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दहेज हत्या के आरोपी पति व सास-ससुर को आजीवन कारावास
Fri, 17 May 2019 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
Santkabirnagar
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 17 May 2019 11:24 PM IST
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Decision of court
- फोटो : amar ujala
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संतकबीरनगर। मेंहदावल थाना क्षेत्र के गांव नगपुर में दो साल पहले हुई एक दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति व सास-ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। एफटीसी प्रथम ने आरोपियों को पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भी काटनी होगी।
मेंहदावल थाना क्षेत्र के इटौवा निवासी रमेश यादव की लड़की संजू की शादी नगपुर निवासी देवप्रकाश से हुई थी। रमेश यादव के अनुसार 19 मई 2017 को शाम करीब साढ़े तीन बजे उनकी लड़की संजू की पति देवप्रकाश, ससुर भगवानदास व सास कल्पा देवी ने मिलकर हत्या कर दी। इस मामले में रमेश की तहरीर पर मेंहदावल थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की तरफ से नौ गवाह प्रस्तुत किया गया। अभियोजन अधिकारी हेमंत कुमार का कहना था कि संजू की गला दबाकर हत्या की गई और उसके बाद प्रकरण को आत्महत्या का बताने का प्रयास किया गया। आरोपी पति व सास-ससुर ने आरोप से इंकार करते हुए बीमार व वृद्ध होने का हवाला दिया और सजा कम करने की याचना की।
एफटीसी प्रथम राकेश पांडेय ने मामले की गंभीरता तथा साक्ष्यों को देखते हुए मृतका के पति देवप्रकाश, ससुर भगवानदास व सास कल्पा देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अभियुक्तों को दो-दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भी भुगतनी पड़ेगी। तीनों अभियुक्त पहले से ही जिला कारागार बस्ती में बंद हैं।
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मेंहदावल थाना क्षेत्र के इटौवा निवासी रमेश यादव की लड़की संजू की शादी नगपुर निवासी देवप्रकाश से हुई थी। रमेश यादव के अनुसार 19 मई 2017 को शाम करीब साढ़े तीन बजे उनकी लड़की संजू की पति देवप्रकाश, ससुर भगवानदास व सास कल्पा देवी ने मिलकर हत्या कर दी। इस मामले में रमेश की तहरीर पर मेंहदावल थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की तरफ से नौ गवाह प्रस्तुत किया गया। अभियोजन अधिकारी हेमंत कुमार का कहना था कि संजू की गला दबाकर हत्या की गई और उसके बाद प्रकरण को आत्महत्या का बताने का प्रयास किया गया। आरोपी पति व सास-ससुर ने आरोप से इंकार करते हुए बीमार व वृद्ध होने का हवाला दिया और सजा कम करने की याचना की।
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एफटीसी प्रथम राकेश पांडेय ने मामले की गंभीरता तथा साक्ष्यों को देखते हुए मृतका के पति देवप्रकाश, ससुर भगवानदास व सास कल्पा देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अभियुक्तों को दो-दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भी भुगतनी पड़ेगी। तीनों अभियुक्त पहले से ही जिला कारागार बस्ती में बंद हैं।
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