{"_id":"65dceac35b10316c21086854","slug":"brother-and-sister-injured-after-being-hit-by-pickup-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-110376-2024-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: बदली परिस्थितियों में बच्चों में पढ़ने की रूचि पैदा करें शिक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: बदली परिस्थितियों में बच्चों में पढ़ने की रूचि पैदा करें शिक्षक
Tue, 27 Feb 2024 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 27 Feb 2024 01:17 AM IST
विज्ञापन
मेंहदावल। ब्लॉक संसाधन केंद्र पर सोमवार को शिक्षकों और शिक्षा मित्रों का फाउण्डेशन लिटरेसी व न्यूमरेसी (एफएलएन) पर आधारित चार दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। इस प्रशिक्षण में 50-50 के दो बैच में 100 शिक्षक और शिक्षामित्रों ने प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षक वशिष्ठ प्रसाद और प्रेमनाथ पांडेय ने शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लिए निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बदले जमाने और बदली परिस्थितियों में बच्चे पढ़ने में रूचि लें, आकर्षित हों एवं स्कूल आने के लिए लालायित रहें। ऐसी स्थिति उत्पन्न करना हर शिक्षक की नैतिक जिम्मेदारी है। उसे सत्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करना होगा। भाषा और गणित मजबूत होने पर बच्चे सभी क्षेत्रों में सभी स्तर पर पारंगत होंगे। हमें उनको रटाना नहीं आत्मसात कराना है तो ज्ञान स्थायी होगा। शिक्षक सभी बच्चों का स्तर भली-भांति जानते हैं। उन्हें एक ही विधा से नहीं पढ़ाया जा सकता।
प्रशिक्षक सुशील कुमार त्रिपाठी और रामहरि सिंह कहा कि एक न्याय संगत और न्यायपूर्ण समाज के विकास और राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए करूणा, सहानुभूति, साहस और लचीलापन, वैज्ञानिक चिंतन, रचनात्मक कल्पनाशक्ति एवं नैतिक मूल्यों का विकास करना मूलभूत आवश्यकता है। जिससे तर्कसंगत विचार और कार्य करने में सक्षम अच्छे इंसानों का विकास होगा। इस अवसर पर प्रदीप मिश्र, मीना पांडेय, अजय बहादुर पांडेय, प्रफुल्ल त्रिपाठी, अलंकृता, सत्यव्रत मिश्र, रामप्रकाश राय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रशिक्षक वशिष्ठ प्रसाद और प्रेमनाथ पांडेय ने शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लिए निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बदले जमाने और बदली परिस्थितियों में बच्चे पढ़ने में रूचि लें, आकर्षित हों एवं स्कूल आने के लिए लालायित रहें। ऐसी स्थिति उत्पन्न करना हर शिक्षक की नैतिक जिम्मेदारी है। उसे सत्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करना होगा। भाषा और गणित मजबूत होने पर बच्चे सभी क्षेत्रों में सभी स्तर पर पारंगत होंगे। हमें उनको रटाना नहीं आत्मसात कराना है तो ज्ञान स्थायी होगा। शिक्षक सभी बच्चों का स्तर भली-भांति जानते हैं। उन्हें एक ही विधा से नहीं पढ़ाया जा सकता।
विज्ञापन
प्रशिक्षक सुशील कुमार त्रिपाठी और रामहरि सिंह कहा कि एक न्याय संगत और न्यायपूर्ण समाज के विकास और राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए करूणा, सहानुभूति, साहस और लचीलापन, वैज्ञानिक चिंतन, रचनात्मक कल्पनाशक्ति एवं नैतिक मूल्यों का विकास करना मूलभूत आवश्यकता है। जिससे तर्कसंगत विचार और कार्य करने में सक्षम अच्छे इंसानों का विकास होगा। इस अवसर पर प्रदीप मिश्र, मीना पांडेय, अजय बहादुर पांडेय, प्रफुल्ल त्रिपाठी, अलंकृता, सत्यव्रत मिश्र, रामप्रकाश राय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन