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Sant Kabir Nagar News: मिलावटी मसाले बेचकर सेहत से खिलवाड़ कर रहे धंधेबाज

Mon, 27 May 2024 11:31 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Mon, 27 May 2024 11:31 PM IST
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Businessmen playing with health by selling adulterated spices
पुरानी सब्जी मंडी में मसाले की दुकान लगी। संवाद
- नहीं रुक रहा मिलावट का धंधा, वर्ष 2023-24 में मसाले के लिए गए थे सात नमूने, चार मिले अधोमानक
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मसाले की खरीदारी करते समय सतर्क रहने की जरूरत है। पिसे मसाले में मिलावट का खेल जोरों पर है। यही कारण है कि पिसे मसाले और खुले मसाले के भाव में भी काफी अंतर है। मिलावटखोर सस्ते की लालच देकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रतिबंध के बावजूद बाजार में सड़क के किनारे पिसे हुए खुले मसाले धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। वर्ष 2023-24 में खाद्य विभाग ने मसाले के सात नमूने लिए थे, जिसमें चार अधोमानक पाए गए। दोषियों पर सात हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
मसालों में मिलावट का धंधा बहुत पुराना है। खड़ा मसाला हो या पिसा मसाला सभी में धंधेबाज मिलावट कर रहे हैं। टूटी धनिया, हल्दी समेत अन्य मसाले जो खराब होने के कारण साबूत नहीं बिक पाते, उसे पिसवाकर उनमें सिंथेटिक रंग, लकड़ी का बुरादा और गेरू आदि मिलाकर मिलाकर बेच दिया जाता है। यह मसाला स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इस खेल से अंजान लोग पैकेट के मसाले से सस्ता पिसा हुआ खुला मसाला खरीद रहे हैं। शहर और देहात के बाजारों में खुले में पिसे मसाले की दुकानें फुटपाथ पर जगह-जगह देखने को मिल जाएगी।
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250 ग्राम पिसे मसाले के भाव
मसाला खुला पैकेट वाला
लाल मिर्चा 50 80
हल्दी 50 70
धनिया 40 65
जीरा 80 120
(नोट- ये भाव रुपये में हैं)

-मिलावट रोकने संबंधी कानून
मिलावट को एक संगीन जुर्म माना गया है और इसे रोकने के लिए कई कानून बनाए गए हैं। एक अप्रैल 1996 को पुराने कानून में संशोधन करके उसे और प्रभावी बनाया गया। इसके अनुसार खाद्य पदार्थो में मिलावट करने को आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। मिलावट की जांच के लिए कई प्रयोगशालाएं भी बनाई गई हैं।
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खाद्य पदार्थ मिलावट
मिर्च पाउडर लकड़ी का बुरादा और गेरु
हल्दी मेटनिल यलो (नकली रंग)
दालचीनी अमलतास की छाल (रंग कर)
काली मिर्च पपीते का बीज

मिलावट टेस्ट करने का तरीका
मिर्च पाउडर : किसी चौड़े मुंह वाले बर्तन में पानी भर लें। पानी की सतह पर मिर्च की थोड़ी सी बुक्की छिड़के। बुरादा पानी की सतह पर तैरने लगेगा और बर्तन में गेरु का दाग पड़ जाएगा।
हल्दी : थोड़े से हल्दी पाउडर में एचसीएल एसिड डालें, यदि उसका रंग जामुनी हो जाता है तो मिलावट है।
दालचीनी : अमलतास की छाल, स्वाद और खुशबू में दालचीनी से मिलती-जुलती है। पानी में भिगोने से रंग छूटने लगता है।
काली मिर्च : इसे पानी में डालने से पपीते के बीज ऊपर आ जाते हैं।

बोले जिम्मेदार
वर्ष 2023-24 में मसाले के सात नमूने लिए गए। जिसमें चार नमूने अधोमानक पाए गए, जबकि एक नमूना असुरक्षित पाया गया। एडीएम के यहां वाद के चार निर्णय में दोषियों पर सात हजार रुपया जर्माना लगाया गया है।

- जेपी तिवारी, खाद्य निरीक्षक, खाद्य एवं औषधि विभाग

खाद्य पदार्थ में मिलावट स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह होता है। मिलावटी मसालों के सेवन से पाचनतंत्र खराब होता है। लिवर, किडनी समेत शरीर के अन्य अंग को नुकसान पहुंचता है और कई बीमारियों के होने का खतरा रहता है।
- डॉ. रमाशंकर सिंह, वरिष्ठ परामर्श चिकित्सक
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