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Sant Kabir Nagar News: बिगड़ रही आबोहवा, बढ़ रहे सांस के मरीज
Thu, 16 Mar 2023 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 16 Mar 2023 11:54 PM IST
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जिले में प्रदूषण मापक यंत्र की सुविधा नहीं
जिला अस्पताल में रोज आ रहे 100 से 150 सांस संबंधी मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। आबोहवा में दिन-प्रतिदिन प्रदूषण घुलता जा रहा है। रोज बढ़ रही वाहनों की संख्या, सड़कों की खराब स्थिति, फैक्ट्री और कारखानों से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 100 से 150 सांस संबंधी शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें से करीब 70 से 75 मरीज प्रदूषण से बीमार हो रहे हैं। संतकबीरनगर का एक्यूआई लेवल 147 है, जो मानक से अधिक है। ऐसे में यहां रह रहे लोगों की सेहत बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है। सांस संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। जिले में प्रदूषण मापक यंत्र नहीं है। जिला अस्पताल में भी इससे संबंधित बीमारियों की जांच के लिए सुविधा उपलब्ध नहीं है।
वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि वायु में मिलने वाले धूल के कणों, धुएं आदि प्रदूषण के कारकों से लोग बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि समय रहते लोग सचेत नहीं हुए तो गंभीर बीमारियों जैसे सोचने-समझने की शक्ति कम पड़ जाना, मस्तिष्क में क्लाटिंग होना, नवजात बच्चों का अस्थमा का शिकार हो जाना आदि के मामले बढ़ सकते हैं।
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प्रदूषण से होने वाली सांस संंबंधी बीमारियों के लक्षण
प्रदूषण से होने वाली सांस संंबंधी बीमारियों में सर्दी, जुखाम, गले का खराब होना, सांस फूलने के अलावा आंखों का लाल होना, आंखों से पानी आना, स्थमा का अटैक आदि प्रमुख लक्षण हैं। इसका सबसे अधिक प्रभाव बुजुर्गों, बच्चों के साथ गर्भवतियों पर पड़ता है। प्रदूषण से सब्जी और फलों की ऊपरी सतह खराब हो जाती है।
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बचाव के उपाय
-बिना जरूरत के घर से न निकलें।
-भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
-फल-सब्जी को गर्म पानी से धोकर इस्तेमाल करें।
-परेशानी होने पर डाॅक्टर से परामर्श लें।
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15 साल से पुराने 21,361 वाहन दौड़ रहे
एआरटीओ आन्जेय सिंह ने बताया कि जिले में कुल 1,81,373 वाहन पंजीकृत है। इसमें से 15 साल से पुराने वाहनों की कुल संख्या 21,361 है। व्यावसायिक वाहनों की संख्या 7218 है। प्राइवेट वाहनों की संख्या 14,143 है। एआरटीओ कार्यालय ने प्रदूषण का मानक न पूरा करने वाले 290 वाहनों क पंजीकरण रद्द कर दिया है। इसमें 250 व्यावसायिक वाहन और 40 प्राइवेट वाहन शामिल हैं। मानक को पूरा नहीं करने वाले वाहनों की जांच की जाती है। ऐसे वाहनों के पकड़े जाने पर जब्त की कार्रवाई की जाती है।
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जिला अस्पताल में रोज आ रहे 100 से 150 सांस संबंधी मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। आबोहवा में दिन-प्रतिदिन प्रदूषण घुलता जा रहा है। रोज बढ़ रही वाहनों की संख्या, सड़कों की खराब स्थिति, फैक्ट्री और कारखानों से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 100 से 150 सांस संबंधी शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें से करीब 70 से 75 मरीज प्रदूषण से बीमार हो रहे हैं। संतकबीरनगर का एक्यूआई लेवल 147 है, जो मानक से अधिक है। ऐसे में यहां रह रहे लोगों की सेहत बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है। सांस संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। जिले में प्रदूषण मापक यंत्र नहीं है। जिला अस्पताल में भी इससे संबंधित बीमारियों की जांच के लिए सुविधा उपलब्ध नहीं है।
वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि वायु में मिलने वाले धूल के कणों, धुएं आदि प्रदूषण के कारकों से लोग बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि समय रहते लोग सचेत नहीं हुए तो गंभीर बीमारियों जैसे सोचने-समझने की शक्ति कम पड़ जाना, मस्तिष्क में क्लाटिंग होना, नवजात बच्चों का अस्थमा का शिकार हो जाना आदि के मामले बढ़ सकते हैं।
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प्रदूषण से होने वाली सांस संंबंधी बीमारियों के लक्षण
प्रदूषण से होने वाली सांस संंबंधी बीमारियों में सर्दी, जुखाम, गले का खराब होना, सांस फूलने के अलावा आंखों का लाल होना, आंखों से पानी आना, स्थमा का अटैक आदि प्रमुख लक्षण हैं। इसका सबसे अधिक प्रभाव बुजुर्गों, बच्चों के साथ गर्भवतियों पर पड़ता है। प्रदूषण से सब्जी और फलों की ऊपरी सतह खराब हो जाती है।
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बचाव के उपाय
-बिना जरूरत के घर से न निकलें।
-भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
-फल-सब्जी को गर्म पानी से धोकर इस्तेमाल करें।
-परेशानी होने पर डाॅक्टर से परामर्श लें।
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15 साल से पुराने 21,361 वाहन दौड़ रहे
एआरटीओ आन्जेय सिंह ने बताया कि जिले में कुल 1,81,373 वाहन पंजीकृत है। इसमें से 15 साल से पुराने वाहनों की कुल संख्या 21,361 है। व्यावसायिक वाहनों की संख्या 7218 है। प्राइवेट वाहनों की संख्या 14,143 है। एआरटीओ कार्यालय ने प्रदूषण का मानक न पूरा करने वाले 290 वाहनों क पंजीकरण रद्द कर दिया है। इसमें 250 व्यावसायिक वाहन और 40 प्राइवेट वाहन शामिल हैं। मानक को पूरा नहीं करने वाले वाहनों की जांच की जाती है। ऐसे वाहनों के पकड़े जाने पर जब्त की कार्रवाई की जाती है।