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Sant Kabir Nagar News: प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की मनाई गई जयंती
Tue, 14 Nov 2023 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 14 Nov 2023 11:54 PM IST
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सेमरियावां ब्लाक कांग्रेस कमेटी कार्यालय में पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती मनाते कांग्रेसी।
सेमरियावां। ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आधुनिक भारत के निर्माता देश के प्रथम प्रधानमंत्री तथा भारत रत्न पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती धूमधाम से मनाई गई। जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हाजी मुहम्मद नजीर तथा ब्लाॅक अध्यक्ष मुहम्मद अकरम नजीर ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर याद किया। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू ने आम चुनाव में लोकतंत्र की नींव रखी थी।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष हाजी मुहम्मद नजीर ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लोकतंत्र के साथ स्वतंत्रता और समानता के अटूट संबंध को स्वीकार किया। वे मानते थे कि समानता के बगैर स्वतंत्रता और लोकतंत्र का कोई अर्थ नहीं है। पंडित नेहरू के नेतृत्व में देश के पहले आम चुनाव में स्वस्थ लोकतंत्र की नींव रखी गई थी। नेहरू के व्यक्तित्व में व्यवहारिकता और आदर्शवादिता दोनों गुणों का समन्वय था। जो कि एक दुर्लभ गुण है। नेहरू के विचारों में पश्चिमी सभ्यता व आधुनिकता का समावेश था। स्वाभाविक रूप से लोकतंत्र के समर्थक पंडित नेहरू संसद व कांग्रेस को साथ लेकर चलते रहे। संवैधानिक नियमों के अनुरूप दक्षतापूर्वक कार्य करने में उन्होंने कभी संकोच नहीं किया। वे राष्ट्रीयता के गुणों को भली-भांति समझते थे। इसीलिए उन्होंने देश को एक संतुलित, संयमशील एवं आदर्श राष्ट्रवाद के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान सैयद तारिक हुसैन, अतीक अहमद, मुहम्मद कलीम, परवेज अख्तर, महेश कुमार, मुश्ताक अली, अतीक सिद्दीकी, राजाराम आर्या, वाजिद अली, मुहम्मद रशीद, नूर आलम सिद्दीकी, मसूद अहमद, अख्तर हुसैन, टीएच सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
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वरिष्ठ उपाध्यक्ष हाजी मुहम्मद नजीर ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लोकतंत्र के साथ स्वतंत्रता और समानता के अटूट संबंध को स्वीकार किया। वे मानते थे कि समानता के बगैर स्वतंत्रता और लोकतंत्र का कोई अर्थ नहीं है। पंडित नेहरू के नेतृत्व में देश के पहले आम चुनाव में स्वस्थ लोकतंत्र की नींव रखी गई थी। नेहरू के व्यक्तित्व में व्यवहारिकता और आदर्शवादिता दोनों गुणों का समन्वय था। जो कि एक दुर्लभ गुण है। नेहरू के विचारों में पश्चिमी सभ्यता व आधुनिकता का समावेश था। स्वाभाविक रूप से लोकतंत्र के समर्थक पंडित नेहरू संसद व कांग्रेस को साथ लेकर चलते रहे। संवैधानिक नियमों के अनुरूप दक्षतापूर्वक कार्य करने में उन्होंने कभी संकोच नहीं किया। वे राष्ट्रीयता के गुणों को भली-भांति समझते थे। इसीलिए उन्होंने देश को एक संतुलित, संयमशील एवं आदर्श राष्ट्रवाद के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान सैयद तारिक हुसैन, अतीक अहमद, मुहम्मद कलीम, परवेज अख्तर, महेश कुमार, मुश्ताक अली, अतीक सिद्दीकी, राजाराम आर्या, वाजिद अली, मुहम्मद रशीद, नूर आलम सिद्दीकी, मसूद अहमद, अख्तर हुसैन, टीएच सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
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