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एससी-एसटी एक्ट पुन: लागू किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Mon, 02 Apr 2018 11:10 PM IST
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धनघटा में प्रदर्शन करते दलित समाज के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को पुन: लागू किए जाने की मांग को लेकर सोमवार को बसपा, राष्ट्रीय लोकदल सहित विभिन्न दलों के लोगों ने शहर में प्रदर्शन किया। इस दौरान शहर में जुलूस निकाला गया और दुकानें बंद कराने की कोशिश की गई। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित मांग पत्र डीएम को दिया।
बहुजन समाज पार्टी के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद के परिसर में एकत्र हुए। यहां से जुलूस निकाला जो बैंक चौराहा, गोलाबाजार, मुखलिसपुर तिराहा, आजाद चौक होते हुए मेंहदावल बाईपास चौराहे पर पहुंचे और सभा की। यहां पर बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र राव ने कहा कि भारत में जातीय आधार पर एससी, एसटी वर्ग के गरीब, लाचार व कमजोर लोगों के ऊपर अत्याचार होता रहा है। इसकी रोकथाम के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 बनाकर लागू किया था। अब इस कानून को शिथिल किया जा रहा है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हस्तक्षेप करते हुए एससी एसटी एक्ट को पुन: लागू करें। प्रदर्शन में धर्मदेव गौतम, पूर्व विधायक भगवान दास, लालचंद्र निषाद, सुरेश मौर्या, अशोक कुमार कन्नौजिया, अजय कन्नौजिया, धर्मेंद्र कुमार, अमृतानंद, राजाराम, शैलेश कुमार, प्रभुनाथ, राम जनक, अवनीश कुमार, चंद्रभान गौतम, अमित कुमार, भूपेंद्र सिंह, अभिषेक, राष्ट्रीय लोकदल के पूर्वांचल अध्यक्ष गंगा सिंह सैथवार, अब्दुल मोईद, अजय सिंह सैथवार, वसीम अहमद, सर्वजीत पासवान, सुभाष राव, नवीआस सिद्दीकी, विवेक कुमार, मकबूल, एखलाक, वीरेंद्र चौहान, पंचराम, विजय कुमार, फुजैल अख्तर आदि लोग शामिल रहे।
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हैंसर। अनुसूचित जाति जनजाति उत्पीडन प्रतिरोधक कानून कमजोर किए जाने के विरोध में दलित संगठनो द्वारा भारत बंद का किए आह्वान पर सोमवार को धनघटा में दलित समाज के लोग सड़क पर उतर गए। इस दौरान दुकानो को बंद कराकर धनघटा चौक जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक यातायात बंद रहा। बाद मे तहसील में पहुंच कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया।
दलित समाज के साथ सफाई कर्मचारी संघ, शिक्षक संघ के लोग भारी संख्या में धनघटा चौक पर सुबह 10 बजे एकत्रित हो गए। थोड़ी ही देर में धनघटा चौक पर जाम लगा दिया। जिससे खलीलाबाद, शनिचरा बाजार और हैंसर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। इस दौरान कुछ पुलिस वालो से झड़प भी हुई लेकिन मामले को समझा बुझाकर शांत कर दिया गया। उसके बाद आंदोलनकारी तहसील में पहुंचे और एसडीएम बाबूराम को ज्ञापन दिए।
इस मौके पर प्रधानाचार्य महेशराम, बसपा नेता नीलमणि, बृजेंद्र कुमार, रामभजन गौतम, श्रीकांत, रामकरन, रामकेश, रामप्रताप, धर्मेंद्र कुमार, रामबचन, रामगोपाल, डॉक्टर रमाकांत, नरेंद्र कुमार, गणेश प्रसाद, खुशियाल, अनिल कुमार, विनोद कुमार, राजमणि, गिरधारीलाल, महेंद्र कुमार अमरोही, राधेश्याम, बलिराम, राजाराम, सीताराम, अशोक कुमार, भीमावती, उमेश आदि लोग मौजूद रहे।
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बहुजन समाज पार्टी के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद के परिसर में एकत्र हुए। यहां से जुलूस निकाला जो बैंक चौराहा, गोलाबाजार, मुखलिसपुर तिराहा, आजाद चौक होते हुए मेंहदावल बाईपास चौराहे पर पहुंचे और सभा की। यहां पर बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र राव ने कहा कि भारत में जातीय आधार पर एससी, एसटी वर्ग के गरीब, लाचार व कमजोर लोगों के ऊपर अत्याचार होता रहा है। इसकी रोकथाम के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 बनाकर लागू किया था। अब इस कानून को शिथिल किया जा रहा है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हस्तक्षेप करते हुए एससी एसटी एक्ट को पुन: लागू करें। प्रदर्शन में धर्मदेव गौतम, पूर्व विधायक भगवान दास, लालचंद्र निषाद, सुरेश मौर्या, अशोक कुमार कन्नौजिया, अजय कन्नौजिया, धर्मेंद्र कुमार, अमृतानंद, राजाराम, शैलेश कुमार, प्रभुनाथ, राम जनक, अवनीश कुमार, चंद्रभान गौतम, अमित कुमार, भूपेंद्र सिंह, अभिषेक, राष्ट्रीय लोकदल के पूर्वांचल अध्यक्ष गंगा सिंह सैथवार, अब्दुल मोईद, अजय सिंह सैथवार, वसीम अहमद, सर्वजीत पासवान, सुभाष राव, नवीआस सिद्दीकी, विवेक कुमार, मकबूल, एखलाक, वीरेंद्र चौहान, पंचराम, विजय कुमार, फुजैल अख्तर आदि लोग शामिल रहे।
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हैंसर। अनुसूचित जाति जनजाति उत्पीडन प्रतिरोधक कानून कमजोर किए जाने के विरोध में दलित संगठनो द्वारा भारत बंद का किए आह्वान पर सोमवार को धनघटा में दलित समाज के लोग सड़क पर उतर गए। इस दौरान दुकानो को बंद कराकर धनघटा चौक जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक यातायात बंद रहा। बाद मे तहसील में पहुंच कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया।
दलित समाज के साथ सफाई कर्मचारी संघ, शिक्षक संघ के लोग भारी संख्या में धनघटा चौक पर सुबह 10 बजे एकत्रित हो गए। थोड़ी ही देर में धनघटा चौक पर जाम लगा दिया। जिससे खलीलाबाद, शनिचरा बाजार और हैंसर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। इस दौरान कुछ पुलिस वालो से झड़प भी हुई लेकिन मामले को समझा बुझाकर शांत कर दिया गया। उसके बाद आंदोलनकारी तहसील में पहुंचे और एसडीएम बाबूराम को ज्ञापन दिए।
इस मौके पर प्रधानाचार्य महेशराम, बसपा नेता नीलमणि, बृजेंद्र कुमार, रामभजन गौतम, श्रीकांत, रामकरन, रामकेश, रामप्रताप, धर्मेंद्र कुमार, रामबचन, रामगोपाल, डॉक्टर रमाकांत, नरेंद्र कुमार, गणेश प्रसाद, खुशियाल, अनिल कुमार, विनोद कुमार, राजमणि, गिरधारीलाल, महेंद्र कुमार अमरोही, राधेश्याम, बलिराम, राजाराम, सीताराम, अशोक कुमार, भीमावती, उमेश आदि लोग मौजूद रहे।