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Sant Kabir Nagar News: परिषदीय स्कूलों से पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की होगी निगरानी
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संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों से पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों (ड्रॉप आउट) की निगरानी की जाएगी। नए शैक्षणिक सत्र में जिले के सभी सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी है। इसके जरिये छात्र की उपस्थिति पर डिजिटल नजर रखी जा सकेगी। यदि कोई छात्र लगातार स्कूल नहीं आता है, तो सिस्टम खुद अलर्ट जारी करेगा। यह अलर्ट सीधे खंड शिक्षा अधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारियों व संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक तक पहुंचेगा। इससे समय रहते बच्चे को दोबारा स्कूल से जोड़ा जा सकेगा।
जिले में 1246 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें करीब एक लाख दस हजार छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इन सभी को यू-डायस पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। जहां हर छात्र का नामांकन, उपस्थिति और शैक्षणिक प्रगति का पूरा रिकॉर्ड दर्ज होगा। नई व्यवस्था में शिक्षकों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया किसी भी छात्र के अनुपस्थित रहने पर शिक्षक को कारण दर्ज करना होगा और जरूरत पड़ने पर उसके घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करना होगा। वह अभिभावकों को जागरूक कर बच्चे को दोबारा स्कूल भेजने का प्रयास करेंगे।
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ऐसे काम करेगा सिस्टम
यू-डायस पोर्टल पर हर छात्र की दैनिक उपस्थिति दर्ज होगी। लगातार अनुपस्थित रहने पर सिस्टम अलर्ट जनरेट करेगा, जो अधिकारियों और स्कूल प्रशासन तक पहुंचेगा। इसके आधार पर तुरंत निगरानी और हस्तक्षेप किया जाएगा।
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शिक्षक-प्रशासन पर बढ़ी जिम्मेदारी
अब शिक्षकों को अनुपस्थित छात्रों का कारण दर्ज करना होगा और जरूरत पड़ने पर उनके घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करना होगा। जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों को फिर से स्कूल लाने की रणनीति भी लागू की जाएगी।
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डिजिटल सिस्टम करेगा ड्रॉप आउट रोकने में मदद
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया आर्थिक तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियों व जागरूकता की कमी के कारण कई बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। डिजिटल सिस्टम शुरुआती स्तर पर ही पहचान करेगा और उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने में मदद करेगा। इस पहल से उपस्थिति में सुधार के साथ ड्रॉपआउट की समस्या पर भी नियंत्रण लगेगा।
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जिले में 1246 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें करीब एक लाख दस हजार छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इन सभी को यू-डायस पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। जहां हर छात्र का नामांकन, उपस्थिति और शैक्षणिक प्रगति का पूरा रिकॉर्ड दर्ज होगा। नई व्यवस्था में शिक्षकों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।
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बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया किसी भी छात्र के अनुपस्थित रहने पर शिक्षक को कारण दर्ज करना होगा और जरूरत पड़ने पर उसके घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करना होगा। वह अभिभावकों को जागरूक कर बच्चे को दोबारा स्कूल भेजने का प्रयास करेंगे।
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ऐसे काम करेगा सिस्टम
यू-डायस पोर्टल पर हर छात्र की दैनिक उपस्थिति दर्ज होगी। लगातार अनुपस्थित रहने पर सिस्टम अलर्ट जनरेट करेगा, जो अधिकारियों और स्कूल प्रशासन तक पहुंचेगा। इसके आधार पर तुरंत निगरानी और हस्तक्षेप किया जाएगा।
शिक्षक-प्रशासन पर बढ़ी जिम्मेदारी
अब शिक्षकों को अनुपस्थित छात्रों का कारण दर्ज करना होगा और जरूरत पड़ने पर उनके घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करना होगा। जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों को फिर से स्कूल लाने की रणनीति भी लागू की जाएगी।
डिजिटल सिस्टम करेगा ड्रॉप आउट रोकने में मदद
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया आर्थिक तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियों व जागरूकता की कमी के कारण कई बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। डिजिटल सिस्टम शुरुआती स्तर पर ही पहचान करेगा और उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने में मदद करेगा। इस पहल से उपस्थिति में सुधार के साथ ड्रॉपआउट की समस्या पर भी नियंत्रण लगेगा।