{"_id":"5b030d0f4f1c1bf36b8b4fc6","slug":"father-and-son-disclosed","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाप-बेटे को बनाया बंधक","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बाप-बेटे को बनाया बंधक
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Mon, 21 May 2018 11:46 PM IST
विज्ञापन
घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हैंसर। धनघटा क्षेत्र के बख्शीजोत गांव में सोमवार की सुबह समधी व दामाद को बंधक बना लिया गया। देर शाम को सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बंधक बनाए गए बाप-बेटे को मुक्त कराया।
शंकरपुर गांव के बख्सी जोत गांव निवासी मकसूदन यादव ने बेटी रेनू की शादी बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के शुकुलपुरा गांव निवासी सुरेश यादव के बेटे पप्पू यादव के साथ 11 मई को की थी। रेनू ससुराल में ही थी कि सोमवार सुबह उसके मायके से फोन गया कि उसकी माता की तबियत बहुत खराब है। माता की तबियत खराब होने की सूचना पर रेनू पति पप्पू के साथ मायके पहुंची। समधन की तबीयत खराब होने की सूचना पाकर पप्पू के पिता सुरेश यादव भी बख्सी जोत पहुंच गए। जब बेटी घर आ गई तो मायके के लोग ससुराल भेजने से मना करते हुए दहेज में दिए सामान की मांग सुरेश और उनके बेटे पप्पू से करने लगे। जब दोनों घर जाने की बात कही तो उन्हें जबरन रोक लिया गया।
कहा गया जब तक दहेज में दिया सामान वापस नहीं आ जाता है, तब तक यहां से किसी को जाने नहीं दिया जाएगा। सुरेश ने इसकी सूचना घर पर मौजूद बड़े बेटे जगदीश को दी तो वह पुलिस चौकी पौली पर पहुंच कर चौकी इंचार्ज को पूरी बात बताया। आरोप लगाया कि पिता और भाई को लोगों ने बंधक बना लिया है। चौकी इंचार्ज राजकुमार यादव ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच सामान के देन-लेन करने को लेकर बातचीत की जा रही थी। किसी को बंधक नहीं बनाया गया है। सुरेश और उनके बेटे पप्पू को घर भेज दिया गया। दोनों पक्षों के बीच संबंध विच्छेद की पंचायत हुई और सामानों का आदान-प्रदान करना तय हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शंकरपुर गांव के बख्सी जोत गांव निवासी मकसूदन यादव ने बेटी रेनू की शादी बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के शुकुलपुरा गांव निवासी सुरेश यादव के बेटे पप्पू यादव के साथ 11 मई को की थी। रेनू ससुराल में ही थी कि सोमवार सुबह उसके मायके से फोन गया कि उसकी माता की तबियत बहुत खराब है। माता की तबियत खराब होने की सूचना पर रेनू पति पप्पू के साथ मायके पहुंची। समधन की तबीयत खराब होने की सूचना पाकर पप्पू के पिता सुरेश यादव भी बख्सी जोत पहुंच गए। जब बेटी घर आ गई तो मायके के लोग ससुराल भेजने से मना करते हुए दहेज में दिए सामान की मांग सुरेश और उनके बेटे पप्पू से करने लगे। जब दोनों घर जाने की बात कही तो उन्हें जबरन रोक लिया गया।
विज्ञापन
कहा गया जब तक दहेज में दिया सामान वापस नहीं आ जाता है, तब तक यहां से किसी को जाने नहीं दिया जाएगा। सुरेश ने इसकी सूचना घर पर मौजूद बड़े बेटे जगदीश को दी तो वह पुलिस चौकी पौली पर पहुंच कर चौकी इंचार्ज को पूरी बात बताया। आरोप लगाया कि पिता और भाई को लोगों ने बंधक बना लिया है। चौकी इंचार्ज राजकुमार यादव ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच सामान के देन-लेन करने को लेकर बातचीत की जा रही थी। किसी को बंधक नहीं बनाया गया है। सुरेश और उनके बेटे पप्पू को घर भेज दिया गया। दोनों पक्षों के बीच संबंध विच्छेद की पंचायत हुई और सामानों का आदान-प्रदान करना तय हुआ है।
विज्ञापन