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जन्म के 42 दिनों तक शिशुओं की हो रही गृह आधारित देखभाल

Wed, 23 Feb 2022 10:53 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Feb 2022 10:53 PM IST
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children was best custudy
जन्म के 42 दिनों तक शिशुओं की हो रही गृह आधारित देखभाल
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- जन्म के 42 दिनों तक बच्चों के घर पर भ्रमण कर आशा कार्यकर्ता करती हैं निगरानी
- तापमान के साथ ही वजन तथा अन्य सारे लक्षणों पर रखती हैं नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नवजात के शुरू के 42 दिन महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए इस दौरान आवश्यक है कि उनका बेहतर ख्याल रखा जाए। उचित देखभाल के जरिए शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से शिशु की गृह आधारित देखभाल के लिए होम बेस्ड न्यू बार्न केयर (एचबीएनसी) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ता शिशु के घर जाकर 42 दिनों तक उनकी देखभाल करती हैं ।
अपर सीएमओ डॉक्टर मोहन झा ने बताया कि प्रसव के बाद नवजात की बेहतर देखभाल की जरूरत बढ़ जाती है। संस्थागत प्रसव के मामलों में शुरुआती दो दिनों तक मां और नवजात का ख्याल अस्पताल में रखा जाता है, लेकिन गृह प्रसव के मामलों में पहले दिन से ही नवजात को बेहतर देखभाल की जरूरत होती है। शिशु जन्म के शुरुआती 42 दिन अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान उचित देखभाल के अभाव में शिशु के मृत्यु की संभावना अधिक होती है। एचबीएनसी कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ता गृह भ्रमण के दौरान न सिर्फ बच्चों में खतरे के संकेतों की पहचान करती हैं बल्कि माताओं को नवजात देखभाल के विषय में आवश्यक जानकारी भी देती हैं। एचबीएनसी कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ता संस्थागत एवं गृह प्रसव दोनों स्थितियों में गृह भ्रमण कर नवजात शिशु की देखभाल करती हैं। संस्थागत प्रसव की स्थिति में छह बार गृह भ्रमण करती है। जन्म के 3, 7,14, 21,28 एवं 42 वें दिवस पर और गृह प्रसव की स्थिति में सात बार गृह भ्रमण करती है। जन्म के 1, 3, 7,14, 21, 28 एवं 42 वें दिवस पर वह उसकी निगरानी करती हैं।
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नवजात गृह आधारित देखभाल की गतिविधि
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां की बीसीपीएम रंजना ने बताया कि गृह आधारित देखभाल के दौरान बच्चे का तापमान, वजन, बच्चों के सांस की गति, बच्चे की मां के बुखार की जानकारी आशा कार्यकर्ता लेती हैं। इस दौरान वह बच्चे के लक्षणों पर भी ध्यान देती हैं। वर्तमान में आशा कार्यकर्ता निरंतर इस कार्यक्रम में लगी हैं।
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एचबीएनसी किट से लैश रहें आशा कार्यकर्ता
बीसीपीएम खलीलाबाद महेंद्र तिवारी ने बताया कि गृह आधारित देखभाल कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ता को निर्देश दिया गया है कि एचीबीएनसी किट से लैश रहें। एचबीएनसी किट में डिजिटल वाच, डिजिटल थर्मामीटर, बेबी ब्लैंकेट, बेबी फीडिंग स्पून, किट बैग व वेटिंग स्केल समेत सात सामग्री मौजूद रहती है। इन सातों सामग्रियों के बिना बच्चों की देखभाल के लिए न निकलें। किट से जांच के बाद जोखिम के किसी भी इंडीकेटर को देखेंगी तो उनके इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर भेजेंगी।
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