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सीएम से मगहर महोत्सव का आयोजन कराने की मांग
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सीएम से मगहर महोत्सव का आयोजन कराने की मांग
मगहर। बुधवार को मगहर महोत्सव बचाओ समिति के संयोजक अभिजीत श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मगहर महोत्सव का आयोजन कराए जाने के संबंध में सीएम को संबोधित मांग पत्र अपर एसडीएम को सौंपा। समिति के संयोजक ने 11 जनवरी तक महोत्सव के आयोजन पर निर्णय नहीं होने की दशा में धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी प्रशासन को दी।
मगहर महोत्सव बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक/रालोद प्रदेश प्रवक्ता अभिजीत श्रीवास्तव ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से महोत्सव समिति कोई न कोई कारण दिखाते हुए महोत्सव को स्थगित कर देती है। इससे महोत्सव से जुड़े कबीर पंथ के श्रद्धालुओं, दुकानदारों और व्यापारियों की आस्था को ठेस पहुंच रही है। यह मात्र मेला ही नहीं, बल्कि कबीर से जुड़ी आस्था का महोत्सव है। मगहर महोत्सव के आयोजन के स्थगित होने से इसके इतिहास को मिटाने का कुचक्र साफ नजर आने लगा है।
उन्होंने कहा कि 1987 में मगहर महोत्सव के आयोजन में तत्कालीन अधिकारियों के साथ कस्बे के वेद प्रकाश चौबे, राम शंकर यादव, नासिर आली खां, अरविंद चौधरी, सैय्यद शमीम अहमद, हरिश्चंद दूबे आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मगहर महोत्सव को एक भव्य रूप दिया गया। उन्होंने मगहर महोत्सव समिति पर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोजन के लिए समिति कभी भी गंभीर नहीं रही है। इस कारण महोत्सव के आयोजन में कठिनाइयां आती हैं।
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कहा कि यदि 11 जनवरी तक मगहर महोत्सव के आयोजन पर शासन अथवा आयोजन समिति कोई निर्णय नहीं लेती है तो उसके बाद शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर अवधेश सिंह, सत्य नारायण वर्मा, फैज खान फैजी, तनवीर अहमद, पूर्व चेयरमैन नुरुज्जमा अंसारी, आत्मचैतन्य उर्फ रामू यादव, अब्दुर्रहमान विक्की खां, गजेंद्र गुप्ता उर्फ गज्जू, दिनेश उर्फ मक्खन मास्टर, अरुण कुमार, शंभू निषाद, मो. आरिफ, धर्मेद्र कुमार, प्रवेश वर्मा, महेश पांडेय आदि शामिल रहे।
इस बारे में डीएम दिव्या मित्तल ने कहा कि मगहर महोत्सव कबीर की आस्था से जुड़ा है, यह सच है। प्रशासन की कोशिश है कि महोत्सव का आयोजन हो। उसके लिए रिमाइंडर पत्र भेजकर शासन से बजट की मांग की गई है। वैसे अभी तक बजट की स्वीकृति के संबंध में कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। बजट स्वीकृत होने पर कार्यक्रम का आयोजन कराया जाएगा।
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मगहर। बुधवार को मगहर महोत्सव बचाओ समिति के संयोजक अभिजीत श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मगहर महोत्सव का आयोजन कराए जाने के संबंध में सीएम को संबोधित मांग पत्र अपर एसडीएम को सौंपा। समिति के संयोजक ने 11 जनवरी तक महोत्सव के आयोजन पर निर्णय नहीं होने की दशा में धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी प्रशासन को दी।
मगहर महोत्सव बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक/रालोद प्रदेश प्रवक्ता अभिजीत श्रीवास्तव ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से महोत्सव समिति कोई न कोई कारण दिखाते हुए महोत्सव को स्थगित कर देती है। इससे महोत्सव से जुड़े कबीर पंथ के श्रद्धालुओं, दुकानदारों और व्यापारियों की आस्था को ठेस पहुंच रही है। यह मात्र मेला ही नहीं, बल्कि कबीर से जुड़ी आस्था का महोत्सव है। मगहर महोत्सव के आयोजन के स्थगित होने से इसके इतिहास को मिटाने का कुचक्र साफ नजर आने लगा है।
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उन्होंने कहा कि 1987 में मगहर महोत्सव के आयोजन में तत्कालीन अधिकारियों के साथ कस्बे के वेद प्रकाश चौबे, राम शंकर यादव, नासिर आली खां, अरविंद चौधरी, सैय्यद शमीम अहमद, हरिश्चंद दूबे आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मगहर महोत्सव को एक भव्य रूप दिया गया। उन्होंने मगहर महोत्सव समिति पर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोजन के लिए समिति कभी भी गंभीर नहीं रही है। इस कारण महोत्सव के आयोजन में कठिनाइयां आती हैं।
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कहा कि यदि 11 जनवरी तक मगहर महोत्सव के आयोजन पर शासन अथवा आयोजन समिति कोई निर्णय नहीं लेती है तो उसके बाद शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर अवधेश सिंह, सत्य नारायण वर्मा, फैज खान फैजी, तनवीर अहमद, पूर्व चेयरमैन नुरुज्जमा अंसारी, आत्मचैतन्य उर्फ रामू यादव, अब्दुर्रहमान विक्की खां, गजेंद्र गुप्ता उर्फ गज्जू, दिनेश उर्फ मक्खन मास्टर, अरुण कुमार, शंभू निषाद, मो. आरिफ, धर्मेद्र कुमार, प्रवेश वर्मा, महेश पांडेय आदि शामिल रहे।
इस बारे में डीएम दिव्या मित्तल ने कहा कि मगहर महोत्सव कबीर की आस्था से जुड़ा है, यह सच है। प्रशासन की कोशिश है कि महोत्सव का आयोजन हो। उसके लिए रिमाइंडर पत्र भेजकर शासन से बजट की मांग की गई है। वैसे अभी तक बजट की स्वीकृति के संबंध में कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। बजट स्वीकृत होने पर कार्यक्रम का आयोजन कराया जाएगा।