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ग्राम प्रधान रजापुर सरैया का अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र निरस्त
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ग्राम प्रधान रजापुर सरैया का अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र निरस्त
गांव के अनिकेतमणि पांडेय ने की थी शिकायत
जांच में आरोप पाए गए सत्य
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सेमरियावां विकास खंड की ग्राम पंचायत रजापुर सरैया के ग्राम प्रधान श्याम सुंदर का अनुसूचित जाति का निर्गत प्रमाणपत्र जांच के बाद निरस्त कर दिया गया। ऐसे में इनकी प्रधानी खतरे में पड़ गई है।
ग्राम पंचायत रजापुर सरैया निवासी अनिकेतमणि पांडेय ने छह अप्रैल 2021 को डीएम व राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी कि गांव के श्याम सुंदर पुत्र हूबलाल जाति के कहार हैं। हलका लेखपाल से मिलकर उन्होंने अपना, अपने भाई की पत्नी संजू देवी पत्नी वीरेंद्र कुमार के नाम कहार जाति के होने के बाद भी गोंड बताकर अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी करा लिया। अपने अधिवक्ता के माध्यम से शिकायतकर्ता ने 1356 फसली का जिक्र किया, जिसमें श्याम सुंदर के परिजनों के आगे कौम कहार अंकित है। इनकी बड़ी माता मृतक आश्रित पर रेलवे में नौकरी करती हैं, उनका भी कहार जाति पिछड़ी जाति का प्रमाणपत्र निर्गत है। श्याम सुंदर द्वारा तथ्यों को छिपाकर चुनाव का लाभ लेने के लिए गोंड अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र निर्गत करा लिया गया। डीएम दिव्या मित्तल ने शिकायत की जांच की जिम्मेदारी एडीएम, एसडीएम खलीलाबाद और जिला समाज कल्याण अधिकारी को सौपीं। एडीएम मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जांच टीम ने तथ्यों के आधार पर पाया कि श्याम सुंदर ग्राम रजापुर सरैया के पक्ष में निर्गत गोंड अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र निरस्त करने योग्य है। इसके साथ ही उनका अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया है। जिस आरक्षण की बदौलत वे प्रधान चुने गए, अब उसका जाति प्रमाणपत्र ही निरस्त हो गया। ऐसे में प्रधान पद खतरे में पड़ गया है।
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गांव के अनिकेतमणि पांडेय ने की थी शिकायत
जांच में आरोप पाए गए सत्य
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सेमरियावां विकास खंड की ग्राम पंचायत रजापुर सरैया के ग्राम प्रधान श्याम सुंदर का अनुसूचित जाति का निर्गत प्रमाणपत्र जांच के बाद निरस्त कर दिया गया। ऐसे में इनकी प्रधानी खतरे में पड़ गई है।
ग्राम पंचायत रजापुर सरैया निवासी अनिकेतमणि पांडेय ने छह अप्रैल 2021 को डीएम व राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी कि गांव के श्याम सुंदर पुत्र हूबलाल जाति के कहार हैं। हलका लेखपाल से मिलकर उन्होंने अपना, अपने भाई की पत्नी संजू देवी पत्नी वीरेंद्र कुमार के नाम कहार जाति के होने के बाद भी गोंड बताकर अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी करा लिया। अपने अधिवक्ता के माध्यम से शिकायतकर्ता ने 1356 फसली का जिक्र किया, जिसमें श्याम सुंदर के परिजनों के आगे कौम कहार अंकित है। इनकी बड़ी माता मृतक आश्रित पर रेलवे में नौकरी करती हैं, उनका भी कहार जाति पिछड़ी जाति का प्रमाणपत्र निर्गत है। श्याम सुंदर द्वारा तथ्यों को छिपाकर चुनाव का लाभ लेने के लिए गोंड अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र निर्गत करा लिया गया। डीएम दिव्या मित्तल ने शिकायत की जांच की जिम्मेदारी एडीएम, एसडीएम खलीलाबाद और जिला समाज कल्याण अधिकारी को सौपीं। एडीएम मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जांच टीम ने तथ्यों के आधार पर पाया कि श्याम सुंदर ग्राम रजापुर सरैया के पक्ष में निर्गत गोंड अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र निरस्त करने योग्य है। इसके साथ ही उनका अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया है। जिस आरक्षण की बदौलत वे प्रधान चुने गए, अब उसका जाति प्रमाणपत्र ही निरस्त हो गया। ऐसे में प्रधान पद खतरे में पड़ गया है।
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