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मानदेय के लिए आशा कार्यकर्ताओं ने भरी हुंकार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Mar 2018 11:41 PM IST
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जूनियर हाई स्कूल परिसर में बैठक करती आशा कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। आशा कर्मचारी यूनियन के बैनर तले रविवार को आशा कार्यकर्ताओं की बैठक जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद परिसर में जिलाध्यक्ष सरोज यादव की अध्यक्षता में हुई। इसमें आशा कार्यकर्ताओं ने निर्धारित मानदेय दिए जाने के लिए हुंकार भरी। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा।
जिलाध्यक्ष सरोज यादव ने कहा कि विधान सभा चुनाव के दौरान भाजपा ने आशा कार्यकर्ताओं को सुनिश्चित मानदेय दिए जाने की घोषणा की थी। सूबे में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी 120 दिन के अंदर आशा कार्यकर्ताओं की मांगों को पूरा करने का वादा किया था लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने कोई सुधि नहीं ली।
ऐसे में आशा कार्यकर्ता चुप बैठने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि अन्य प्रांतों में मानदेय की घोषणा हो रही है लेकिन प्रदेश की सरकार मौन साधे हुए है। कहा कि यदि सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो लोकसभा चुनाव में इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। मंडल संरक्षक सुभाष उपाध्याय ने कहा कि आशा कार्यकर्ता चौबीस घंटे स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए काम कर रही हैं।
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वित्तमंत्री अरुण जेटली ने भी निश्चित मानदेय देने की बात कहीं थी लेकिन अब सरकार अपना वादा पूरा नहीं कर रही है। बैठक में कमलावती देवी, बिंदू देवी, चित्रकला पांडेय, गीता गुप्ता, मधूबाला, रेखा शर्मा, चंद्रकला, अनीता देवी, ऊषा शर्मा, बीना पाल, देवेंद्र पांडेय, चंद्रभान, जय प्रकाश, हसमुख लाल शर्मा, अजय पांडेय, मीना पांडेय, मंजू देवी, गायत्री सिंह, पूनम, इसरावती, कैलाशी देवी आदि उपस्थित रहीं।
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जिलाध्यक्ष सरोज यादव ने कहा कि विधान सभा चुनाव के दौरान भाजपा ने आशा कार्यकर्ताओं को सुनिश्चित मानदेय दिए जाने की घोषणा की थी। सूबे में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी 120 दिन के अंदर आशा कार्यकर्ताओं की मांगों को पूरा करने का वादा किया था लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने कोई सुधि नहीं ली।
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ऐसे में आशा कार्यकर्ता चुप बैठने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि अन्य प्रांतों में मानदेय की घोषणा हो रही है लेकिन प्रदेश की सरकार मौन साधे हुए है। कहा कि यदि सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो लोकसभा चुनाव में इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। मंडल संरक्षक सुभाष उपाध्याय ने कहा कि आशा कार्यकर्ता चौबीस घंटे स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए काम कर रही हैं।
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वित्तमंत्री अरुण जेटली ने भी निश्चित मानदेय देने की बात कहीं थी लेकिन अब सरकार अपना वादा पूरा नहीं कर रही है। बैठक में कमलावती देवी, बिंदू देवी, चित्रकला पांडेय, गीता गुप्ता, मधूबाला, रेखा शर्मा, चंद्रकला, अनीता देवी, ऊषा शर्मा, बीना पाल, देवेंद्र पांडेय, चंद्रभान, जय प्रकाश, हसमुख लाल शर्मा, अजय पांडेय, मीना पांडेय, मंजू देवी, गायत्री सिंह, पूनम, इसरावती, कैलाशी देवी आदि उपस्थित रहीं।