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थमी धान खरीद की रफ्तार, किसान परेशान
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नवीनमंडी में धान लदी खडी ट्रालिया।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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थमी धान खरीद की रफ्तार, किसान परेशान
- लक्ष्य पूरा होने पर निहैला केंद्र प्रभारी ने खरीद बंद किया
- जसवल भरवलिया केंद्र पर पांच दिनों से लटका है ताला
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर/ पौली। जिले में धान खरीद की रफ्तार थम गई है। किसी केंद्र पर ताला लटका है तो कहीं पर लक्ष्य पूरा होने का हवाला देकर केंद्र प्रभारी धान नहीं खरीद रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ खरीदा गया 25 हजार मीट्रिक टन धान केंद्रों पर पड़ा हुआ है।
विकास खंड पौली के छोटे- मझोले किसान भले ही धान क्रय केंद्रों का चक्कर काट रहे हो लेकिन हाट शाखा का क्रय केंद्र निहैला अपने खरीद के लक्ष्य की पूर्ति के करीब पहुंचने का दावा करते हुए धान की खरीद करने से हाथ खड़ा कर दिया है। निहैला में संचालित हाट शाखा के धान क्रय केंद्र का 10000 क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। जिसके सापेक्ष 117 किसानों से 7,646 क्विंटल धान खरीद कर लेने का दावा करते हुए केंद्र प्रभारी ने धान खरीद करने से अब हाथ खड़ा कर लिया है। मंगलवार को धान बेचने के लिए क्रय केंद्र पर पहुंचे किसान रामलाल चौधरी, राम सुभग, दीनदयाल, कालेश्वर, जय राम पांडेय, राजाराम यादव, झीनक चौधरी आदि का कहना है कि धान बेचने के लिए महीने भर से धान क्रय केंद्र का चक्कर काट रहे हैं लेकिन इस केंद्र पर छोटे और मझोले किसानों की खरीद नहीं की जा रही है। वही बड़े काश्तकारों और पहुंच वालों का धान बहुत दिनों पहले ही तौल लिया गया। उनका भुगतान भी हो गया। किसानों का कहना है कि टोकन सिस्टम लागू होने से शासन- प्रशासन के लोग दावा करते हैं कि कहीं भी अपना धान बेच सकते हैं लेकिन 10, 20 क्विंटल धान बेचने वाले किसानों का कोई सुनने वाला नहीं है।
इस संबंध में केंद्र प्रभारी आनंद कुमार देव ने बताया कि क्रय केंद्र का 10000 क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य था। जिसके सापेक्ष 117 किसानों से 7646 क्विंटल धान खरीद लिया गया है। गोदाम में अब जगह न होने के कारण धान खरीदी बंद कर दी गई है। केंद्र प्रभारी ने बताया कि टोकन सिस्टम के कारण इस केंद्र पर नाथनगर और हैंसर ब्लॉक के अधिकतर किसान अपना धान बेचे हैं।
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उधर बखिरा क्षेत्र के जसवल भरवलिया केंद्र पर पिछले पांच दिनों से ताला लटक रहा है। यहां किसानों को जानकारी देने वाला कोई जिम्मेदार नहीं है। इसी तरह करीब हर केंद्रों की स्थिति है। छोटे किसान धान बेचने को लेकर परेशान हैं। नवीन मंडी में पांच क्रय केंद्र संचालित होते हैं। यहां भी खरीद की व्यवस्था काफी लचर है। केंद्र पर खरीदे गए धान की आपूर्ति चावल मिलों पर नहीं हो पा रही है। जिसकी वजह से खरीदे गए धान केंद्र पर रखे गए हैं। डिप्टी आरएमओ रूपेश सिंह ने बताया कि जिले में 82 क्रय केंद्र हैं। 79,500 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला है। अब तक 9662 किसानों से 72 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। इसमें से करीब 25 हजार मीट्रिक टन धान केंद्रों पर पड़ा है। बारिश होने की वजह से रसहरा डिपो पर रास्ता खराब होने की वजह से ट्रक नहीं पहुंच पा रहा है। इसी वजह से मीलर धान लेने से हिचक रहे हैं। कहीं भी अभी धान खरीद बंद नहीं है। मौसम खराब होने से धान खरीद की रफ्तार थम गई है। इसकी वजह धान को सुरक्षित रखना है।
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- लक्ष्य पूरा होने पर निहैला केंद्र प्रभारी ने खरीद बंद किया
- जसवल भरवलिया केंद्र पर पांच दिनों से लटका है ताला
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर/ पौली। जिले में धान खरीद की रफ्तार थम गई है। किसी केंद्र पर ताला लटका है तो कहीं पर लक्ष्य पूरा होने का हवाला देकर केंद्र प्रभारी धान नहीं खरीद रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ खरीदा गया 25 हजार मीट्रिक टन धान केंद्रों पर पड़ा हुआ है।
विकास खंड पौली के छोटे- मझोले किसान भले ही धान क्रय केंद्रों का चक्कर काट रहे हो लेकिन हाट शाखा का क्रय केंद्र निहैला अपने खरीद के लक्ष्य की पूर्ति के करीब पहुंचने का दावा करते हुए धान की खरीद करने से हाथ खड़ा कर दिया है। निहैला में संचालित हाट शाखा के धान क्रय केंद्र का 10000 क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। जिसके सापेक्ष 117 किसानों से 7,646 क्विंटल धान खरीद कर लेने का दावा करते हुए केंद्र प्रभारी ने धान खरीद करने से अब हाथ खड़ा कर लिया है। मंगलवार को धान बेचने के लिए क्रय केंद्र पर पहुंचे किसान रामलाल चौधरी, राम सुभग, दीनदयाल, कालेश्वर, जय राम पांडेय, राजाराम यादव, झीनक चौधरी आदि का कहना है कि धान बेचने के लिए महीने भर से धान क्रय केंद्र का चक्कर काट रहे हैं लेकिन इस केंद्र पर छोटे और मझोले किसानों की खरीद नहीं की जा रही है। वही बड़े काश्तकारों और पहुंच वालों का धान बहुत दिनों पहले ही तौल लिया गया। उनका भुगतान भी हो गया। किसानों का कहना है कि टोकन सिस्टम लागू होने से शासन- प्रशासन के लोग दावा करते हैं कि कहीं भी अपना धान बेच सकते हैं लेकिन 10, 20 क्विंटल धान बेचने वाले किसानों का कोई सुनने वाला नहीं है।
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इस संबंध में केंद्र प्रभारी आनंद कुमार देव ने बताया कि क्रय केंद्र का 10000 क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य था। जिसके सापेक्ष 117 किसानों से 7646 क्विंटल धान खरीद लिया गया है। गोदाम में अब जगह न होने के कारण धान खरीदी बंद कर दी गई है। केंद्र प्रभारी ने बताया कि टोकन सिस्टम के कारण इस केंद्र पर नाथनगर और हैंसर ब्लॉक के अधिकतर किसान अपना धान बेचे हैं।
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उधर बखिरा क्षेत्र के जसवल भरवलिया केंद्र पर पिछले पांच दिनों से ताला लटक रहा है। यहां किसानों को जानकारी देने वाला कोई जिम्मेदार नहीं है। इसी तरह करीब हर केंद्रों की स्थिति है। छोटे किसान धान बेचने को लेकर परेशान हैं। नवीन मंडी में पांच क्रय केंद्र संचालित होते हैं। यहां भी खरीद की व्यवस्था काफी लचर है। केंद्र पर खरीदे गए धान की आपूर्ति चावल मिलों पर नहीं हो पा रही है। जिसकी वजह से खरीदे गए धान केंद्र पर रखे गए हैं। डिप्टी आरएमओ रूपेश सिंह ने बताया कि जिले में 82 क्रय केंद्र हैं। 79,500 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला है। अब तक 9662 किसानों से 72 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। इसमें से करीब 25 हजार मीट्रिक टन धान केंद्रों पर पड़ा है। बारिश होने की वजह से रसहरा डिपो पर रास्ता खराब होने की वजह से ट्रक नहीं पहुंच पा रहा है। इसी वजह से मीलर धान लेने से हिचक रहे हैं। कहीं भी अभी धान खरीद बंद नहीं है। मौसम खराब होने से धान खरीद की रफ्तार थम गई है। इसकी वजह धान को सुरक्षित रखना है।