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पत्रकार के चालान से लोगों में रोष
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Apr 2018 11:35 PM IST
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हंगामे को शांत कराती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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हैंसर। धनघटा तहसील में समाचार कॅवरेज कर रहे पत्रकार का शांतिभंग की आशंका में चालान किए जाने की लोगों ने कड़ी निंदा की। इस घटना को लेकर तहसील प्रशासन के खिलाफ लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों ने कहा कि तहसील प्रशासन का यह रवैया गलत है। इस मामले की जांच होनी चाहिए। इसमें जो भी दोषी हो, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
सांसद शरद त्रिपाठी ने कहा कि महिला की समस्या का समाधान करना प्रशासनिक अधिकारी का दायत्वि है। शासन की यहीं मंशा है कि फरियादियों की समस्याएं सुनी जाए और उनकी समस्या का समाधान हो। कवरेज कर रहे पत्रकार का शांति भंग में चालान किया जाना भी उचित नहीं है।
इस पूरे प्रकरण की जांच कराएंगे, यदि मामला सही मिला तो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से भी करेंगे। जबकि व्यापारी नेता अजय ने कहा कि एसडीएम धनघटा तानाशाही रवैया अपना कर जहां तमाम व्यापारियों की रोटी रोजी छीनने का काम कर रहे हैं, वहीं अब पत्रकारों पर कार्रवाई करके लोक तंत्र का गला घोटने का प्रयास कर रहे है।
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सपा के पूर्व विधायक अलगू प्रसाद चौहान ने कहा कि इस सरकार में कोई भी सुरक्षित नहीं रह गया है। अधिकारी निरंकुश होकर काम कर रहे है। जहां एक तरफ महिला को प्रशासन न्याय नही दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ पत्रकार के विरु द्ध कार्रवाई कर लोगों की आवाज को दबाने का काम किया जा है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है।
प्रधान संघ के हैंसर ब्लॉक अध्यक्ष हरीशचंद्र यादव ने प्रशासन के तानाशाही रवैये का कड़ी निंदा करते हुए कहा कि थाना हो या तहसील कही पर जनता को न्याय मिलने वाला नही है। अभी तक तो प्रधानों का उत्पीडन कर ही रहे थे, अब पत्रकारों को निशाना बनाने लगे है। आगे कहा कि जल्द ही प्रधान संघ की बैठक बुलाकर तानाशाह अधिकारियों के विरु द्ध रणनीति बनाई जाएगी।
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सांसद शरद त्रिपाठी ने कहा कि महिला की समस्या का समाधान करना प्रशासनिक अधिकारी का दायत्वि है। शासन की यहीं मंशा है कि फरियादियों की समस्याएं सुनी जाए और उनकी समस्या का समाधान हो। कवरेज कर रहे पत्रकार का शांति भंग में चालान किया जाना भी उचित नहीं है।
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इस पूरे प्रकरण की जांच कराएंगे, यदि मामला सही मिला तो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से भी करेंगे। जबकि व्यापारी नेता अजय ने कहा कि एसडीएम धनघटा तानाशाही रवैया अपना कर जहां तमाम व्यापारियों की रोटी रोजी छीनने का काम कर रहे हैं, वहीं अब पत्रकारों पर कार्रवाई करके लोक तंत्र का गला घोटने का प्रयास कर रहे है।
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सपा के पूर्व विधायक अलगू प्रसाद चौहान ने कहा कि इस सरकार में कोई भी सुरक्षित नहीं रह गया है। अधिकारी निरंकुश होकर काम कर रहे है। जहां एक तरफ महिला को प्रशासन न्याय नही दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ पत्रकार के विरु द्ध कार्रवाई कर लोगों की आवाज को दबाने का काम किया जा है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है।
प्रधान संघ के हैंसर ब्लॉक अध्यक्ष हरीशचंद्र यादव ने प्रशासन के तानाशाही रवैये का कड़ी निंदा करते हुए कहा कि थाना हो या तहसील कही पर जनता को न्याय मिलने वाला नही है। अभी तक तो प्रधानों का उत्पीडन कर ही रहे थे, अब पत्रकारों को निशाना बनाने लगे है। आगे कहा कि जल्द ही प्रधान संघ की बैठक बुलाकर तानाशाह अधिकारियों के विरु द्ध रणनीति बनाई जाएगी।