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Sant Kabir Nagar News: हमारी आंख में अगर काजल न होता, यह जो बैठा है पागल न होता
Sat, 27 May 2023 11:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 27 May 2023 11:51 PM IST
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धनघटा। नाथनगर ब्लॉक के महुली में शुक्रवार की रात आल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। संजीदा शायरी, हास्य व्यंग्य की प्रस्तुति सुनकर श्रोताओं ने जमकर दाद और तालियां बजाकर शायर व कवियों का उत्साह बढ़ाया।
कवयित्री विभा शुक्ला ने कहा कि हमारी आंख में अगर काजल न होता, यह जो बैठा है पागल न होता, सुनाकर युवा दिलों की धड़कन को तेज कर दिया। कार्यक्रम का आगाज शायर फखरुल इस्लाम ने नातिया-ए-पाक से किया। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ सपा नेता केडी यादव व जिला पंचायत अध्यक्ष बलराम यादव की मौजूदगी में शायर वसीम मजहर ने कहा कि नफरत के पुजारी को उभरने नहीं देंगे, हम देश किसी तरह बिखरने नहीं देंगे, को खूब पसंद किया गया।
शायरा चांदनी शबनम ने इश्किया शायरी और नज्म पढ़कर खूब वाहवाही बटोरी। अदनाम गोरखपुरी ने संजीदा शायरी पेश करते हुए कहा कि सोचता हूं मिट्टी का बदन जख्म कितना सह सकता है, सुनाकर वाहवाही लूटी। हास्य कवि गुफरान चुलबुल ने लोगों को जमकर हंसाते हुए कहा कि घर को अगर आए मेहमान फटाफट, हमहू तो किहन नुकसान फटा फट। बहराइच से आए शायर सादाब सरल ने गजल पेश करते हुए कहा कि हंसेगा चांद तो हमको भी मुस्कराना है, तुम्हारी झील सी आंखों में हमें घर बसाना है।
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मजाकिया शायर विकास बौखल ने हास्य व्यंग्य के माध्यम से श्रोताओं को ठहाका लगाने के लिए मजबूर कर दिया। शारिक इमानी ने कहा कि तेरी यादों में इतना फिरा की बादल होने वाला हूं, आ जाओ न मिलने मैं पागल होने वाला हूं।
इस मौके पर शायर वसीक रहबर, डॉ. सईद अख्तर, फिरोज बशर, नबी रहम सागर, नदीम अब्बासी नदीम अली अहमद, सलमान तालिब की प्रस्तुति का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। मुशायरा का संचालन युवा शायर असद मेहताब ने किया। इस मौके पर अब्दुल बारी, असजद हुसैन उर्फ पप्पू, फिरोज, जाहिद, मसलहुद्दीन, नफीस अहमद, नियाज अहमद, कैफ खान आदि लोग मौजूद रहे।
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कवयित्री विभा शुक्ला ने कहा कि हमारी आंख में अगर काजल न होता, यह जो बैठा है पागल न होता, सुनाकर युवा दिलों की धड़कन को तेज कर दिया। कार्यक्रम का आगाज शायर फखरुल इस्लाम ने नातिया-ए-पाक से किया। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ सपा नेता केडी यादव व जिला पंचायत अध्यक्ष बलराम यादव की मौजूदगी में शायर वसीम मजहर ने कहा कि नफरत के पुजारी को उभरने नहीं देंगे, हम देश किसी तरह बिखरने नहीं देंगे, को खूब पसंद किया गया।
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शायरा चांदनी शबनम ने इश्किया शायरी और नज्म पढ़कर खूब वाहवाही बटोरी। अदनाम गोरखपुरी ने संजीदा शायरी पेश करते हुए कहा कि सोचता हूं मिट्टी का बदन जख्म कितना सह सकता है, सुनाकर वाहवाही लूटी। हास्य कवि गुफरान चुलबुल ने लोगों को जमकर हंसाते हुए कहा कि घर को अगर आए मेहमान फटाफट, हमहू तो किहन नुकसान फटा फट। बहराइच से आए शायर सादाब सरल ने गजल पेश करते हुए कहा कि हंसेगा चांद तो हमको भी मुस्कराना है, तुम्हारी झील सी आंखों में हमें घर बसाना है।
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मजाकिया शायर विकास बौखल ने हास्य व्यंग्य के माध्यम से श्रोताओं को ठहाका लगाने के लिए मजबूर कर दिया। शारिक इमानी ने कहा कि तेरी यादों में इतना फिरा की बादल होने वाला हूं, आ जाओ न मिलने मैं पागल होने वाला हूं।
इस मौके पर शायर वसीक रहबर, डॉ. सईद अख्तर, फिरोज बशर, नबी रहम सागर, नदीम अब्बासी नदीम अली अहमद, सलमान तालिब की प्रस्तुति का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। मुशायरा का संचालन युवा शायर असद मेहताब ने किया। इस मौके पर अब्दुल बारी, असजद हुसैन उर्फ पप्पू, फिरोज, जाहिद, मसलहुद्दीन, नफीस अहमद, नियाज अहमद, कैफ खान आदि लोग मौजूद रहे।