फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Caution: Adulteration Racket Exposed in Fasting Foods and Worship Materials

सावधान : फलाहारी खाद्य पदार्थ और पूजा सामग्री में भी मिलावट का खेल

Fri, 20 Mar 2026 02:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Fri, 20 Mar 2026 02:34 AM IST
विज्ञापन
Caution: Adulteration Racket Exposed in Fasting Foods and Worship Materials
मिलावटी खाद्य पदार्थ की जांच करते अधिकारी।स्रोत-सोशल मीडिया
पडरौना। नवरात्र पर फलाहारी खाद्य पदार्थ और पूजा सामग्री में मिलावट की जा रही है। जानकार बता रहे हैं कि पिछली बार के बचे सामान को खपाया जा रहा है। नवरात्र में व्रत रहने वाले श्रद्धालु फलाहार में कुट्टू और सिंघाड़े का आटा इस्तेमाल करते हैं। कुछ दुकानदार मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में उसमें मिलावट कर रहे हैं, तो कुछ कारोबारी पिछले सीजन के खराब हो चुके आटे को खपाने की कोशिश में लगे हैं। इतना ही नहीं, बाजार में देसी घी और चंदन भी मिलावटी होने की आशंका है। शारदीय नवरात्र में लिए गए 29 नमूनों की जांच में 15 नमूने फेल पाए गए हैं। ऐसे में सोच-समझकर ही खाद्य और पूजन सामग्री की खरीदारी में भ्लाई है।
विज्ञापन

सूत्रों का कहना है कि मिलावटखोर करीब एक करोड़ का मिलावटी सामान धंधेबाज खपाने की तैयारी कर लिए हैं। बृहस्पतिवार को एक दुकान पर देसी घी के पैक पर खाने योग्य नहीं लिखा मिला, जिसे लोग जानकारी के अभाव में सस्ता होने के चलते खरीद रहे थे। यही हाल हवन सामग्री, चंदन, धूप, धूपबत्ती और पूजन के अन्य सामान का है। सेहत के लिए सबसे ज्यादा खतरा कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से है। खराब आटे के सेवन से व्रत तो टूटेगा ही, फूड प्वाइजनिंग का भी खतरा हो सकता है। आटा खरीदने से पहले आम लोगों के पास गुणवत्ता की पहचान करने का कोई तरीका नहीं है।
विज्ञापन

जानकारों का कहना है कि विश्वसनीय दुकान से ही कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की खरीदारी करें। ज्यादातर कारोबारी गोरखपुर मंडी से थोक सामान मंगा रहे हैं। सबसे अधिक मांग, तिल के तेल, मुंगफली, कुट्टू का आटा, मखाना लावा और घी की है। किराना दुकानदार अजय शर्मा ने बताया कि बाजार में सस्ते के चक्कर में कई खराब गुणवत्ता वाली सामग्री मिल जाएगी। कुट्टू का आटा 65 से लेकर 70 तक अगर मिले तो मान लीजिए मिलावटी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं बाजार में सांवा का चावल 60 रुपये किलो मिलावट वाला ही मिलेगा। बाजार में सिर्फ कुछ लोग ही अच्छे कारोबारियों का नाम खराब करने में लगे रहे हैं। उन्होंने लोगों को सस्ते के चक्कर में नहीं अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री की खरीदारी करनी चाहिए। व्रत के दौरान फलाहार में इस्तेमाल होने वाली सामग्री में मिलावट होने की पुष्टि बीते शारदीय नवरात्र के दौरान खाद्य विभाग से एकत्र नमूनों की आई जांच रिपोर्ट कर रही है। खाद्य विभाग के अनुसार पिछले शारदीय नवरात्र के समय दही, छेना, तिन्नी का चावल, बकला दाल, पनीर, छुहाड़ा, किसमिस, साबुदाना, रामदाना, मूंगफली, कुट्टू का आटा, पापड, सिंघाड़े का आटा और खोआ के कुल 29 नमूने लिए गए थे। इन नमूनों में 14 ही विभाग की प्रयोगशाला में खरे उतरे हैं, जबकि 15 नमूने फेल हो गए हैं।


0

रेट घटाकर खपा देते हैं मिलावटी सामान
जानकार बताते हैं कि दीप जलाने के लिए तिल का तेल हो या देसी घी, सबकी क्वालिटी घटिया है। हवन सामग्री, रोली, कुमकुम, पूजा की हल्दी आदि की शुद्धता की कोई गारंटी नहीं है। पूजन सामग्री विक्रेता विजय शंकर गुप्ता ने बताया कि बाजार में शुद्ध तिल 145 से 150 रुपये लीटर है। मिलावट वाले तिल का तेल 100 रुपये प्रति लीटर मिल जाएगा। सभी कारोबारी मिलावटी तेल नहीं रखते हैं। यह सिर्फ कुछ के पास मिल सकता है। उन्होंने बताया कि नकली कलावा सिंथेटिक धागे का होता है। असली कलावा आसानी से टूट जाता है। नकली कलावा तोड़ने में जोर लगाना पड़ता है। ऐसे ही असली कपूर की खुशबू तेज होती है।

0

मिलावटी कुट्टू और सिंघाड़े का आटा खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा होता है। उल्टी, दस्त, पेट में तेज दर्द, ऐंठन, बुखार और चक्कर आ सकते हैं। पुराना या मिलावटी आटा पेट में संक्रमण, एलर्जी, एसिडिटी और लिवर-किडनी को नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए कुट्टू और सिंघाड़े का आटा जान पहचान की दुकान से ही खरीदें। -डॉ. प्रवीण कुमार राव, डीएम गैस्ट्रो।

0

चैत्र नवरात्र और ईद पर लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिले, इसके लिए विभाग पूरी तरह सक्रिय है। खाद्य पदार्थों की जांच के लिए जांच टीम गठित की गई है। अभियान चलाकर खाद्य एवं पेयपदार्थों के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। लोगों को भी खाद्य पदार्थ की खरीदारी करते समय पूरी तरह जांच पड़ताल कर लेनी चाहिए। यदि कहीं मिलावटी खाद्य पदार्थ मिलने की जानकारी हो तो विभाग से शिकायत करें, तत्काल कार्रवाई की जाएगी। -प्रदीप कुमार राय, सहायक आयुक्त खाद्य- द्वितीय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग।
----
फूड सेफ्टी ऑन व्हील की जांच में एक नमूना फेल
पडरौना। बृहस्पतिवार को जिले में फूड सेफ्टी ऑन व्हील ने 31 खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच की। एक नमूना अशुद्ध मिला। संबंधित दुकानदार को अशुद्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं करने के निर्देश देकर मौजूद लोगों को खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान के बारे में जागरूक किया गया। अलग-अलग दुकानों से फलाहारी खाद्य पदार्थों के चार नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय प्रदीप कुमार राय ने बताया कि बृहस्पतिवार को फूड सेफ्टी ऑन व्हील सचल खाद्य प्रयोगशाला द्वारा विशेष जांच एवं जागरूकता अभियान संचालित किया गया। इस दौरान रविंद्रनगर धूस, पडरौना, शहीद चौक कसया और गांधी चौक पर लोगों को खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान आदि के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद अलग-अलग खाद्य पदार्थों के 31 नमूनों की जांच की गई। जांच के दौरान एक नमूना अशुद्ध मिला। संबंधित दुकानदार को शुद्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री करने की सलाह दी गई। उन्होंने बताया कि रामनवमी पर्व पर लोगों को सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए विभाग की तरफ से विशेष सघन अभियान चलाया गया। इसमें मिलावट की आशंका होने पर रविंद्रनगर धूस स्थित एक दुकान से सिंघाड़ा का आटा व कुट्टू का आटा और कसया क्षेत्र एक दुकान से साबूदाना समेत कुल चार नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।

इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम बुझावन चौहान, कन्हैया लाल वर्मा आदि मौजूद रहे।

मिलावटी खाद्य पदार्थ की जांच करते अधिकारी।स्रोत-सोशल मीडिया

मिलावटी खाद्य पदार्थ की जांच करते अधिकारी।स्रोत-सोशल मीडिया

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed