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संदिग्ध हाल में एक शख्स की मौत
अमर उजाला/संतकबीरनगर
Updated Tue, 01 Mar 2016 11:53 PM IST
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मेंहदावल। क्षेत्र के बेलवनवा गांव के पूरब में स्थित खेत में छप्पर डाल कर
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रहने वाले एक व्यक्ति की संदिग्ध हालात में मंगलवार को मौत हो गई।
जानकारी के पुलिस अफसरों ने घटना स्थल का मौका मुआयना किया। झोपड़ी में आग लगने की वजह स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। बेलवनवा गांव निवासी रामवृक्ष निषाद(52) पुत्र मेड़ई गांव के पूरब खेत में छप्पर डाल कर अकेले रहते थे। उसकी शादी नही हुई थी।
मंगलवार दोपहर करीब 1.30 बजे उसके छप्पर में संदिग्ध परिस्थिति में आग लग गई। जानकारी पर जब तक गांव के लोग मौके पर जुटे,तब तक छप्पर के साथ रामवृक्ष की झुलस जाने से मौत हो गई। सूचना पर एसओ सुधीर सिंह मौके पर पहुंचे।
बाद में एएसपी अशोक वर्मा और सीओ उत्तम सिंह भी घटना स्थल का मौका मुआयना किया। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।आग लगने और झुलस कर रामवृक्ष की मृत्यु होने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई।
हालांकि गांव के लोग पांच जनवरी को चारपाई पर लाद कर रामवृक्ष को मेंहदावल तहसील दिवस में ले गए थे। जहां पर पीड़ित ने डीएम को शिकायती पत्र देकर यह आरोप लगाया था कि 15 दिसंबर 2015 को पेड़ पर चढ़ कर लकड़ी काटते समय वह गिर गया था।
जिससे उसके दाहिने पैर की हड्डी टूट गई। 19 दिसंबर को गांव के प्रधान बद्रीनाथ सिंह उसे उपचार कराने के लिए अपनी गाड़ी से अस्पताल ले गए थे।
उपचार और पेंशन का झांसा देकर उसकी भूमि बैनामा करा ली। इसके बाद न तो प्रधान उपचार कराया न ही रकम दी। एसओ ने बताया कि रामवृक्ष अविवाहित था और उसके दो भाई नेपाल में रहते है।
आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। वैसे प्रधान पर पूर्व में जो आरोप लगाया था कि उसकी भी जांच की जा रही है। प्रधान बद्रीनाथ सिंह से पूछताछ की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी करने के बाद ही इस मामले में स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी।
वहीं रामवृक्ष की मौत की सूचना पर मंगलवार शाम डीएम डॉक्टर सरोज कुमार और एसपी शैलेष कुमार पांडेय मौके पहुंचे। डीएम ने बताया कि पीड़ित रामवृक्ष निषाद की मौत को लेकर हत्या और आत्महत्या जैसी बातें उठ रहीं है। वैसे उसकी छप्पर में आग लगने और जलने से हुई उसकी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जैसी स्थिति होगी,वैसी कार्रवाई कराई जाएगी। वैसे पीड़ित ने पांच जनवरी को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर प्रधान पर बैनामा करा लेने और कम रकम देने का आरोप लगाया था।
इसकी जांच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम रहे रमेश रंजन को दी गई थी। सीएमओ को निर्देशित करके उपचार के लिए पीड़ित को तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया था। इसकी जांच पूरी हो गई है। तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी है।
जानकारी के पुलिस अफसरों ने घटना स्थल का मौका मुआयना किया। झोपड़ी में आग लगने की वजह स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। बेलवनवा गांव निवासी रामवृक्ष निषाद(52) पुत्र मेड़ई गांव के पूरब खेत में छप्पर डाल कर अकेले रहते थे। उसकी शादी नही हुई थी।
मंगलवार दोपहर करीब 1.30 बजे उसके छप्पर में संदिग्ध परिस्थिति में आग लग गई। जानकारी पर जब तक गांव के लोग मौके पर जुटे,तब तक छप्पर के साथ रामवृक्ष की झुलस जाने से मौत हो गई। सूचना पर एसओ सुधीर सिंह मौके पर पहुंचे।
बाद में एएसपी अशोक वर्मा और सीओ उत्तम सिंह भी घटना स्थल का मौका मुआयना किया। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।आग लगने और झुलस कर रामवृक्ष की मृत्यु होने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई।
हालांकि गांव के लोग पांच जनवरी को चारपाई पर लाद कर रामवृक्ष को मेंहदावल तहसील दिवस में ले गए थे। जहां पर पीड़ित ने डीएम को शिकायती पत्र देकर यह आरोप लगाया था कि 15 दिसंबर 2015 को पेड़ पर चढ़ कर लकड़ी काटते समय वह गिर गया था।
जिससे उसके दाहिने पैर की हड्डी टूट गई। 19 दिसंबर को गांव के प्रधान बद्रीनाथ सिंह उसे उपचार कराने के लिए अपनी गाड़ी से अस्पताल ले गए थे।
उपचार और पेंशन का झांसा देकर उसकी भूमि बैनामा करा ली। इसके बाद न तो प्रधान उपचार कराया न ही रकम दी। एसओ ने बताया कि रामवृक्ष अविवाहित था और उसके दो भाई नेपाल में रहते है।
आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। वैसे प्रधान पर पूर्व में जो आरोप लगाया था कि उसकी भी जांच की जा रही है। प्रधान बद्रीनाथ सिंह से पूछताछ की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी करने के बाद ही इस मामले में स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी।
वहीं रामवृक्ष की मौत की सूचना पर मंगलवार शाम डीएम डॉक्टर सरोज कुमार और एसपी शैलेष कुमार पांडेय मौके पहुंचे। डीएम ने बताया कि पीड़ित रामवृक्ष निषाद की मौत को लेकर हत्या और आत्महत्या जैसी बातें उठ रहीं है। वैसे उसकी छप्पर में आग लगने और जलने से हुई उसकी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जैसी स्थिति होगी,वैसी कार्रवाई कराई जाएगी। वैसे पीड़ित ने पांच जनवरी को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर प्रधान पर बैनामा करा लेने और कम रकम देने का आरोप लगाया था।
इसकी जांच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम रहे रमेश रंजन को दी गई थी। सीएमओ को निर्देशित करके उपचार के लिए पीड़ित को तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया था। इसकी जांच पूरी हो गई है। तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी है।