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Sant Kabir Nagar News: अपार आईडी बनाने में बेसिक शिक्षा विभाग आगे
Wed, 02 Apr 2025 11:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 02 Apr 2025 11:35 PM IST
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संतकबीरनगर। कक्षा एक से लेकर इंटरमीडिएट तक के छात्रों की अपार आईडी बनाने में बेसिक शिक्षा विभाग जहां आगे है, वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग लक्ष्य के सापेक्ष काफी दूर है।
हालांकि डीआईओएस ने कई बार विद्यालयों को नोटिस जारी कर अपार आईडी बनाने में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए थे। इसके बाद भी कोई ठोस सुधार नजर नहीं आ रहा है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग लापरवाही बरत रहा है। यह हम नहीं बल्कि विभाग की ओर से जारी आंकड़े बता रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग में पंजीकृत 1.48 लाख विद्यार्थियों के सापेक्ष सिर्फ 60 हजार बच्चों का ही अपार आईडी बन सकी। वहीं, बेसिक शिक्षा परिषद में पंजीकृत 1.98 लाख विद्यार्थियों के सापेक्ष 1.42 लाख की अपार आईडी बन चुकी है। इसी प्रकार मदरसा में पंजीकृत 20 हजार छात्र-छात्राओं के सापेक्ष सिर्फ आठ हजार का ही अपार आईडी बन सकी है।
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विभाग की मानें तो अपार आईडी बनाने में सबसे अधिक लापरवाही वित्तविहीन विद्यालय ही कर रहे हैं। डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने बताया कि बोर्ड परीक्षा के कारण बीच में अपार आईडी बनाने का कार्य धीमा हो गया था। अब इसमें तेजी लाने के लिए निर्देश दिया गया है। यदि कोई विद्यालय लापरवाही बरतेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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हालांकि डीआईओएस ने कई बार विद्यालयों को नोटिस जारी कर अपार आईडी बनाने में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए थे। इसके बाद भी कोई ठोस सुधार नजर नहीं आ रहा है।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग लापरवाही बरत रहा है। यह हम नहीं बल्कि विभाग की ओर से जारी आंकड़े बता रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग में पंजीकृत 1.48 लाख विद्यार्थियों के सापेक्ष सिर्फ 60 हजार बच्चों का ही अपार आईडी बन सकी। वहीं, बेसिक शिक्षा परिषद में पंजीकृत 1.98 लाख विद्यार्थियों के सापेक्ष 1.42 लाख की अपार आईडी बन चुकी है। इसी प्रकार मदरसा में पंजीकृत 20 हजार छात्र-छात्राओं के सापेक्ष सिर्फ आठ हजार का ही अपार आईडी बन सकी है।
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विभाग की मानें तो अपार आईडी बनाने में सबसे अधिक लापरवाही वित्तविहीन विद्यालय ही कर रहे हैं। डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने बताया कि बोर्ड परीक्षा के कारण बीच में अपार आईडी बनाने का कार्य धीमा हो गया था। अब इसमें तेजी लाने के लिए निर्देश दिया गया है। यदि कोई विद्यालय लापरवाही बरतेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।