाद
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भीटी माफी स्थित मठ पर पहुंचकर कीर्तन पाठ करते गांव के लोग और संत।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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हनुमानगढ़ी मठ पर कब्जे के लिए विवाद
- मठ की जमीन के लिए दो महंतों में चल रहा है झगड़ा
- तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझाकर मठ परिसर से हटाया
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। महुली थाना क्षेत्र के भीटी माफी में स्थित हनुमान गढ़ी मठ का विवाद रविवार को बढ़ गया। एक महंत के पक्ष में ग्रामीण लामबंद हो गए और गांव के एक व्यक्ति पर मठ पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया। ग्रामीण महंत की अगुवाई में मठ पर पहुंचकर हरिकिर्तन शुरू कर दिए। सूचना पर तहसीलदार रत्नेश तिवारी पहुंच गए। पुलिस प्रशासन के सहयोग से ग्रामीणों को हटवाया। दोनों पक्षो से बातचीत किया और कहा कि जब तक रिसीवर की नियुक्ति नहीं होता है तब तक यहां कोई कार्य नहीं होगा।
जानकारी के अनुसार ग्राम भीटी माफी में हनुमान गढ़ी मठ के नाम से सौ बीघा से अधिक भूमि है। जिसमें स्कूल के साथ-साथ कुछ हिस्से पर आबादी है। मठ पर उत्तराधिकारी बनने के लिए गांव के एक महंत एवं अयोध्या के एक महंत के बीच विवाद है। दोनों पक्षों ने तहसीलदार कोर्ट में अर्जी लगाया था। तहसीलदार रत्नेश तिवारी की कोर्ट ने 18 मई 2022 को फैसला किया कि मठ की भूमि पर दोनों पक्ष दखलअंदाजी नहीं कर सकता है। सेक्शन 145 की कार्रवाई अपर कोर्ट में चल रही है। न्यायालय के फैसले के बाद ही उस पर कुछ हो सकता है।
उधर, रविवार को अयोध्या से आए महंत के पक्ष ग्रामीण उतर गए। सूचना पर पुलिस फोर्स भी पहुंच गई। तहसीलदार रत्नेश तिवारी ने दोनों पक्षों को दखलअंदाजी नहीं करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब तक न्यायालय के आदेश पर रिसीवर नियुक्त नहीं हो जाता तब तक मठ पर किसी तरह की गतिविधि नहीं होगी।
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- मठ की जमीन के लिए दो महंतों में चल रहा है झगड़ा
- तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझाकर मठ परिसर से हटाया
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। महुली थाना क्षेत्र के भीटी माफी में स्थित हनुमान गढ़ी मठ का विवाद रविवार को बढ़ गया। एक महंत के पक्ष में ग्रामीण लामबंद हो गए और गांव के एक व्यक्ति पर मठ पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया। ग्रामीण महंत की अगुवाई में मठ पर पहुंचकर हरिकिर्तन शुरू कर दिए। सूचना पर तहसीलदार रत्नेश तिवारी पहुंच गए। पुलिस प्रशासन के सहयोग से ग्रामीणों को हटवाया। दोनों पक्षो से बातचीत किया और कहा कि जब तक रिसीवर की नियुक्ति नहीं होता है तब तक यहां कोई कार्य नहीं होगा।
जानकारी के अनुसार ग्राम भीटी माफी में हनुमान गढ़ी मठ के नाम से सौ बीघा से अधिक भूमि है। जिसमें स्कूल के साथ-साथ कुछ हिस्से पर आबादी है। मठ पर उत्तराधिकारी बनने के लिए गांव के एक महंत एवं अयोध्या के एक महंत के बीच विवाद है। दोनों पक्षों ने तहसीलदार कोर्ट में अर्जी लगाया था। तहसीलदार रत्नेश तिवारी की कोर्ट ने 18 मई 2022 को फैसला किया कि मठ की भूमि पर दोनों पक्ष दखलअंदाजी नहीं कर सकता है। सेक्शन 145 की कार्रवाई अपर कोर्ट में चल रही है। न्यायालय के फैसले के बाद ही उस पर कुछ हो सकता है।
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उधर, रविवार को अयोध्या से आए महंत के पक्ष ग्रामीण उतर गए। सूचना पर पुलिस फोर्स भी पहुंच गई। तहसीलदार रत्नेश तिवारी ने दोनों पक्षों को दखलअंदाजी नहीं करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब तक न्यायालय के आदेश पर रिसीवर नियुक्त नहीं हो जाता तब तक मठ पर किसी तरह की गतिविधि नहीं होगी।
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