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छप्पर में आग लगा दंपति समेत छह लोगाें को पीटा
Sant Kabir Nagar
Updated Mon, 19 Dec 2016 11:37 PM IST
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fire
- फोटो : amar ujala
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धनघटा क्षेत्र के कुरमौल गांव में रविवार रात एक छप्पर में कुछ लोगों ने आग लगा दी। जब भीतर सो रहे परिवार के लोग बाहर निकले तो विरोधियों ने परिवार के छह लोगों को मारपीट कर घायल कर दिया। घटना की सूचना पर गांव के लोग जुटे और आग बुझाने की कोशिश किए,लेकिन जब तक झोपड़ी के साथ उसमें रखा सामान जल गया। पीड़ित ने 100 नंबर व थाने पर फोन करता रहा, लेकिन कोई पुलिस कर्मी नहीं पहुंचा। पीड़ित परिवार के घायल सीएचसी मलौली में इलाज कराने के बाद थाने जाकर सोमवार को न्याय की गुहार की, लेकिन यहां भागने को कहा गया।
कुरमौल गांव निवासी पीड़ित इंदल का आरोप था उनसे और गांव के एक शख्स से जमीन को लेकर काफी दिनो से विवाद चल रहा है। रविवार की रात जब वह अपने छप्पर में परिवार की सुनीता, दीन दयाल, उर्मिला, प्रियंका समेत अन्य छोटे छोटे बच्चों के साथ सो रहे थे। रात में करीब दो बजे छप्पर जलने से लपट निकली तो होश उड़ गए। परिवार के लोग जान बचाकर किसी तरह बाहर आए तो बाहर उनके विरोधी अपने कई अज्ञात साथियों के साथ खडे़ थे और देखते ही लाठी से परिवार के लोगों पर प्रहार करने लगे। जिससे इंदल की पत्नी सुनीता, बेटा दीन दयाल, पतोहू उर्मिला और बेटी प्रियंका घायल होकर गिर पड़ी। इंदल का आरोप था कि विरोधी सबको मारपीट कर घायल करने के बाद भाग निकले। गांव के लोग पहुंचकर आग पर जब तक काबू पाए तब तक छप्पर और उसमें रखा नकदी समेत सारा सामान जलकर राख हो चुका था।
आरोप था कि घटना के बाद से 100 नंबर और थाने पर फोन किया जाता रहा, लेकिन किसी का भी फोन नही उठा। सुबह पीड़ित परिवार सीएचसी मलौली पर पहुंचकर इलाज करवाएं और उसके बाद थाने पर पहुंच कर कार्रवाई की मांग की। देर शाम तक पुलिस न तो मौके पर गई और न ही केस दर्ज की। आरोप था कि उल्टे ही एक दरोगा थाने से भाग जाने की चेतावनी देता रहा। इंस्पेक्टर ईश्वरचंद्र प्रधान ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मौके पर दरोगा को भेजा गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसपी हीरालाल ने बताया कि शाम को पीड़ित उनसे भ्ाी मिले थे। उन्होंने सीओ धनघटा को पहले केस दर्ज कराने को कहा है। इसके बाद फोन के बाद भी पुलिस के न पहुंचने और थाने में परेशान करने के मामले की जांच का निर्देश दिया गया है। जो भी दोषी मिला उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कुरमौल गांव निवासी पीड़ित इंदल का आरोप था उनसे और गांव के एक शख्स से जमीन को लेकर काफी दिनो से विवाद चल रहा है। रविवार की रात जब वह अपने छप्पर में परिवार की सुनीता, दीन दयाल, उर्मिला, प्रियंका समेत अन्य छोटे छोटे बच्चों के साथ सो रहे थे। रात में करीब दो बजे छप्पर जलने से लपट निकली तो होश उड़ गए। परिवार के लोग जान बचाकर किसी तरह बाहर आए तो बाहर उनके विरोधी अपने कई अज्ञात साथियों के साथ खडे़ थे और देखते ही लाठी से परिवार के लोगों पर प्रहार करने लगे। जिससे इंदल की पत्नी सुनीता, बेटा दीन दयाल, पतोहू उर्मिला और बेटी प्रियंका घायल होकर गिर पड़ी। इंदल का आरोप था कि विरोधी सबको मारपीट कर घायल करने के बाद भाग निकले। गांव के लोग पहुंचकर आग पर जब तक काबू पाए तब तक छप्पर और उसमें रखा नकदी समेत सारा सामान जलकर राख हो चुका था।
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आरोप था कि घटना के बाद से 100 नंबर और थाने पर फोन किया जाता रहा, लेकिन किसी का भी फोन नही उठा। सुबह पीड़ित परिवार सीएचसी मलौली पर पहुंचकर इलाज करवाएं और उसके बाद थाने पर पहुंच कर कार्रवाई की मांग की। देर शाम तक पुलिस न तो मौके पर गई और न ही केस दर्ज की। आरोप था कि उल्टे ही एक दरोगा थाने से भाग जाने की चेतावनी देता रहा। इंस्पेक्टर ईश्वरचंद्र प्रधान ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मौके पर दरोगा को भेजा गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसपी हीरालाल ने बताया कि शाम को पीड़ित उनसे भ्ाी मिले थे। उन्होंने सीओ धनघटा को पहले केस दर्ज कराने को कहा है। इसके बाद फोन के बाद भी पुलिस के न पहुंचने और थाने में परेशान करने के मामले की जांच का निर्देश दिया गया है। जो भी दोषी मिला उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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