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Sant Kabir Nagar News: अहंकार ही नहीं पापों का भी नाश करती है भागवत कथा
Mon, 13 Oct 2025 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 13 Oct 2025 12:25 AM IST
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कथा कहते हुए आचार्य बलभद्र जी महाराज । संवाद
- फोटो : विजेथुआ महावीरन धाम में कथा कहते स्वामी रामभद्राचार्य महाराज।
संतकबीरनगर। अयोध्या धाम से आए कथा वाचक आचार्य बलभद्र जी महाराज ने कहा कि कलयुग में भागवत की कथा सुनने मात्र से हर प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही नहीं अहंकार के साथ ही सभी जन्मों के पापों का नाश होता है। जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ता है, तब तब प्रभु अवतार लेते हैं।
यह बातें उन्होंने जिला मुख्यालय के सरौली वार्ड में मुख्य यजमान सुन्द्रावती देवी व गयादीन गुप्ता को श्रीमद्भागवत कथा का अमृतपान कराते हुए कही। कथा के दौरान उन्होंने राम जन्म एवं कृष्ण जन्म व बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला।
यह भी बताया कि 24 लाख की योनियों में भटकने के पश्चात मानव शरीर की प्राप्ति होती है। जब-जब अत्याचार और अन्याय बढ़ता है तब तक प्रभु का अवतार होता है।
प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। जब रावण का अत्याचार बढ़ा तब राम का जन्म हुआ । जब कंस ने सारी मर्यादाएं तोड़ी तो प्रभु श्री कृष्ण का जन्म हुआ।
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कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा एक ऐसी कथा है जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को शांति मिलती है। भागवत कथा सुनने से अहंकार का नाश होता है। इस दौरान बलभद्र जी ने कई मनमोहक भजन प्रस्तुत किए, जिन पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
कथा में कृष्ण मुरारी लाल गुप्ता, रामदीन गुप्ता, सुरेश गुप्ता, सुनील, अनुप, अरविन्द, आलोक, अभय, प्रिंस तथा शिवम समेत भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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यह बातें उन्होंने जिला मुख्यालय के सरौली वार्ड में मुख्य यजमान सुन्द्रावती देवी व गयादीन गुप्ता को श्रीमद्भागवत कथा का अमृतपान कराते हुए कही। कथा के दौरान उन्होंने राम जन्म एवं कृष्ण जन्म व बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला।
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यह भी बताया कि 24 लाख की योनियों में भटकने के पश्चात मानव शरीर की प्राप्ति होती है। जब-जब अत्याचार और अन्याय बढ़ता है तब तक प्रभु का अवतार होता है।
प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। जब रावण का अत्याचार बढ़ा तब राम का जन्म हुआ । जब कंस ने सारी मर्यादाएं तोड़ी तो प्रभु श्री कृष्ण का जन्म हुआ।
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कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा एक ऐसी कथा है जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को शांति मिलती है। भागवत कथा सुनने से अहंकार का नाश होता है। इस दौरान बलभद्र जी ने कई मनमोहक भजन प्रस्तुत किए, जिन पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
कथा में कृष्ण मुरारी लाल गुप्ता, रामदीन गुप्ता, सुरेश गुप्ता, सुनील, अनुप, अरविन्द, आलोक, अभय, प्रिंस तथा शिवम समेत भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।