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हैंसर, पौली, नाथनगर के बीडीओ और एपीओ से स्पष्टीकरण तलब
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हैंसर, पौली, नाथनगर के बीडीओ और एपीओ से स्पष्टीकरण तलब
सीडीओ ने मनरेगा में गाइडलाइन के विपरीत खर्च हुए धन पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। जनपद के हैंसर बाजार, पौली व नाथनगर विकास खंड में मनरेगा योजना में नियमों की धज्जियां उड़ाईं गईं हैं। गाइडलाइन के विपरीत योजना का धन खर्च किया जा रहा है। जिसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विकास खंडों के जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण मांगते हुए चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।
रोजगार परक मनरेगा योजना जनपद के हैंसर बाजार, पौली व नाथनगर में अपने उद्देश्य भटक गई है। इस योजना का उद्देश्य गांव में लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। योजना में पंजीकृत मजदूरों को 100 दिन रोजगार देने की गारंटी है। इसके लिए योजना में प्राप्त धन का 60 प्रतिशत मजदूरी पर खर्च किया जाना चाहिए। मजदूरी के लिए आवंटित धन को भी सामग्री पर खर्च दिखाया जा रहा है। इससे मनरेगा के 60 प्रतिशत मजदूरी और 40 प्रतिशत सामग्री अनुपात का बंधन तोड़ दिया गया है। कई ग्राम पंचायतों में मजदूरी के सापेक्ष कई गुना धन सामग्री पर खर्च कर दिया गया है। सीडीओ सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने मनरेगा योजना में हुई इस गड़बड़ी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तीनों विकास खंडों के जिम्मेदारों को चेतावनी देते हुए पत्र लिखा है कि मजदूरों पर मानक के अनुरूप धन का खर्च क्यों नहीं किया जा रहा है और सामग्री पर ज्यादा धन खर्च किया गया है। सीडीओ के पत्र से संबंधित विकास खंडों में हड़कंप तो जरूर है, लेकिन जिम्मेदार अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। सामग्री पर भुगतान के लिए लगातार डोंगल लगाने का कार्य जारी है। ब्लॉक से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यदि गहनता से जांच की जाए तो इन तीनों विकास खंडों में भारी अनियमितता की पोल खुल सकती है।
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सीडीओ ने मनरेगा में गाइडलाइन के विपरीत खर्च हुए धन पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। जनपद के हैंसर बाजार, पौली व नाथनगर विकास खंड में मनरेगा योजना में नियमों की धज्जियां उड़ाईं गईं हैं। गाइडलाइन के विपरीत योजना का धन खर्च किया जा रहा है। जिसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विकास खंडों के जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण मांगते हुए चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।
रोजगार परक मनरेगा योजना जनपद के हैंसर बाजार, पौली व नाथनगर में अपने उद्देश्य भटक गई है। इस योजना का उद्देश्य गांव में लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। योजना में पंजीकृत मजदूरों को 100 दिन रोजगार देने की गारंटी है। इसके लिए योजना में प्राप्त धन का 60 प्रतिशत मजदूरी पर खर्च किया जाना चाहिए। मजदूरी के लिए आवंटित धन को भी सामग्री पर खर्च दिखाया जा रहा है। इससे मनरेगा के 60 प्रतिशत मजदूरी और 40 प्रतिशत सामग्री अनुपात का बंधन तोड़ दिया गया है। कई ग्राम पंचायतों में मजदूरी के सापेक्ष कई गुना धन सामग्री पर खर्च कर दिया गया है। सीडीओ सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने मनरेगा योजना में हुई इस गड़बड़ी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तीनों विकास खंडों के जिम्मेदारों को चेतावनी देते हुए पत्र लिखा है कि मजदूरों पर मानक के अनुरूप धन का खर्च क्यों नहीं किया जा रहा है और सामग्री पर ज्यादा धन खर्च किया गया है। सीडीओ के पत्र से संबंधित विकास खंडों में हड़कंप तो जरूर है, लेकिन जिम्मेदार अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। सामग्री पर भुगतान के लिए लगातार डोंगल लगाने का कार्य जारी है। ब्लॉक से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यदि गहनता से जांच की जाए तो इन तीनों विकास खंडों में भारी अनियमितता की पोल खुल सकती है।
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