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बंदी से मुलाकात करने की पर्ची से पुलिस की राह हुई आसान
संतकबीर नगर (ब्यूूूराो)
Updated Wed, 27 Dec 2017 11:59 PM IST
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धनघटा। बस्ती जिले के प्रधान की हत्या के आरोपियों की तलाश में परेशान पुलिस टीम बुधवार को राहत भरे भाव में दिखाई दी। जेल में बंद एक आरोपी से मुलाकात की पर्ची लगाने वाले दूसरे आरोपी की भनक पुलिस को लगी तो धर पकड़ का राह आसान हो गया। सूत्रो की माने तो देर शाम पुलिस के हाथ दो आरोपी लग गए,लेकिन पुलिस ने इस सफलता को दबाए रखा।
बस्ती जिले के चनुवा महरैयी के प्रधान रामचरित्र चौहान की रविवार को महुली क्षेत्र के शनिचरा चौबे के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रधान के पुत्र रामबचन ने गांव निवासी राजदेव चौधरी, धनपत और रामकेश चौहान के खिलाफ साजिश करके हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस को जब रामकेश चौहान के जिला जेल बस्ती में निरूद्ध होने की सूचना मिली तो पुलिस हरकत में आ गई। तीन दिनों तक संतकबीरनगर, बस्ती और अंबेडकरनगर जिले तक की खाक छानती पुलिस के हाथ खाली रहे। रामकेश चौहान के पहले से ही आर्म्स एक्ट के मुकदमें मे जेल में होने के कारण पुलिस को सिर्फ दो आरोपियों धनपत और राजदेव चौधरी की ही तलाश थी। घटना के चार दिन पूर्व धनपत द्वारा जेल में बंद रामकेश चौहान से पर्ची पर मुलाकात की पुष्टि हुई। गिरफ्तारी न होने से सर्वाधिक दवाब महुली पुलिस पर नजर आ रहा था। तीन दिनों तक पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता न मिलने पर दवाब की स्थिति बनने लगी थी। पुलिस सूत्रों की माने तो बुधवार की देर शाम दोनो फरार आरोपी महुली पुलिस के हत्थे लग गए। पुलिस के जरिए दोनों अभियुक्तों को साथ लेकर थाने आने की अंदरखाने पुलिस कर्मियों के बीच चर्चा उठने लगी। इंस्पेक्टर ईश्वरचंद्र प्रधान ने दोनों आरोपियों के गिरफ्तारी की पुष्टि तो नही किया, लेकिन महत्वपूर्ण सफलता मिलने के संकेत जरूर दिया।
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बस्ती जिले के चनुवा महरैयी के प्रधान रामचरित्र चौहान की रविवार को महुली क्षेत्र के शनिचरा चौबे के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रधान के पुत्र रामबचन ने गांव निवासी राजदेव चौधरी, धनपत और रामकेश चौहान के खिलाफ साजिश करके हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस को जब रामकेश चौहान के जिला जेल बस्ती में निरूद्ध होने की सूचना मिली तो पुलिस हरकत में आ गई। तीन दिनों तक संतकबीरनगर, बस्ती और अंबेडकरनगर जिले तक की खाक छानती पुलिस के हाथ खाली रहे। रामकेश चौहान के पहले से ही आर्म्स एक्ट के मुकदमें मे जेल में होने के कारण पुलिस को सिर्फ दो आरोपियों धनपत और राजदेव चौधरी की ही तलाश थी। घटना के चार दिन पूर्व धनपत द्वारा जेल में बंद रामकेश चौहान से पर्ची पर मुलाकात की पुष्टि हुई। गिरफ्तारी न होने से सर्वाधिक दवाब महुली पुलिस पर नजर आ रहा था। तीन दिनों तक पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता न मिलने पर दवाब की स्थिति बनने लगी थी। पुलिस सूत्रों की माने तो बुधवार की देर शाम दोनो फरार आरोपी महुली पुलिस के हत्थे लग गए। पुलिस के जरिए दोनों अभियुक्तों को साथ लेकर थाने आने की अंदरखाने पुलिस कर्मियों के बीच चर्चा उठने लगी। इंस्पेक्टर ईश्वरचंद्र प्रधान ने दोनों आरोपियों के गिरफ्तारी की पुष्टि तो नही किया, लेकिन महत्वपूर्ण सफलता मिलने के संकेत जरूर दिया।
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