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विजिलेंस टीम ने घूस लेते बीएसए को पकड़ा
Sant Kabir Nagar
Updated Tue, 28 Mar 2017 11:48 PM IST
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विजिलेंस टीम की गिरफ्त में बीएसए गजेंद्र।
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर की विजिलेंस टीम ने मंगलवार शाम बीएसए को उनके आवास पर एक निलंबित शिक्षक से 20 हजार रुपये घूूस लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली में बीएसए के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया।
देवरिया जिले के रामनाथ मोहल्ले के रहने वाले नवीन त्रिपाठी संतकबीरनगर जिले के सांथा ब्लॉक क्षेत्र के केचुआखोर स्थित प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। छह माह पहले बीएसए गजराज यादव ने निरीक्षण में अनुपस्थित मिलने पर उन्हें निलंबित कर दिया था। नवीन त्रिपाठी का कहना था कि वह आठ और नौ सितंबर को 15 मिनट ही देर से विद्यालय पहुंचे थे और चेकिंग में गैरहाजिर मिले थे। जबकि छह सितंबर से वह बेसिक शिक्षा विभाग में हस्ताक्षर अभियान चलाए थे। उन पर आरोप है कि 15 अक्टूबर को निरीक्षण में बीएसए ने अनुपस्थित मिलने पर निलंबित किया था। छह माह से अधिक समय से निलंबन के बाद भी बहाल नहीं करने पर उसने बात की तो बीएसए ने बहाल करने के एवज में 20 हजार रुपये घूस मांगी। जिसकी शिकायत उन्होंने गोरखपुर के विजिलेंस से कर दी।
विजिलेंस टीम के इंस्पेक्टर धराचार्य पांडेय और केदार गुप्ता ने बताया कि निलंबित शिक्षक नवीन त्रिपाठी ने विभाग के एसपी कुश सौरभ को दो मार्च को प्रार्थना पत्र देकर बीएसए पर प्रताड़ित करने और बहाल करने के लिए 20 हजार रुपये घूस मांगने का आरोप लगाया था। एसपी के निर्देश पर चार मार्च को इंस्पेक्टर बगेदूराम ने प्रारंभिक जांच करके रिपोर्ट दी, उसी के बाद एसपी ने टीम गठित कर बीएसए को पकड़ने की योजना बनाई।
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मंगलवार को शिक्षक ने फोन पर बीएसए से घूस देने की बात की। उसने शिक्षक को शाम को अपने आवास पर बुलाया, वहीं पर करीब सवा छह बजे विजिलेंस टीम ने बीएसए गजराज यादव को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बीएसए गजराज यादव का कहना है कि जब तक वह कुछ समझते निलंबित शिक्षक नवीन त्रिपाठी ने उनकी शर्ट के पाकेट में जबरन पैसा डाल दिया और उसी दौरान विजिलेंस टीम ने उन्हें पकड़ लिया। उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है
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देवरिया जिले के रामनाथ मोहल्ले के रहने वाले नवीन त्रिपाठी संतकबीरनगर जिले के सांथा ब्लॉक क्षेत्र के केचुआखोर स्थित प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। छह माह पहले बीएसए गजराज यादव ने निरीक्षण में अनुपस्थित मिलने पर उन्हें निलंबित कर दिया था। नवीन त्रिपाठी का कहना था कि वह आठ और नौ सितंबर को 15 मिनट ही देर से विद्यालय पहुंचे थे और चेकिंग में गैरहाजिर मिले थे। जबकि छह सितंबर से वह बेसिक शिक्षा विभाग में हस्ताक्षर अभियान चलाए थे। उन पर आरोप है कि 15 अक्टूबर को निरीक्षण में बीएसए ने अनुपस्थित मिलने पर निलंबित किया था। छह माह से अधिक समय से निलंबन के बाद भी बहाल नहीं करने पर उसने बात की तो बीएसए ने बहाल करने के एवज में 20 हजार रुपये घूस मांगी। जिसकी शिकायत उन्होंने गोरखपुर के विजिलेंस से कर दी।
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विजिलेंस टीम के इंस्पेक्टर धराचार्य पांडेय और केदार गुप्ता ने बताया कि निलंबित शिक्षक नवीन त्रिपाठी ने विभाग के एसपी कुश सौरभ को दो मार्च को प्रार्थना पत्र देकर बीएसए पर प्रताड़ित करने और बहाल करने के लिए 20 हजार रुपये घूस मांगने का आरोप लगाया था। एसपी के निर्देश पर चार मार्च को इंस्पेक्टर बगेदूराम ने प्रारंभिक जांच करके रिपोर्ट दी, उसी के बाद एसपी ने टीम गठित कर बीएसए को पकड़ने की योजना बनाई।
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मंगलवार को शिक्षक ने फोन पर बीएसए से घूस देने की बात की। उसने शिक्षक को शाम को अपने आवास पर बुलाया, वहीं पर करीब सवा छह बजे विजिलेंस टीम ने बीएसए गजराज यादव को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बीएसए गजराज यादव का कहना है कि जब तक वह कुछ समझते निलंबित शिक्षक नवीन त्रिपाठी ने उनकी शर्ट के पाकेट में जबरन पैसा डाल दिया और उसी दौरान विजिलेंस टीम ने उन्हें पकड़ लिया। उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है