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Sant Kabir Nagar News: 61 स्कूलों से हटेगा खतरा...87 लाख जारी
Mon, 21 Jul 2025 11:09 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 21 Jul 2025 11:09 PM IST
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पौली के कंपोजिट विद्यालय कुड़वा में लगा ट्रांसफार्मर व हाईटेंशन तार
संतकबीरनगर। जिले के 61 परिषदीय विद्यालयों की छतों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार 10 हजार बच्चों के लिए खतरे का सबब बने हैं।
इन विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों की जान हर दिन खतरे में रहती है। जल्द ही इन स्कूलों के भवनों से खतरा हट जाएगा इसके लिए 87 लाख रुपये का बजट जारी हुआ है। वहीं अधिकारियों को कहना है कि जहां पर खतरा ज्यादा वहां एक माह में तार हटवा दिया जाएगा।
बता दें जिले में संचालित होने वाले 1247 परिषदीय स्कूलों में से 61 ऐसे हैं, जिनके ऊपर से हाईटेंशन बिजली की लाइनें गुजर रहीं हैं। इससे हर समय शिक्षक और बच्चों पर खतरा मंडराता रहता है। बिजली निगम ने इसे हटाने के लिए सर्वे कर एस्टीमेट तैयार कर बेसिक विभाग की ओर से शासन को भेजा लेकिन धनराशि न मिलने की वजह से एचटी लाइनें शिफ्ट नहीं की जा सकीं।
वहीं कंपोजिट विद्यालय रमवापुर, प्राथमिक विद्यालय खेवसिया, कंपोजिट विद्यालय कुड़वा के अभिभावकों के अलावा स्कूल के प्रधानाध्यापकों ने बिजली निगम को लाइनें हटाने के लिए पत्राचार किया, लेकिन हर बार बजट न मिल पाने की वजह से लाइनें हट नहीं पाईं।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बिजली निगम के अधिकारियों से भी लाइन हटवाने की मांग की, लेकिन बिजली निगम बजट का रोना रोते हुए मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। अब से शासन बजट मिलने के बाद बच्चों की सुरक्षा की आस जगी है।
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इन विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों की जान हर दिन खतरे में रहती है। जल्द ही इन स्कूलों के भवनों से खतरा हट जाएगा इसके लिए 87 लाख रुपये का बजट जारी हुआ है। वहीं अधिकारियों को कहना है कि जहां पर खतरा ज्यादा वहां एक माह में तार हटवा दिया जाएगा।
बता दें जिले में संचालित होने वाले 1247 परिषदीय स्कूलों में से 61 ऐसे हैं, जिनके ऊपर से हाईटेंशन बिजली की लाइनें गुजर रहीं हैं। इससे हर समय शिक्षक और बच्चों पर खतरा मंडराता रहता है। बिजली निगम ने इसे हटाने के लिए सर्वे कर एस्टीमेट तैयार कर बेसिक विभाग की ओर से शासन को भेजा लेकिन धनराशि न मिलने की वजह से एचटी लाइनें शिफ्ट नहीं की जा सकीं।
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वहीं कंपोजिट विद्यालय रमवापुर, प्राथमिक विद्यालय खेवसिया, कंपोजिट विद्यालय कुड़वा के अभिभावकों के अलावा स्कूल के प्रधानाध्यापकों ने बिजली निगम को लाइनें हटाने के लिए पत्राचार किया, लेकिन हर बार बजट न मिल पाने की वजह से लाइनें हट नहीं पाईं।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बिजली निगम के अधिकारियों से भी लाइन हटवाने की मांग की, लेकिन बिजली निगम बजट का रोना रोते हुए मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। अब से शासन बजट मिलने के बाद बच्चों की सुरक्षा की आस जगी है।