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दिल्ली की कार पर रुड़की का नंबर
Sant Kabir Nagar
Updated Fri, 18 Nov 2016 11:30 PM IST
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Mercedes loot
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शातिर लुटेरों के गैंग ने नौ दिन में चार वारदातों को अंजाम देकर बस्ती और संतकबीरनगर पुलिस का चैन छीन लिया है। पुलिस जांच में अब तक यह बात सामने आई हैं कि बस्ती के छावनी में बरामद लुटेरों की कार का चेसिस नंबर दिल्ली का है, जबकि कार पर नंबर रुड़की (उत्तराखंड) का है। जांच के क्रम में पुलिस पिछले छह सालों के रोड होल्डअप, डकैती के मामलों से जुड़े 350 बदमाशों को चिह्नित कर रही है।
दरअसल, वारदातों की शुरूआत सात नवंबर को संतकबीरनगर के मड़या में मार्बल व्यवसायी रामअजोर चौरसिया के घर से हुई। इसी दिन बस्ती के हरदिया में एक बिल्ंिडग मैटेरियल व्यवसायी को निशाना बनाया गया। अभी दोनो जिलों की पुलिस टीम वारदात के पदचिह्नों को जोड़ते हुए जांच में जुटी थी कि फिर 16 नवंबर को पहलेे संतकबीरनगर के केनौना कुर्थिया में किराना व्यवसायी बीरबल चौधरी के यहां डकैती डाली। इसके बाद बस्ती के कलवारी क्षेत्र में बेईली गांव के पास दूल्हा-दुल्हन की कार रुकवाकर लूटपाट की। उधर, अलर्ट के बाद शुरू हुई चेकिंग में बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र में पुलिस को क्रेटा कार बरामद हुई। इसमें कुछ सामान प्राप्त हुआ जो किराना व्यवसायी के यहां से लूटा गया था। कार पर रुड़की का नंबर था। जांच में पता चला कि उस नंबर की कार रुड़की में मौजूद है। बाद में पता चला कि कार दिल्ली की है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक बोलचाल की भाषा के आधार पर लुटेरों के पश्चिमी यूपी के होने का शक जताया जा रहा है। इसके साथ ही बस्ती और संतकबीरनगर की स्वाट टीम व सर्विलांस टीम वर्ष 2011 से 2016 के बीच रोड होल्डअप, डकैती आदि वारदातों में प्रकाश में आए लुटेरों के गिरोहों को भी चिह्नित कर रही है। सूत्र तो यहां तक दावा कर रहे हैं कि इन वारदातों में शामिल रहे 350 से अधिक बदमाशों की सूची बना ली गई है। अब इनकी कुंडली खंगालाी जा रहा है। घटनाओं के समय और स्थान के आसपास चल रहे मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर मिलान किया जा रहा है। कुछ अफसर बाबरिया गिरोह की ओर अपना शक जता रहे हैं।
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एसपी संतकबीरनगर विक्रमादित्य सचान और एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि दोनों जिलों की पुलिस टीम समन्वय स्थापित कर लुटेरों के गैंग को चिह्नित करने में जुटी हुई है। शातिर लुटेरों की क्रेटा कार पर नंबर रुड़की का था और इसके चेचिस नंबर से पता चला कि कार दिल्ली की है।पुलिस कई बिंदुओं पर काम कर रही है। जल्द ही शातिर अपराधी पुलिस की गिरफ्त के गिरोह का खुलासा कर देगी।
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दरअसल, वारदातों की शुरूआत सात नवंबर को संतकबीरनगर के मड़या में मार्बल व्यवसायी रामअजोर चौरसिया के घर से हुई। इसी दिन बस्ती के हरदिया में एक बिल्ंिडग मैटेरियल व्यवसायी को निशाना बनाया गया। अभी दोनो जिलों की पुलिस टीम वारदात के पदचिह्नों को जोड़ते हुए जांच में जुटी थी कि फिर 16 नवंबर को पहलेे संतकबीरनगर के केनौना कुर्थिया में किराना व्यवसायी बीरबल चौधरी के यहां डकैती डाली। इसके बाद बस्ती के कलवारी क्षेत्र में बेईली गांव के पास दूल्हा-दुल्हन की कार रुकवाकर लूटपाट की। उधर, अलर्ट के बाद शुरू हुई चेकिंग में बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र में पुलिस को क्रेटा कार बरामद हुई। इसमें कुछ सामान प्राप्त हुआ जो किराना व्यवसायी के यहां से लूटा गया था। कार पर रुड़की का नंबर था। जांच में पता चला कि उस नंबर की कार रुड़की में मौजूद है। बाद में पता चला कि कार दिल्ली की है।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक बोलचाल की भाषा के आधार पर लुटेरों के पश्चिमी यूपी के होने का शक जताया जा रहा है। इसके साथ ही बस्ती और संतकबीरनगर की स्वाट टीम व सर्विलांस टीम वर्ष 2011 से 2016 के बीच रोड होल्डअप, डकैती आदि वारदातों में प्रकाश में आए लुटेरों के गिरोहों को भी चिह्नित कर रही है। सूत्र तो यहां तक दावा कर रहे हैं कि इन वारदातों में शामिल रहे 350 से अधिक बदमाशों की सूची बना ली गई है। अब इनकी कुंडली खंगालाी जा रहा है। घटनाओं के समय और स्थान के आसपास चल रहे मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर मिलान किया जा रहा है। कुछ अफसर बाबरिया गिरोह की ओर अपना शक जता रहे हैं।
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एसपी संतकबीरनगर विक्रमादित्य सचान और एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि दोनों जिलों की पुलिस टीम समन्वय स्थापित कर लुटेरों के गैंग को चिह्नित करने में जुटी हुई है। शातिर लुटेरों की क्रेटा कार पर नंबर रुड़की का था और इसके चेचिस नंबर से पता चला कि कार दिल्ली की है।पुलिस कई बिंदुओं पर काम कर रही है। जल्द ही शातिर अपराधी पुलिस की गिरफ्त के गिरोह का खुलासा कर देगी।