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Sant Kabir Nagar News: चुनाव का बिगुल बजते ही प्रिंटिंग प्रेस संचालकों में बढ़ी हलचल
Sun, 17 Mar 2024 10:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 17 Mar 2024 10:46 PM IST
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- बैनर, पोस्टर, पंपलेट, स्टीकर छापने का मिलता है काम
- चुनाव में बड़े महानगर में भी जाता है छपाई का काम
- चुनाव आयोग के निर्देशों का करना है पालन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। लोकसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। प्रत्याशी व समर्थक मतदाताओं को रिझाने की तैयारी में हैं। हैंडबिल, स्टीकर, पंपलेट, पोस्टर छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस संचालक भी इस तैयारी में बैठे हैं कि ऑॅर्डर मिले तो काम में तेजी आए। कुछ को ऑर्डर मिला भी है पर चुनाव के दौरान अधिकतर छपाई का काम गोरखपुर, बस्ती के अलावा लखनऊ व दिल्ली आदि शहरों को चले जाते हैं। छपाई का काम लेने वाले प्रेस संचालकों को चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन भी करना है।
चुनाव आते ही प्रिंटिंग प्रेस पर काम का दबाव बढ़ता है। बैनर, पोस्टर, पम्पलेट, स्टीकर आदि प्रचार सामग्री छापने का अच्छा खासा काम मिल जाता है। लेकिन आयोग की सख्ती से अब पहले जैसा काम नहीं मिलता, एक तरफ जहां प्रत्याशियों को आयोग के निर्देशों का पालन करना होता है वहीं वह बड़े महानगरों से भी प्रचार-सामग्री की छपाई का काम करा लेते हैं। ऐसे में जिले के प्रिटिंग प्रेस संचालकों को चुनाव के समय थोड़े मात्रा में ही ऑर्डर मिल पाते हैं।
प्रिटिंग प्रेस के संचालक सर्वेश चौधरी बताते हैं कि अभी एक प्रत्याशी समर्थक का केवल 10 हजार पंपलेट छापने का ऑर्डर मिला है। काम में कोई विशेष तेजी नहीं है। बहुत काम नहीं है। वहीं संचालक रतन कुमार गुप्ता का कहना है कि प्रशासन का निर्देश मिला है उसका पालन करना है। छपाई मशीन तैयार है। छोटे-मोटे छपाई के काम मिलने की उम्मीद है क्योंकि प्रत्याशियों को आचार संहिता का पालन करना है। इसके अलावा प्रिटिंग प्रेस के संचालक संगम गुप्ता का कहना है कि अब चुनाव में बैनर व पोस्टर के ऑर्डर मिलते ही हैं। अधिकतर पंपलेट व स्टीकर छपाई के ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। तैयारी पूरी है यदि ऑर्डर मिलते हैं तो आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए छपाई का कार्य होगा।
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प्रिटिंग प्रेस से जुडे रमेश शर्मा का कहना है कि बड़े चुनाव में छपाई के बहुत काम नहीं मिलते, क्योंकि ज्यादातर काम प्रत्याशी बड़े महानगरों से करा लेते हैं। केवल पंपलेट, स्टीकर आदि के काम मिलते हैं। प्रिटिंग प्रेस को प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं चुनाव से संबंधित छपाई का पूरा हिसाब-किताब रखना है और आयोग से मांगे जाने पर उसे प्रस्तुत करना है।
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- चुनाव में बड़े महानगर में भी जाता है छपाई का काम
- चुनाव आयोग के निर्देशों का करना है पालन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। लोकसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। प्रत्याशी व समर्थक मतदाताओं को रिझाने की तैयारी में हैं। हैंडबिल, स्टीकर, पंपलेट, पोस्टर छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस संचालक भी इस तैयारी में बैठे हैं कि ऑॅर्डर मिले तो काम में तेजी आए। कुछ को ऑर्डर मिला भी है पर चुनाव के दौरान अधिकतर छपाई का काम गोरखपुर, बस्ती के अलावा लखनऊ व दिल्ली आदि शहरों को चले जाते हैं। छपाई का काम लेने वाले प्रेस संचालकों को चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन भी करना है।
चुनाव आते ही प्रिंटिंग प्रेस पर काम का दबाव बढ़ता है। बैनर, पोस्टर, पम्पलेट, स्टीकर आदि प्रचार सामग्री छापने का अच्छा खासा काम मिल जाता है। लेकिन आयोग की सख्ती से अब पहले जैसा काम नहीं मिलता, एक तरफ जहां प्रत्याशियों को आयोग के निर्देशों का पालन करना होता है वहीं वह बड़े महानगरों से भी प्रचार-सामग्री की छपाई का काम करा लेते हैं। ऐसे में जिले के प्रिटिंग प्रेस संचालकों को चुनाव के समय थोड़े मात्रा में ही ऑर्डर मिल पाते हैं।
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प्रिटिंग प्रेस के संचालक सर्वेश चौधरी बताते हैं कि अभी एक प्रत्याशी समर्थक का केवल 10 हजार पंपलेट छापने का ऑर्डर मिला है। काम में कोई विशेष तेजी नहीं है। बहुत काम नहीं है। वहीं संचालक रतन कुमार गुप्ता का कहना है कि प्रशासन का निर्देश मिला है उसका पालन करना है। छपाई मशीन तैयार है। छोटे-मोटे छपाई के काम मिलने की उम्मीद है क्योंकि प्रत्याशियों को आचार संहिता का पालन करना है। इसके अलावा प्रिटिंग प्रेस के संचालक संगम गुप्ता का कहना है कि अब चुनाव में बैनर व पोस्टर के ऑर्डर मिलते ही हैं। अधिकतर पंपलेट व स्टीकर छपाई के ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। तैयारी पूरी है यदि ऑर्डर मिलते हैं तो आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए छपाई का कार्य होगा।
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प्रिटिंग प्रेस से जुडे रमेश शर्मा का कहना है कि बड़े चुनाव में छपाई के बहुत काम नहीं मिलते, क्योंकि ज्यादातर काम प्रत्याशी बड़े महानगरों से करा लेते हैं। केवल पंपलेट, स्टीकर आदि के काम मिलते हैं। प्रिटिंग प्रेस को प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं चुनाव से संबंधित छपाई का पूरा हिसाब-किताब रखना है और आयोग से मांगे जाने पर उसे प्रस्तुत करना है।