{"_id":"62910952801a462e33419a6f","slug":"cmo-meeting-khalilabad-news-gkp438360247","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी अस्पतालों में कराएं प्रसव : सीएमओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी अस्पतालों में कराएं प्रसव : सीएमओ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी अस्पतालों में कराएं प्रसव : सीएमओ
- जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा बैठक का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। गर्भवती की सुरक्षा के लिए चलाई जा रही विविध योजनाओं का लोगों को लाभ दिया जाए। सरकारी अस्पतालों में गर्भवती के प्रसव के साथ ही बच्चे की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि जिले की आशा कार्यकर्ता व एएनएम अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव कराएं। पूरे जनपद में कहीं से भी यह बात सामने आई कि किसी एएनएम या आशा कार्यकर्ता ने गर्भवती का प्रसव किसी निजी अस्पताल में कराया है तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह बातें सीएमओ डॉ. इंद्र विजय विश्वकर्मा ने बृहस्पतिवार को कार्यालय के सभागार में जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा बैठक के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि लोग ध्यान रखें कि सभी सुविधाओं से युक्त सरकारी चिकित्सालयों में ही प्रसव कराएं ताकि जन समुदाय को अधिक से अधिक लाभ हो सके। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में ही यह प्रसव होते हैं। सीएमओ ने कहा कि जनपद में बेहतर सुविधाओं से युक्त कुल 83 प्रसव केंद्र हैं। इनमें से पांच एफआरयू हैं जिनके प्रसव केंद्र वातानुकूलित हैं। वहीं, जिला चिकित्सालय में भी प्रसव के लिए बेहतर व्यवस्था तथा विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता को भी अपने क्षेत्र की किसी महिला के संस्थागत प्रसव कराने पर 600 रुपये का प्रोत्साहन भत्ता प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त वह प्रसव के बाद धात्री के घर विजिट करती हैं तथा बच्चे की देखभाल भी करती हैं तो भी उन्हें प्रोत्साहन भत्ता प्रदान किया जाता है। इस दौरान अपर सीएमओ डॉ. मोहन झा, दीनदयाल वर्मा, संगीता समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
- जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा बैठक का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। गर्भवती की सुरक्षा के लिए चलाई जा रही विविध योजनाओं का लोगों को लाभ दिया जाए। सरकारी अस्पतालों में गर्भवती के प्रसव के साथ ही बच्चे की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि जिले की आशा कार्यकर्ता व एएनएम अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव कराएं। पूरे जनपद में कहीं से भी यह बात सामने आई कि किसी एएनएम या आशा कार्यकर्ता ने गर्भवती का प्रसव किसी निजी अस्पताल में कराया है तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह बातें सीएमओ डॉ. इंद्र विजय विश्वकर्मा ने बृहस्पतिवार को कार्यालय के सभागार में जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा बैठक के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि लोग ध्यान रखें कि सभी सुविधाओं से युक्त सरकारी चिकित्सालयों में ही प्रसव कराएं ताकि जन समुदाय को अधिक से अधिक लाभ हो सके। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में ही यह प्रसव होते हैं। सीएमओ ने कहा कि जनपद में बेहतर सुविधाओं से युक्त कुल 83 प्रसव केंद्र हैं। इनमें से पांच एफआरयू हैं जिनके प्रसव केंद्र वातानुकूलित हैं। वहीं, जिला चिकित्सालय में भी प्रसव के लिए बेहतर व्यवस्था तथा विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता को भी अपने क्षेत्र की किसी महिला के संस्थागत प्रसव कराने पर 600 रुपये का प्रोत्साहन भत्ता प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त वह प्रसव के बाद धात्री के घर विजिट करती हैं तथा बच्चे की देखभाल भी करती हैं तो भी उन्हें प्रोत्साहन भत्ता प्रदान किया जाता है। इस दौरान अपर सीएमओ डॉ. मोहन झा, दीनदयाल वर्मा, संगीता समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन