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दो भाइयों पर केस दर्ज
Sant Kabir Nagar
Updated Tue, 08 Nov 2016 11:24 PM IST
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एसबीआई खलीलाबाद की शाखा में तैनात सहायक प्रबंधक से लखनऊ में जमीन देने के नाम पर दो भाइयों ने दस लाख रुपये लेकर हड़प लिए। इस मामले में पीड़ित की तहरीर पर मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने दो भाइयों के खिलाफ जालसाजी और अमानत में खयानत का केस दर्ज किया। एसबीआई खलीलाबाद के सहायक प्रबंधक पंकज कुमार सिंह का आरोप था कि इसके पूर्व वह लखनऊ में कार्यरत थे। लखनऊ में तैनाती के दौरान उनकी मुलाकात शाखा के ग्राहक नीरज कुमार चौधरी निवासी महसिंगपुर उमरी थाना ताल गांव क्षेत्र लहरपुर जिला सीतापुर से हुई जो उस समय लखनऊ में रह रहे थे।
आरोप था कि नीरज ने अपनी जमीन रघुनंदन कॉलोनी निकट बीबीडी यूनिवर्सिटी लखनऊ होना बताया और बेचने का जिक्र किया। उस जमीन को उन्होंने खरीदने की इच्छा जाहिर की। इसी दौरान मार्च 2015 में उनका तबादला खलीलाबाद हो गया। उसी जमीन को खरीदने के लिए नीरज के बहकावे में आकर उन्होंने दस लाख रुपये खलीलाबाद की शाखा से बने डिमांड डाफ्ट के जरिए अग्रिम भुगतान के रूप में उसके भाई संजय चौधरी को दिया।
जिसका भुगतान भी नीरज चौधरी ने करा लिया। आरोप था कि नीरज ने न तो जमीन दी और न ही उनकी रकम वापस की। आरोप था कि नीरज और उसके भाई संजय ने फरेब करके दस लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। कोतवाल कमला यादव ने बताया कि आरोपी भाइयों के खिलाफ रकम हड़पने और जालसाजी का केस दर्ज किया गया। विवेचना से जो तथ्य सामने आएगा, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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आरोप था कि नीरज ने अपनी जमीन रघुनंदन कॉलोनी निकट बीबीडी यूनिवर्सिटी लखनऊ होना बताया और बेचने का जिक्र किया। उस जमीन को उन्होंने खरीदने की इच्छा जाहिर की। इसी दौरान मार्च 2015 में उनका तबादला खलीलाबाद हो गया। उसी जमीन को खरीदने के लिए नीरज के बहकावे में आकर उन्होंने दस लाख रुपये खलीलाबाद की शाखा से बने डिमांड डाफ्ट के जरिए अग्रिम भुगतान के रूप में उसके भाई संजय चौधरी को दिया।
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जिसका भुगतान भी नीरज चौधरी ने करा लिया। आरोप था कि नीरज ने न तो जमीन दी और न ही उनकी रकम वापस की। आरोप था कि नीरज और उसके भाई संजय ने फरेब करके दस लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। कोतवाल कमला यादव ने बताया कि आरोपी भाइयों के खिलाफ रकम हड़पने और जालसाजी का केस दर्ज किया गया। विवेचना से जो तथ्य सामने आएगा, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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