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Sant kabir nagar: पुरानी किताबों से पढ़ाई कर रहे बच्चे, शिक्षा की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
Thu, 08 Sep 2022 11:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 08 Sep 2022 11:53 AM IST
सार
सेमरियावां ब्लॉक में 78 प्राथमिक विद्यालय, 22 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 41 कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में कक्षा एक से लेकर आठ तक कुल 19254 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय में बच्चों के पढ़ने के लिए किताबें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं, जबकि सत्र शुरू हुए करीब पांच माह बीत चुके हैं।
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कंपोजिट विद्यालय में बिना किताब के पढ़ाई कर रहे बच्चे।
- फोटो : KHALILABAD
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विस्तार
परिषदीय विद्यालयों में नए सत्र के पांच माह बीत जाने के बाद भी बच्चों को किताब नहीं मिल सकी है। ऐसे में बिना किताब के जैसे-तैैसे बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इसे लेकर शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सेमरियावां ब्लॉक में 78 प्राथमिक विद्यालय, 22 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 41 कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में कक्षा एक से लेकर आठ तक कुल 19254 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय में बच्चों के पढ़ने के लिए किताबें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं, जबकि सत्र शुरू हुए करीब पांच माह बीत चुके हैं।
मजबूरी में शिक्षक पुरानी किताबों को बच्चों से जमा कराकर पढ़ाई करा रहे हैं, वहीं पुरानी किताबें भी फट चुकी हैं। कक्षा एक में हिंदी समेकित पुस्तक, कक्षा दो में हिंदी, गिनतारा, कक्षा तीन, चार, पांच में हिंदी, गणित, परिवेश, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, किताब पढ़ाई जाती है। जबकि कक्षा छह, सात, आठ में हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, गणित, इतिहास नागरिक शास्त्र, भूगोल, विज्ञान, गृह विज्ञान, स्काउट गाइड की किताबें पढ़ाई जाती हैं, लेकिन किताबें उपलब्ध नहीं है।
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अभिभावक वसीम अहमद, आरती देवी, राज कुमार, राम कुमार, जगराम, सगीर अहमद, मोहम्मद अकरम, राम बहोरे आदि ने बताया कि किताब न होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। बिना किताब बच्चों को पढ़ाया जाता है। ऐसे में बच्चों के भविष्य पर संकट है। बाहर दुकान पर भी किताब नहीं मिल रही है। पांच माह से बिना किताब के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
बच्चे कितना सीखेंगे यह सवाल बना हुआ है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि जिले पर किताबें आ गई हैं। सत्यापन आदि के बाद ब्लॉक स्तर पर जल्द ही पहुंच जाएगी। इसके बाद विद्यालय वार किताबें भेज दी जाएंगी। किताब मिलते ही बच्चों में वितरित करा दी जाएगी।
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सेमरियावां ब्लॉक में 78 प्राथमिक विद्यालय, 22 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 41 कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में कक्षा एक से लेकर आठ तक कुल 19254 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय में बच्चों के पढ़ने के लिए किताबें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं, जबकि सत्र शुरू हुए करीब पांच माह बीत चुके हैं।
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मजबूरी में शिक्षक पुरानी किताबों को बच्चों से जमा कराकर पढ़ाई करा रहे हैं, वहीं पुरानी किताबें भी फट चुकी हैं। कक्षा एक में हिंदी समेकित पुस्तक, कक्षा दो में हिंदी, गिनतारा, कक्षा तीन, चार, पांच में हिंदी, गणित, परिवेश, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, किताब पढ़ाई जाती है। जबकि कक्षा छह, सात, आठ में हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, गणित, इतिहास नागरिक शास्त्र, भूगोल, विज्ञान, गृह विज्ञान, स्काउट गाइड की किताबें पढ़ाई जाती हैं, लेकिन किताबें उपलब्ध नहीं है।
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अभिभावक वसीम अहमद, आरती देवी, राज कुमार, राम कुमार, जगराम, सगीर अहमद, मोहम्मद अकरम, राम बहोरे आदि ने बताया कि किताब न होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। बिना किताब बच्चों को पढ़ाया जाता है। ऐसे में बच्चों के भविष्य पर संकट है। बाहर दुकान पर भी किताब नहीं मिल रही है। पांच माह से बिना किताब के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
बच्चे कितना सीखेंगे यह सवाल बना हुआ है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि जिले पर किताबें आ गई हैं। सत्यापन आदि के बाद ब्लॉक स्तर पर जल्द ही पहुंच जाएगी। इसके बाद विद्यालय वार किताबें भेज दी जाएंगी। किताब मिलते ही बच्चों में वितरित करा दी जाएगी।