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दशरथ की मौत से परिवार के समक्ष रोजी रोटी का संकट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Jul 2018 11:30 PM IST
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मेंहदावल थाना क्षेत्र के कुल्हडिया निवासी मृतक दशरथ के बारे में जांच करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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बेलहर। मेंहदावल क्षेत्र के कुल्हड़िया गांव में बिजली के तार की चपेट में आकर 38 वर्षीय दशरथ की मौत से परिवार के समक्ष रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। दशरथ मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उनकी पत्नी मालती का रो-रोकर बुरा हाल है।
दशरथ के पांच वर्षीय इकलौते बेटे राजकुमार की परवरिश की समस्या उत्पन्न हो गई है। तीन लोगों के परिवार में दशरथ ही एक मात्र कमाऊ थे। उसकी मौत से पत्नी मालती के सामने पहाड़ जैसा जीवन काटने की चुनौती पैदा हो गई है। मृतक के परिवार की इस कठिन परिस्थितियों को देखकर ग्रामीण चिंतित हैं।
मालती ने कहा कि पति की मौत से वह बुरी तरह से टूट चुकी है। उसकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया है। उसे कुछ भी सूझ नही रह है कि बगैर पति के उसका जीवन कैसे कटेगा। बताया कि पति के सहारे ही परिवार का भरण पोषण होता था।
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पांच साल के अबोध बेटे के सिर से पिता का साया छिन गया। उसकी परवरिश कैसे होगी। कहा कि छत की मरम्मत उसके पति की मौत का कारण बनेगा, तो वह कभी भी छत की मरमत नहीं कराती। इतना कहते हुए मालती बेहोश हो गई।
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दशरथ के पांच वर्षीय इकलौते बेटे राजकुमार की परवरिश की समस्या उत्पन्न हो गई है। तीन लोगों के परिवार में दशरथ ही एक मात्र कमाऊ थे। उसकी मौत से पत्नी मालती के सामने पहाड़ जैसा जीवन काटने की चुनौती पैदा हो गई है। मृतक के परिवार की इस कठिन परिस्थितियों को देखकर ग्रामीण चिंतित हैं।
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मालती ने कहा कि पति की मौत से वह बुरी तरह से टूट चुकी है। उसकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया है। उसे कुछ भी सूझ नही रह है कि बगैर पति के उसका जीवन कैसे कटेगा। बताया कि पति के सहारे ही परिवार का भरण पोषण होता था।
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पांच साल के अबोध बेटे के सिर से पिता का साया छिन गया। उसकी परवरिश कैसे होगी। कहा कि छत की मरम्मत उसके पति की मौत का कारण बनेगा, तो वह कभी भी छत की मरमत नहीं कराती। इतना कहते हुए मालती बेहोश हो गई।