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ठगी गिरोह के मास्टरमाइंड को तलास नही कर पाई पुलिस

Mon, 14 Jan 2019 12:48 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jan 2019 12:48 AM IST
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ठगी गिरोह के मास्टरमाइंड को तलास नही कर पाई पुलिस
ठगी गिरोह का मास्टर माइंड पुलिस की गिरफ्त से दूर
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सस्ते किस्त पर लोन देने के नाम गिरोह ने की थी लाखों की ठगी
सात आरोपियों में छह की हो चुकी है गिरफ्तारी
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मसिंहवा। सस्ते लोन का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी के मामले में धर्मसिंहवा पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर भले ही पीठ थपथपा ली है, पर असल में गिरोह का मास्टर मांइड अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। अब तक पकड़े गए सारे आरोपी थाना क्षेत्र के इर्द गिर्द के रहने वाले थे पर मास्टर माइंड मोहन त्रिपाठी का असली पता न तो एफआईआर में दर्ज है न तो किसी को मालूम है। पुलिस कॉल डिटेल व सीडीआर का सहयोग ले रही है ताकि उसे पकड़ा जा सके।

क्षेत्र में समूह बनाकर लोन देने का एक गिरोह सक्रिय हुआ था। गिरोह ने कंपनी का नाम पैसा लो डिजिटल इंडिया रखा था। समूह बनने के बाद प्रति व्यक्ति से 50 हजार रुपये लोन का बीमा करने के नाम पर 1070 रुपये की वसूली होने लगी। नियम यह बताया गया था कि लोन लिए व्यक्ति की अगर मौत हो जाती है तो लोन का किस्त बीमा कंपनी जमा करेगी। कंपनी के सदस्यों ने लाखों रुपये की वसूली कर ली। इसी बीच 16 दिसंबर को कंपनी के भाग जाने की सूचना फैली तो ठगे गए लोग धर्मसिंहवा में स्थित एक क्लिनिक पर पहुंचे। जहां कंपनी का एक व्यक्ति काम करता था और हंगामा करने लगे। हंगामा की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौजूद लोगों को तहरीर देने के लिए थाने पर बुलाया। उदय चंद गुप्ता निवासी धानी थाना बृजमनगंज, महराजगंज व अन्य सैकड़ों लोगों के तहरीर पर सस्ते किस्तों पर लोग का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के राधेश्याम शर्मा ,दीपक गौड़, अभय त्रिपाठी, मधूसूदन, अजय कुमार, वीरेेंद्र पासवान व मोहन त्रिपाठी के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले के विवेचक एसआई राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि दर्ज मुकदमें में छह आरोपियों का पता सही दर्ज था और वे गिरफ्तार हो गए, पर मामले का असल मास्टर माइंड मोहन त्रिपाठी निवासी हनुमान मंदिर बखिरा का पता सही न होने के कारण बचा हुआ है। उसकी तलाश जारी है। सर्विलाइंस से मोबाइल का सीडीआर मंगाकर उसकी तलाश की जा रही है।
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