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जांच में मिलावटी निकला बेसन
Sant Kabir Nagar
Updated Sun, 14 May 2017 11:17 PM IST
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जांच
- फोटो : demopic
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साढ़े तीन माह पहले बरदहिया बाजार में नकली बेसन की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। यहां से बरामद बेसन और रंग के नमूने जांच रिपोर्ट में मिलावटी मिले हैं। इसमें मिले पदार्थ मानव के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। वहीं इस मामले का एक आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
मामले के विवेचक एसआई नसीमुद्दीन ने बताया कि 21 जनवरी 2017 को बरदहिया बाजार में एक किराए के मकान में संचालित हो रही नकली बेसन की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। इसके संचालक रामसरन जायसवाल निवासी मुंडेरा बाजार थाना चौरीचौरा (गोरखपुर) और उनके बेटे मनोज को मौके से पकड़ा गया था। इस मामले में रामसरन जायसवाल, बेटे मनोज और विनोद के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज हुआ था। दो आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। मौके से बेसन, चावल की खुद्दी, मटर की दाल और रासायनिक रंग आदि बरामद हुआ था। बेसन की बोरी पर ब्रांडेड कंपनियों को होलोग्राम भी अंकित थे।
मौके पर मौजूद खाद्य सुरक्षा औषधि विभाग की टीम ने बेसन और रासायनिक रंग का नमूना लेकर जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ को भेजा गया था। संयुक्त आयुक्त एवं मुख्य राजकीय जन विश्लेषक उत्तर प्रदेश लखनऊ के वहां से जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। इसमें बेसन में मिलावट होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा रासायनिक रंग भी अखाद्य होना पाया गया है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक बेसन मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। मामले का तीसरा आरोपी विनोद अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर है। उसके खिलाफ कोर्ट के आदेश पर नोटिस जारी किया गया है। यदि आरोपी कोर्ट में आत्म समर्पण नहीं करता है तो उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी।
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मामले के विवेचक एसआई नसीमुद्दीन ने बताया कि 21 जनवरी 2017 को बरदहिया बाजार में एक किराए के मकान में संचालित हो रही नकली बेसन की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। इसके संचालक रामसरन जायसवाल निवासी मुंडेरा बाजार थाना चौरीचौरा (गोरखपुर) और उनके बेटे मनोज को मौके से पकड़ा गया था। इस मामले में रामसरन जायसवाल, बेटे मनोज और विनोद के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज हुआ था। दो आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। मौके से बेसन, चावल की खुद्दी, मटर की दाल और रासायनिक रंग आदि बरामद हुआ था। बेसन की बोरी पर ब्रांडेड कंपनियों को होलोग्राम भी अंकित थे।
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मौके पर मौजूद खाद्य सुरक्षा औषधि विभाग की टीम ने बेसन और रासायनिक रंग का नमूना लेकर जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ को भेजा गया था। संयुक्त आयुक्त एवं मुख्य राजकीय जन विश्लेषक उत्तर प्रदेश लखनऊ के वहां से जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। इसमें बेसन में मिलावट होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा रासायनिक रंग भी अखाद्य होना पाया गया है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक बेसन मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। मामले का तीसरा आरोपी विनोद अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर है। उसके खिलाफ कोर्ट के आदेश पर नोटिस जारी किया गया है। यदि आरोपी कोर्ट में आत्म समर्पण नहीं करता है तो उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी।
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