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Sant Kabir Nagar News: विलय से खाली स्कूलों में खुलेंगे बाल वाटिका केंद्र
Wed, 02 Jul 2025 11:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 02 Jul 2025 11:38 PM IST
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संतकबीरनगर। जिले में 50 से कम बच्चों की संख्या वाले करीब 63 परिषदीय विद्यालयों को पहले चरण में दूसरे विद्यालयों में विलय किया जा रहा है। खाली होने वाले इन विद्यालयों में बाल वाटिका केंद्र, टीकाकरण और आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होंगे। यहां बच्चों को प्री-प्राइमरी की शिक्षा मिलेगी। इसके लिए शिक्षामित्रों और शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
शासन ने 50 से कम छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों के विलय के निर्देश दिए थे। इसके बाद जनपद में ऐसे विद्यालयों की सूची बनाकर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शासन को भेजी गई थी। जिले में संचालित 1247 परिषदीय विद्यालयों में 63 ऐसे विद्यालय हैं, जिनमें छात्रों की संख्या 50 से कम है। विद्यालयों के समायोजन के बाद खाली हुए भवनों में बाल वाटिका चलाई जाएगी।
बीएसए अमित कुमार सिंह के मुताबिक इन भवनों में तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के लिए नर्सरी, पीजी, एलकेजी और यूकेजी की कक्षाएं चलाई जाएंगी। इन केंद्रों पर ईसीसीई एजुकेटर तैनात कर बच्चों को अंग्रेजी व हिंदी माध्यम में शिक्षा दी जाएगी। साथ ही विद्यालय के भवनों में आंगनबाड़ी व टीकाकरण केंद्र भी संचालित होंगे, जहां बच्चों को पुष्टाहार वितरण के साथ टीकाकरण की सुविधा मिलेगी।
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शासन के निर्देशन पर विद्यालयों के समायोजन का कार्य चल रहा है। अभी तक 63 विद्यालयों की पुष्टि हो चुकी है। जल्द ही शेष अन्य विद्यालयों की सूची शासन को भेजी जाएगी और सभी केंद्रों पर बाल वाटिका केंद्रों का संचालन शुरु कराया जाएगा। बताया कि परिषदीय विद्यालयों के विलय का मतलब यह नहीं है कि उनको बंद कर दिया जाएगा। इससे कम शिक्षकों वाले विद्यालयों को पर्याप्त शिक्षक मिलने के साथ ही छात्रों को भी बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
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शासन ने 50 से कम छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों के विलय के निर्देश दिए थे। इसके बाद जनपद में ऐसे विद्यालयों की सूची बनाकर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शासन को भेजी गई थी। जिले में संचालित 1247 परिषदीय विद्यालयों में 63 ऐसे विद्यालय हैं, जिनमें छात्रों की संख्या 50 से कम है। विद्यालयों के समायोजन के बाद खाली हुए भवनों में बाल वाटिका चलाई जाएगी।
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बीएसए अमित कुमार सिंह के मुताबिक इन भवनों में तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के लिए नर्सरी, पीजी, एलकेजी और यूकेजी की कक्षाएं चलाई जाएंगी। इन केंद्रों पर ईसीसीई एजुकेटर तैनात कर बच्चों को अंग्रेजी व हिंदी माध्यम में शिक्षा दी जाएगी। साथ ही विद्यालय के भवनों में आंगनबाड़ी व टीकाकरण केंद्र भी संचालित होंगे, जहां बच्चों को पुष्टाहार वितरण के साथ टीकाकरण की सुविधा मिलेगी।
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शासन के निर्देशन पर विद्यालयों के समायोजन का कार्य चल रहा है। अभी तक 63 विद्यालयों की पुष्टि हो चुकी है। जल्द ही शेष अन्य विद्यालयों की सूची शासन को भेजी जाएगी और सभी केंद्रों पर बाल वाटिका केंद्रों का संचालन शुरु कराया जाएगा। बताया कि परिषदीय विद्यालयों के विलय का मतलब यह नहीं है कि उनको बंद कर दिया जाएगा। इससे कम शिक्षकों वाले विद्यालयों को पर्याप्त शिक्षक मिलने के साथ ही छात्रों को भी बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।