{"_id":"58fcef7b4f1c1bfb258b4929","slug":"accused-of-leaving-the-house-with-fear-of-being-caught","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्लॉक का बवाल ः पकड़े जाने के भय से घर छोड़कर भागे आरोपी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ब्लॉक का बवाल ः पकड़े जाने के भय से घर छोड़कर भागे आरोपी
Sant Kabir Nagar
Updated Sun, 23 Apr 2017 11:46 PM IST
विज्ञापन
रविवार को भी नाथनगर ब्लॉक में तैनात रही पुलिस ।
- फोटो : अमर उजाला
नाथनगर ब्लॉक में क्षेत्र पंचायत की बैठक के दौरान हुए बवाल के मामले में दर्ज मुकदमे में पकड़े जाने के भय से नामजद आरोपी घर छोड़ कर भाग गए हैं। ऐसे में पुलिस घटना के वक्त हुई वीडियोग्राफी के सहारे आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। वहीं लोगों को डर सता रहा है कि अज्ञात में न जाने पुलिस किसको पकड़कर ले जाए यह किसी को पता नहीं।
ब्लॉक प्रमुख एवं सपा नेता शिवनाथ यादव और भाजपा नेता एवं पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख दिग्पाल पाल गुट के लोग 21 अप्रैल को क्षेत्र पंचायत की बैठक के आपस में भिड़ गए थे। दोनों गुटों की तरफ से सात केस दर्ज हुए हैं। अभी तक ब्लॉक प्रमुख गुट के सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष इंजीनियर सुरेंद्र यादव समेत चार लोग गिरफ्तार करके जेल भेजे गए हैं। जबकि दूसरे गुट की तरफ से किसी भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसे लेकर सपा नेताओं में रोष है। इस संबंध में सपा नेता एसपी से भी मिलकर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगा चुके हैं। दो गुटों की तरफ से कई प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य भी आरोपी बनाए गए हैं।
ऐसे में कई प्रधान और बीडीसी सदस्य अज्ञात में दर्ज मुकदमे के लपेटे में आने के खौफ से या तो भूमिगत हो गए हैं या फिर कहीं चले गए हैं। क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुछ लोगों द्वारा दहशत फैलाई जा रही है कि जिन जनप्रतिनिधियों ने बैठक के दौरान उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर बनाया था, उन्हें आरोपी बनाए गए अज्ञात लोगों में शामिल करने की तैयारी चल रही है। जिसके कारण तमाम क्षेत्र पंचायत सदस्यों और ग्राम प्रधानों में दहशत का माहौल कायम है। शाम होते ही नामजद आरोपित किए गए लोग रात में पुलिस द्वारा की जाने वाली संभावित छापेमारी की जानकारी पता करने में जुटे रहते हैं।
विज्ञापन
फिलहाल शनिवार की रात पुलिस के छापेमारी अभियान के बंद रहने से लोगों ने राहत की सांस लिया है। एसपी हीरालाल ने बताया कि स्वाट और सर्विलांस टीम वीडियोग्राफी में मौजूद फुटेज के आधार पर असली आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। पुलिस किसी निर्दोष को नहीं पकडे़गी और असली आरोपी बच नहीं पाएंगे।
रविवार को ब्लॉक में तैनात रही पुलिस ः नाथनगर ब्लॉक परिसर में रविवार को छुट्टी के दिन भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। परिसर में स्थित सभी कार्यालयों पर ताले लटक रहे थे। परिसर में पूरी तरह सन्नाटा छाया हुआ था। महुली पुलिस और पीएससी के जवान भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आए।
विज्ञापन
ब्लॉक प्रमुख एवं सपा नेता शिवनाथ यादव और भाजपा नेता एवं पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख दिग्पाल पाल गुट के लोग 21 अप्रैल को क्षेत्र पंचायत की बैठक के आपस में भिड़ गए थे। दोनों गुटों की तरफ से सात केस दर्ज हुए हैं। अभी तक ब्लॉक प्रमुख गुट के सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष इंजीनियर सुरेंद्र यादव समेत चार लोग गिरफ्तार करके जेल भेजे गए हैं। जबकि दूसरे गुट की तरफ से किसी भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसे लेकर सपा नेताओं में रोष है। इस संबंध में सपा नेता एसपी से भी मिलकर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगा चुके हैं। दो गुटों की तरफ से कई प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य भी आरोपी बनाए गए हैं।
विज्ञापन
ऐसे में कई प्रधान और बीडीसी सदस्य अज्ञात में दर्ज मुकदमे के लपेटे में आने के खौफ से या तो भूमिगत हो गए हैं या फिर कहीं चले गए हैं। क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुछ लोगों द्वारा दहशत फैलाई जा रही है कि जिन जनप्रतिनिधियों ने बैठक के दौरान उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर बनाया था, उन्हें आरोपी बनाए गए अज्ञात लोगों में शामिल करने की तैयारी चल रही है। जिसके कारण तमाम क्षेत्र पंचायत सदस्यों और ग्राम प्रधानों में दहशत का माहौल कायम है। शाम होते ही नामजद आरोपित किए गए लोग रात में पुलिस द्वारा की जाने वाली संभावित छापेमारी की जानकारी पता करने में जुटे रहते हैं।
विज्ञापन
फिलहाल शनिवार की रात पुलिस के छापेमारी अभियान के बंद रहने से लोगों ने राहत की सांस लिया है। एसपी हीरालाल ने बताया कि स्वाट और सर्विलांस टीम वीडियोग्राफी में मौजूद फुटेज के आधार पर असली आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। पुलिस किसी निर्दोष को नहीं पकडे़गी और असली आरोपी बच नहीं पाएंगे।
रविवार को ब्लॉक में तैनात रही पुलिस ः नाथनगर ब्लॉक परिसर में रविवार को छुट्टी के दिन भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। परिसर में स्थित सभी कार्यालयों पर ताले लटक रहे थे। परिसर में पूरी तरह सन्नाटा छाया हुआ था। महुली पुलिस और पीएससी के जवान भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आए।