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हो जाएं सतर्क : पटाखे जलने से पहले ही हवा हुई जहरीली

Wed, 30 Oct 2024 11:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Wed, 30 Oct 2024 11:44 PM IST
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Be alert: The air becomes poisonous even before the firecrackers burn.
संतकबीरनगर। दीपावली पर पटाखा जलने से पहले ही हवा में प्रदूषण का जहर घुल रहा है। जिले में एक्यूआई का स्तर 265 तक पहुंच गया है, जो एक सप्ताह के पहले की तुलना में 100 अंक का उछाल है। एक्यूआई 100 के पार जाना हवा की गुणवत्ता खराब माना जाता है। सुबह-शाम आसमान में धुंध की चादर होने से सांस के रोगियों की तकलीफें बढ़ सकती हैं। अभी दिवाली के बाद एक्यूआई के स्तर में बढ़ोतरी होे सकती है।
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बुधवार को पूरे दिन धुंध छाया रहा और धूल के गुबार जैसी तस्वीर सामने आई। ग्रामीण क्षेत्र में धान की कटाई और मड़ाई का भी काम शुरू गया है। इससे धूल के गुब्बार उठ रहे हैं और हवा में नमी होने के कारण वह एक परत जैसा बना रहा है। वहीं, धुंध का असर सबसे ज्यादा खजुरिया रोड और अशाेक मार्ग पर देखा गया।
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दीपावली के बाद प्रदूषण और बढ़ने की आशंका है। विशेषज्ञ इसे सेहत के लिए घातक बता रहे हैं, सांस के रोगियों को अधिक एहतियात बरतने की जरूरत है। उनका कहना है कि अगर सुबह-शाम टहलने के लिए मास्क लगाकर निकलें।
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जिला अस्पताल की बात करें तो यहां भी सांस की बीमारी से जुड़े 10 से 15 रोगी ओपीडी में पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नमी बढ़ने से धूल के कारण धुंध छा रही है। तापमान में गिरावट से नमी बढ़ जाती है। इस वजह से हवा में पाल्यूटेंट (प्रदूषण फैलाने वाले कारकों) का प्रसार धीमा हो जाता है, इससे उनका घनत्व बढ़ जाता है। उनके वायुमंडल की ऊपरी सतह में न जा पाने के कारण हवा प्रदूषित होती जाती है। निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल के अलावा वाहनों का धुआं, आग जलाने सहित अन्य कारणों से प्रदूषण बढ़ जाता है। इसका असर शहर में नजर आ रहा है।

दीपावली पर जलेगा पटाखा और बिगड़ेगी हवा की गुणवत्ता
एक सप्ताह पहले जनपद का एक्यूआई 265 के बीच दर्ज किया गया था। बुधवार सुबह 265 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों की मानें तो मौसम में नरमी के साथ ही हवा में नमी बढ़ गई है। फसल की मड़ाई के साथ निर्माण कार्य स्थल से उठने वाली धूल से परत बन जा रहा है जो प्रदूषण का रूप ले ले रहा है। इसी वजह से प्रदूषण का स्तर पर तेजी से बढ़ रहा है। दीपावली पर कई दिन कई क्विंटल पटाखा छूटेगा तो उसके धुएं से हवा की सेहत और खराब होगी।
पटाखों में मौजूद छोटे कण सांस लेने में कर सकते हैं परेशान : जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि पटाखों में मौजूद छोटे कण सास लेने में दिक्कत पैदा कर सकते हैं और अस्थमा का दौरा पड़ सकता है।


इसके अलावा पटाखों से निकलने वाले धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बनडाऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें होती हैं। ये गैस सांस की नली पर हानिकारक असर डालती है। पटाखा छोड़ते समय बुजुर्गाें और दमा रोगियों को दूर रखें।स
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