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सरयू नदी में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
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सरयू नदी के बिड़हर घाट पर नहाने के बाद कपूर अगरबत्ती जलाते लोग।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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सरयू नदी में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
- मौनी अमावस्या पर बिड़हर घाट पर लगी लोगों की भीड़
- मिठाई, सौंदर्य प्रसाधन और खिलौने की दुकानें भी सजीं थी
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। मौनी अमावस्या पर मंगलवार की भोर से ही सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। श्रद्धालुओं ने स्नान करके दान-पुण्य किया। इसके अलावा राप्ती और आमी नदी के तट पर भी श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
मंगलवार की भोर से श्रद्धालु पैदल, साइकिल, बाइक और चार पहिया वाहनों से श्रद्धालु सरयू के बिड़हर घाट पर पहुंचे। भोर से ही नदी में स्नान करना शुरू कर दिए। सरयू के रामबाग, चहोड़ा, मंयदी, चाड़ीपुर समेत अन्य घाटों पर लोगों की भीड़ लगी थी। मुख्य स्नान स्थल सरयू नदी का बिड़हर घाट रहा।
बिड़हर घाट पर लगे मेले में बच्चे, महिलाएं व पुरूषों खरीदारी भी की। घरेलू सामानों में चौका, बेलन, सेई, माना, सूप, छेदना, कश्तरी आदि सामानों की खरीददारी करने में जहां महिलाओं की भीड़ लगी रही, वहीं खिलौनों तथा मिठाइयों की दुकानों पर बच्चों एवं पुरुषों की भीड़ देखी गई।
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पंडित रामचंद आचार्य ने बताया कि माघ महीने में चार प्रमुख स्नान होते हैं। मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी और पूर्णिमा। जिसमें मौनी अमावस्या का महत्व वेद-पुराणों में बताया गया है। इस कारण इस पर्व पर नदियों में स्नान करने का महत्व बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि सरयू नदी का भी कम महत्व नहीं हैं। यहां पर भी स्नान, दान करने से पुण्य प्राप्त होता है। इस दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क रही। एसडीएम योगेश्वर सिंह, सीओ रामप्रकाश, एसओ विनय पाठक पुलिस बल के साथ सुबह से ही घाट पर मौजूद रहे।
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- मौनी अमावस्या पर बिड़हर घाट पर लगी लोगों की भीड़
- मिठाई, सौंदर्य प्रसाधन और खिलौने की दुकानें भी सजीं थी
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। मौनी अमावस्या पर मंगलवार की भोर से ही सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। श्रद्धालुओं ने स्नान करके दान-पुण्य किया। इसके अलावा राप्ती और आमी नदी के तट पर भी श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
मंगलवार की भोर से श्रद्धालु पैदल, साइकिल, बाइक और चार पहिया वाहनों से श्रद्धालु सरयू के बिड़हर घाट पर पहुंचे। भोर से ही नदी में स्नान करना शुरू कर दिए। सरयू के रामबाग, चहोड़ा, मंयदी, चाड़ीपुर समेत अन्य घाटों पर लोगों की भीड़ लगी थी। मुख्य स्नान स्थल सरयू नदी का बिड़हर घाट रहा।
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बिड़हर घाट पर लगे मेले में बच्चे, महिलाएं व पुरूषों खरीदारी भी की। घरेलू सामानों में चौका, बेलन, सेई, माना, सूप, छेदना, कश्तरी आदि सामानों की खरीददारी करने में जहां महिलाओं की भीड़ लगी रही, वहीं खिलौनों तथा मिठाइयों की दुकानों पर बच्चों एवं पुरुषों की भीड़ देखी गई।
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पंडित रामचंद आचार्य ने बताया कि माघ महीने में चार प्रमुख स्नान होते हैं। मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी और पूर्णिमा। जिसमें मौनी अमावस्या का महत्व वेद-पुराणों में बताया गया है। इस कारण इस पर्व पर नदियों में स्नान करने का महत्व बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि सरयू नदी का भी कम महत्व नहीं हैं। यहां पर भी स्नान, दान करने से पुण्य प्राप्त होता है। इस दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क रही। एसडीएम योगेश्वर सिंह, सीओ रामप्रकाश, एसओ विनय पाठक पुलिस बल के साथ सुबह से ही घाट पर मौजूद रहे।