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फर्जी आईडी से सिम बेचने वाले रैकेट का पर्दाफाश
Sant Kabir Nagar
Updated Fri, 02 Sep 2016 11:24 PM IST
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crime
- फोटो : demo pic
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स्वाट और बखिरा पुलिस ने शुक्रवार को फर्जी आईडी से सिमकार्ड बेचने वाले एक डिस्ट्रीब्यूटर समेत चार लोगों को गनवरिया-सांथा चौराहे से गिरफ्तार किया है। इन लोगों के पास से दो लैपटॉप, प्रिंटर, 264 सिम, 12 मुहर और छह मोबाइल बरामद किए गए हैं।
स्वाट टीम प्रभारी संतोष तिवारी ने बताया कि सांथा चौकी इंचार्ज श्रवण यादव के सहयोग से सूचना के आधार पर गनवरिया-सांथा चौराहे पर स्थित जय प्रकाश जायसवाल की सिमकार्ड की दुकान पर छापेमारी की गई। मौके से परसिया गांव निवासी दुकान मालिक जयप्रकाश जायसवाल, मनोज राय, कामेश्वर उर्फ सोनू राय निवासी बेलहर ,रंजीत सोनी निवासी धर्मसिंहवा को गिरफ्तार किया गया। इन लोगों के पास से वाराणसी, गोंडा की फर्जी आईडी और मुहर लगे लगभग 68 फार्म भी मिले हैं। आरोपी जयप्रकाश जायसवाल ने बताया कि वह एक टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनी के सिमकार्ड का डिस्टीब्यूटर है।
उसकी दुकान से ही फर्जी आईडी ,फोटो निर्धारित मूल्य पर प्राप्त होता है। उसी से सिम एक्टीवेट कराया जाता है और कंपनी को भेजा जाता है। इस कार्य में पकड़े गए अन्य लोग भी संलिप्त है। अन्य आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि जयप्रकाश की दुकान से ही उन्हें फर्जी आईडी और अज्ञात लोगों का फोटो पांच रुपये में ही मिल जाते हैं। फिर वह लोग उसी के जरिए फर्जी हस्ताक्षर करके सिमों को एक्टीवेट करा कर बाजारों में बेच देते हैं। चार साल से यह अवैध धंधा संचालित हो रहा था।
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क्षेत्र में अब तक लगभग दस हजार से अधिक सिमकार्ड फर्जी आईडी पर बेच चुके हैं। आरोपियों का एक साथी राम अशीष गुप्ता जो सिद्धार्थनगर का निवासी अभी पकड़ से दूर है। कुछ और लोगों के नाम भी प्रकाश में आ रहे है। जिनके बारे में जांच पड़ताल की जा रही है। आरोपियों समेत पांच के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा बखिरा थाने में दर्ज करा दिया गया है। पकड़े गए चारों आरोपियों को जेल भी भेज दिया गया है।
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स्वाट टीम प्रभारी संतोष तिवारी ने बताया कि सांथा चौकी इंचार्ज श्रवण यादव के सहयोग से सूचना के आधार पर गनवरिया-सांथा चौराहे पर स्थित जय प्रकाश जायसवाल की सिमकार्ड की दुकान पर छापेमारी की गई। मौके से परसिया गांव निवासी दुकान मालिक जयप्रकाश जायसवाल, मनोज राय, कामेश्वर उर्फ सोनू राय निवासी बेलहर ,रंजीत सोनी निवासी धर्मसिंहवा को गिरफ्तार किया गया। इन लोगों के पास से वाराणसी, गोंडा की फर्जी आईडी और मुहर लगे लगभग 68 फार्म भी मिले हैं। आरोपी जयप्रकाश जायसवाल ने बताया कि वह एक टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनी के सिमकार्ड का डिस्टीब्यूटर है।
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उसकी दुकान से ही फर्जी आईडी ,फोटो निर्धारित मूल्य पर प्राप्त होता है। उसी से सिम एक्टीवेट कराया जाता है और कंपनी को भेजा जाता है। इस कार्य में पकड़े गए अन्य लोग भी संलिप्त है। अन्य आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि जयप्रकाश की दुकान से ही उन्हें फर्जी आईडी और अज्ञात लोगों का फोटो पांच रुपये में ही मिल जाते हैं। फिर वह लोग उसी के जरिए फर्जी हस्ताक्षर करके सिमों को एक्टीवेट करा कर बाजारों में बेच देते हैं। चार साल से यह अवैध धंधा संचालित हो रहा था।
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क्षेत्र में अब तक लगभग दस हजार से अधिक सिमकार्ड फर्जी आईडी पर बेच चुके हैं। आरोपियों का एक साथी राम अशीष गुप्ता जो सिद्धार्थनगर का निवासी अभी पकड़ से दूर है। कुछ और लोगों के नाम भी प्रकाश में आ रहे है। जिनके बारे में जांच पड़ताल की जा रही है। आरोपियों समेत पांच के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा बखिरा थाने में दर्ज करा दिया गया है। पकड़े गए चारों आरोपियों को जेल भी भेज दिया गया है।