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Sant Kabir Nagar News: जिला अस्पताल में खून की जांच ठप
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जिला अस्पताल स्थित पैथोलॉजी कक्ष का बंद दरवाजा।
- फोटो : KHALILABAD
जिला अस्पताल में खून की जांच ठंप
एचवी वन सी, बायोकेमेस्ट्री, सीबीसी मशीन खराब, मरीज परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में खून जांच के लिए लगी चार मशीनों में तीन खराब हैं। इससे 20 प्रकार की खून की जांच ठप हो गई है। मरीजों को प्राइवेट पैथोलॉजी में जांच करानी पड़ रही है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 180 से 200 मरीजों की खून की जांच होती है।
पैथोलॉजी विभाग में सीबीसी (कंपलीट ब्लड काउंटिग) मशीन कई दिनों से खराब है। इससे हीमोग्लोबिन अर्थात लाल रक्त कणिकाएं, श्वेत रक्त कणिकाएं, प्लेटलेट्स का पता चलता है कि खून में इनकी मात्रा क्या है। इससे मरीज के स्वास्थ्य की प्राथमिक जांच की जाती है।
ऐसे में मरीजों पैथोलॉजी केंद्रों, निजी अस्पतालों में अधिक रुपये देकर जांच करानी पड़त है। बायोकेमेस्ट्री, शुगर, यूरिया, किडनी आदि जां की मशीनें भी हैं। शुगर के लिए तीन माह की रिपोर्ट देने वाली मशीन भी खराब है। शनिवार को खून की जांच कराने आए रामसूरत चौरसिया, विंदु देवी, कुसमावती आदि का कहना है कि चिकित्सक ने खून की जांच लिखी है, यहां आने पर पता चला कि मशीन खराब है। अब बाहर जांच करानी पडे़गी।
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कोट
पैथोलॉजी में जांच मशीनें खराब हो गई हैं। उसके पार्ट्स के लिए कार्यदायी संस्था को पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही मशीनें सही हो जाएंगी।
-डॉ. आनंद मिश्र, प्रभारी पैथोलॉजी विभाग
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एचवी वन सी, बायोकेमेस्ट्री, सीबीसी मशीन खराब, मरीज परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में खून जांच के लिए लगी चार मशीनों में तीन खराब हैं। इससे 20 प्रकार की खून की जांच ठप हो गई है। मरीजों को प्राइवेट पैथोलॉजी में जांच करानी पड़ रही है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 180 से 200 मरीजों की खून की जांच होती है।
पैथोलॉजी विभाग में सीबीसी (कंपलीट ब्लड काउंटिग) मशीन कई दिनों से खराब है। इससे हीमोग्लोबिन अर्थात लाल रक्त कणिकाएं, श्वेत रक्त कणिकाएं, प्लेटलेट्स का पता चलता है कि खून में इनकी मात्रा क्या है। इससे मरीज के स्वास्थ्य की प्राथमिक जांच की जाती है।
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ऐसे में मरीजों पैथोलॉजी केंद्रों, निजी अस्पतालों में अधिक रुपये देकर जांच करानी पड़त है। बायोकेमेस्ट्री, शुगर, यूरिया, किडनी आदि जां की मशीनें भी हैं। शुगर के लिए तीन माह की रिपोर्ट देने वाली मशीन भी खराब है। शनिवार को खून की जांच कराने आए रामसूरत चौरसिया, विंदु देवी, कुसमावती आदि का कहना है कि चिकित्सक ने खून की जांच लिखी है, यहां आने पर पता चला कि मशीन खराब है। अब बाहर जांच करानी पडे़गी।
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कोट
पैथोलॉजी में जांच मशीनें खराब हो गई हैं। उसके पार्ट्स के लिए कार्यदायी संस्था को पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही मशीनें सही हो जाएंगी।
-डॉ. आनंद मिश्र, प्रभारी पैथोलॉजी विभाग