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Sant Kabir Nagar News: बरामद हथियारों पर खून के धब्बे, अब जांच में पता चलेगा प्रधान का है या नहीं
Thu, 07 Sep 2023 11:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 07 Sep 2023 11:42 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र के नौहट गांव में मतृक प्रधान कौशल चौधरी के परिजन।संवाद
फोटो
नौहट के प्रधान कौशल चौधरी की जून में की गई थी हत्या,
घटना में शामिल दो सगे भाई, पिता समेत सात आरोपी जेल में
हत्या की जड़ में रहा जमीन विवाद,घटना से बिखरा गया पीड़ित परिवार
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के नौहट के प्रधान कौशल चौधरी की जून 2023 में हुई हत्या में बरामद हथियारों पर मानव खून के धब्बे मिले हैं। इसकी पुष्टि फोरेंसिक टीम ने की है। प्रधान की हत्या की वजह जमीन व चुनावी रंजिश बताई जा रही है। उधर, फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद पुलिस इस मामले में साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को सजा दिलाने की कवायद में जुट गई है। हत्या के बाद प्रधान का परिवार बिखर गया है। जबकि घटना के आरोपी दो सगे भाई, पिता समेत सात लोग जेल में है।
नौहट गांव के प्रधान कौशल चौधरी और मुख्य आरोपी हरेंद्र चौधरी के परिवार के बीच में पहले घनिष्ठता थी। कौशल जब पहली बार प्रधान का चुनाव लड़े थे, तब आरोपी का परिवार उनके साथ खड़ा था। आरोपी हरेंद्र चौधरी के पिता परमात्मा चौधरी के बाबा सुबरन चौधरी थे। उनके दो बेटियां थीं। सुबरन की देखरेख परमात्मा चौधरी ने किया था। बुआ रामपरी से आरोपी हरेंद्र चौधरी का विवाद चलता था। रामपरी से जमीन आरोपियों के मना करने बाद भी प्रधान कौशल चौधरी ने बैनामा करा लिया था। यहीं से प्रधान कौशल चौधरी और आरोपी हरेंद्र चौधरी के परिवार के बीच दुश्मनी की लकीर खींच गई थी।
दूसरी बार कौशल चौधरी प्रधान का चुनाव लड़े तो विपक्ष में मुख्य आरोपी हरेंद्र चौधरी के पिता परमात्मा ने भी दावेदारी ठोंक दी थी, लेकिन कौशल चौधरी चुनाव जीत गए थे। जमीन की शुरू हुई अदावत ने चुनावी रंजिश को भी जन्म दे यया। यहीं से दोनों परिवारों के बीच वर्चस्व की जंग शुरू हो गई। ग्रामीणाें ने बताया कि जनवरी 2023 में कौशल चौधरी के ईंट भट्ठे की दीवार को विपक्षियाें ने गिरा दी थी। यह प्रकरण कोतवाली पहुंचा था और केस भी दर्ज हुआ था। विरोध की वजह सेकौशल चौधरी भट्ठा का काम शुरू नहीं कर पाए थे।
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11 फरवरी को भी दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बलवा, मारपीट और एससीएसटी एक्ट का केस दर्ज कराया था। आरोप है कि विपक्षियों ने साजिश रचकर 29 जून 2023 को प्रधान कौशल चौधरी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पीड़ित पत्नी प्रमिला की तहरीर पर पुलिस ने गांव के मुख्य आरोपी हरेंद्र चौधरी, उसके भाई चंद्रशेखर चौधरी और पिता परमात्मा चौधरी आदि पर हत्या का केस दर्ज किया था। इनके अलावा हरेंद्र चौधरी के चार दोस्त भी आरोपी बनाए गए थे। घटना में शामिल दो सगे भाई, पिता समेत सातों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। पूर्व कोतवाल सर्वेश राय ने मामले की विवेचना की। विवेचक ने विवेचना में जमीन विवाद का प्रकरण पाया। जमीन से संबंधित कागजात भी साक्ष्य के तौर पर विवेचना में शामिल किया गया है। विवेचक ने आरोपियों की गाड़ी से बरामद डंडा, हॉकी और रॉड को फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा था। फोरेंसिक रिपोर्ट में हॉकी, रॉड में मानव के खून होने की पुष्टि हुई है।
पीड़ित पत्नी प्रमिला ने बताया कि उसके परिवार में बूढ़ी सास और उसके दो बेटे आठ वर्षीय अतुल और चार वर्षीय सिद्धार्थ हैं। पति की हत्या से उसका परिवार बिखर गया। मृतक प्रधान के जीजा हरिशंकर चौधरी, साले अंगद चौधरी और भांजे निखिल ने बताया कि परिवार को आर्थिक परेशानी नहीं है। दुख इस बात का है कि यदि समय रहते पुलिस विवाद पर कार्रवाई की होती तो यह नौबत न आती। जबकि आरोपी परमात्मा चौधरी के घर की महिलाओं ने कहा कि उनके परिवार के तीन लोगों को गलत तरीके से हत्या के केस में फंसाया गया है।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया कि प्रधान कौशल चौधरी की हत्या में शामिल सभी सात आरोपी जेल में हैं। विवेवक ने आरोपपत्र सीजेएम कोर्ट में दाखिल कर दिया है। अब तक किसी आरोपी की जमानत नहीं हुई है। कोर्ट में आरोपियों पर आरोप तय करने की प्रक्रिया प्रचलित है। 18 सितंबर को तारीख लगी है।
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कौशल की पत्नी प्रमिला चुनी गईं निर्विरोध प्रधान
पंचस्थानि चुनाव कार्यालय के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी केडी पांडेय ने बताया कि नौहट के प्रधान कौशल चौधरी की हत्या की वजह से पद रिक्त हो गया था। उपचुनाव में प्रधान पद की इकलौती प्रत्याशी स्वर्गीय कौशल चौधरी की पत्नी प्रमिला हैं। इस वजह से प्रमिला निर्विरोध प्रधान चुनी गईं। आठ सितंबर को ब्लॉक मुख्यालय पर उन्हें जीत का प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
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कोट
प्रधान स्वर्गीय कौशल चौधरी की हत्या में शामिल सभी सातों आरोपी जेल में हैं। विवेचक ने आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया है। हत्या में शामिल आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की जाएगी।
-संतोष कुमार सिंह, प्रभारी एसपी
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नौहट के प्रधान कौशल चौधरी की जून में की गई थी हत्या,
घटना में शामिल दो सगे भाई, पिता समेत सात आरोपी जेल में
हत्या की जड़ में रहा जमीन विवाद,घटना से बिखरा गया पीड़ित परिवार
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के नौहट के प्रधान कौशल चौधरी की जून 2023 में हुई हत्या में बरामद हथियारों पर मानव खून के धब्बे मिले हैं। इसकी पुष्टि फोरेंसिक टीम ने की है। प्रधान की हत्या की वजह जमीन व चुनावी रंजिश बताई जा रही है। उधर, फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद पुलिस इस मामले में साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को सजा दिलाने की कवायद में जुट गई है। हत्या के बाद प्रधान का परिवार बिखर गया है। जबकि घटना के आरोपी दो सगे भाई, पिता समेत सात लोग जेल में है।
नौहट गांव के प्रधान कौशल चौधरी और मुख्य आरोपी हरेंद्र चौधरी के परिवार के बीच में पहले घनिष्ठता थी। कौशल जब पहली बार प्रधान का चुनाव लड़े थे, तब आरोपी का परिवार उनके साथ खड़ा था। आरोपी हरेंद्र चौधरी के पिता परमात्मा चौधरी के बाबा सुबरन चौधरी थे। उनके दो बेटियां थीं। सुबरन की देखरेख परमात्मा चौधरी ने किया था। बुआ रामपरी से आरोपी हरेंद्र चौधरी का विवाद चलता था। रामपरी से जमीन आरोपियों के मना करने बाद भी प्रधान कौशल चौधरी ने बैनामा करा लिया था। यहीं से प्रधान कौशल चौधरी और आरोपी हरेंद्र चौधरी के परिवार के बीच दुश्मनी की लकीर खींच गई थी।
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दूसरी बार कौशल चौधरी प्रधान का चुनाव लड़े तो विपक्ष में मुख्य आरोपी हरेंद्र चौधरी के पिता परमात्मा ने भी दावेदारी ठोंक दी थी, लेकिन कौशल चौधरी चुनाव जीत गए थे। जमीन की शुरू हुई अदावत ने चुनावी रंजिश को भी जन्म दे यया। यहीं से दोनों परिवारों के बीच वर्चस्व की जंग शुरू हो गई। ग्रामीणाें ने बताया कि जनवरी 2023 में कौशल चौधरी के ईंट भट्ठे की दीवार को विपक्षियाें ने गिरा दी थी। यह प्रकरण कोतवाली पहुंचा था और केस भी दर्ज हुआ था। विरोध की वजह सेकौशल चौधरी भट्ठा का काम शुरू नहीं कर पाए थे।
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11 फरवरी को भी दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बलवा, मारपीट और एससीएसटी एक्ट का केस दर्ज कराया था। आरोप है कि विपक्षियों ने साजिश रचकर 29 जून 2023 को प्रधान कौशल चौधरी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पीड़ित पत्नी प्रमिला की तहरीर पर पुलिस ने गांव के मुख्य आरोपी हरेंद्र चौधरी, उसके भाई चंद्रशेखर चौधरी और पिता परमात्मा चौधरी आदि पर हत्या का केस दर्ज किया था। इनके अलावा हरेंद्र चौधरी के चार दोस्त भी आरोपी बनाए गए थे। घटना में शामिल दो सगे भाई, पिता समेत सातों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। पूर्व कोतवाल सर्वेश राय ने मामले की विवेचना की। विवेचक ने विवेचना में जमीन विवाद का प्रकरण पाया। जमीन से संबंधित कागजात भी साक्ष्य के तौर पर विवेचना में शामिल किया गया है। विवेचक ने आरोपियों की गाड़ी से बरामद डंडा, हॉकी और रॉड को फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा था। फोरेंसिक रिपोर्ट में हॉकी, रॉड में मानव के खून होने की पुष्टि हुई है।
पीड़ित पत्नी प्रमिला ने बताया कि उसके परिवार में बूढ़ी सास और उसके दो बेटे आठ वर्षीय अतुल और चार वर्षीय सिद्धार्थ हैं। पति की हत्या से उसका परिवार बिखर गया। मृतक प्रधान के जीजा हरिशंकर चौधरी, साले अंगद चौधरी और भांजे निखिल ने बताया कि परिवार को आर्थिक परेशानी नहीं है। दुख इस बात का है कि यदि समय रहते पुलिस विवाद पर कार्रवाई की होती तो यह नौबत न आती। जबकि आरोपी परमात्मा चौधरी के घर की महिलाओं ने कहा कि उनके परिवार के तीन लोगों को गलत तरीके से हत्या के केस में फंसाया गया है।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया कि प्रधान कौशल चौधरी की हत्या में शामिल सभी सात आरोपी जेल में हैं। विवेवक ने आरोपपत्र सीजेएम कोर्ट में दाखिल कर दिया है। अब तक किसी आरोपी की जमानत नहीं हुई है। कोर्ट में आरोपियों पर आरोप तय करने की प्रक्रिया प्रचलित है। 18 सितंबर को तारीख लगी है।
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कौशल की पत्नी प्रमिला चुनी गईं निर्विरोध प्रधान
पंचस्थानि चुनाव कार्यालय के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी केडी पांडेय ने बताया कि नौहट के प्रधान कौशल चौधरी की हत्या की वजह से पद रिक्त हो गया था। उपचुनाव में प्रधान पद की इकलौती प्रत्याशी स्वर्गीय कौशल चौधरी की पत्नी प्रमिला हैं। इस वजह से प्रमिला निर्विरोध प्रधान चुनी गईं। आठ सितंबर को ब्लॉक मुख्यालय पर उन्हें जीत का प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
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प्रधान स्वर्गीय कौशल चौधरी की हत्या में शामिल सभी सातों आरोपी जेल में हैं। विवेचक ने आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया है। हत्या में शामिल आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की जाएगी।
-संतोष कुमार सिंह, प्रभारी एसपी