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भाकियू ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया
संतकबीरनगर/ ब्यूरो
Updated Tue, 20 Dec 2016 11:14 PM IST
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भाकियू
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के लोगों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने किसानों की विभिन्न समस्याओं के निस्तारण की मांग की और राष्ट्रपति को संबोधितमांग पत्र अपर जिलाधिकारी को दिया।
भाकियू कार्यकर्ता दोपहर 12 बजे जिलाध्यक्ष कृष्णचंद्र चौधरी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकारों की उदासीनता के कारण किसान परेशान है। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है। धान खरीद की स्थिति यह है कि कई जगहों पर केंद्र ही संचालित नहीं हो सके है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने गेहूं पर आयात शुल्क माफ करके किसानों की मुसीबत और बढ़ा दी है। कहा कि गेहूं की बुआई हो चुकी है, लेकिन सिंचाई संसाधन तक ठीक नहीं है। नहरें नहीं चल रहीं है। इस पर तत्काल ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
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मांग किया कि गेहूं का आयात शुल्क कम से कम 25 प्रतिशत लागू किया जाए, ताकि देश के किसानों को अपनी फसल का सही मूल्य मिल सके। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित मांग पत्र एडीएम को दिया गया। इस दौरान मंडल अध्यक्ष सुबाष चंद्र किसान, जर्नादन मिश्र, राममूरत, राम चरन, रमेश सिंह, हरिहर यादव, रामपाल, रामा यादव, राम सिंह, शिवशंकर यादव आदि मौजूद थे।
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भाकियू कार्यकर्ता दोपहर 12 बजे जिलाध्यक्ष कृष्णचंद्र चौधरी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकारों की उदासीनता के कारण किसान परेशान है। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है। धान खरीद की स्थिति यह है कि कई जगहों पर केंद्र ही संचालित नहीं हो सके है।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने गेहूं पर आयात शुल्क माफ करके किसानों की मुसीबत और बढ़ा दी है। कहा कि गेहूं की बुआई हो चुकी है, लेकिन सिंचाई संसाधन तक ठीक नहीं है। नहरें नहीं चल रहीं है। इस पर तत्काल ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
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मांग किया कि गेहूं का आयात शुल्क कम से कम 25 प्रतिशत लागू किया जाए, ताकि देश के किसानों को अपनी फसल का सही मूल्य मिल सके। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित मांग पत्र एडीएम को दिया गया। इस दौरान मंडल अध्यक्ष सुबाष चंद्र किसान, जर्नादन मिश्र, राममूरत, राम चरन, रमेश सिंह, हरिहर यादव, रामपाल, रामा यादव, राम सिंह, शिवशंकर यादव आदि मौजूद थे।