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Sant Kabir Nagar News: डग्गेमारी पर नकेल के लिए एआरटीओ और परिवहन निगम साथ चलाएगा अभियान
Mon, 11 Aug 2025 11:28 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 11 Aug 2025 11:28 PM IST
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खलीलाबाद बस स्टैंड पर खड़ी निजी बस।
संतकबीरनगर। जिले में बस स्टैंड के पास हो रही डग्गेमारी से परिवहन निगम की आय का नुकसान हो रहा है। इस कमी को दूर करने के लिए परिवहन निगम ने 9 अगस्त तक अभियान चलाया था, लेकिन यह अपना असर नही दिखा पाया। अब एआरटीओ परिवहन निगम के साथ मिलकर अभियान चलाकर कार्रवाई करेंगे। जिससे बस स्टैंड के आस-पास होने वाले डग्गेमारी पर लगाम लग सके।
डग्गेमार वाहन के चलते परिवहन निगम की आमदनी काफी प्रभावित हो रही है। लंबी दूरी के लिये बस स्टैंड के पास छोटे व लग्जरी वाहन अक्सर खड़े मिल जाते हैं। जो कम किराया का झांसा देकर सवारियों को कम समय में उनके गंतव्य तक पहुंचा देते हैं। वही परिवहन निगम अपने निर्धारित किराये पर सवारियों को बस में लेकर जाता है और काफी समय भी गंतव्य तक पहुंचने में सवारियों को लग जाता है। डग्गेमार वाहन संचालकों का नेटवर्क बड़ा मजबूत होता है और उनके एजेंट बस स्टाप के आसपास मड़राते रहते हैं।
जांच के लिए जैसे ही अधिकारी की गाड़ी निकती है उनको पहले से ही भनक लग जाता है। जिसके बाद डग्गेमार वाहन चालक कुछ समय के लिए अपने वाहन लेकर गायब हो जाते हैं। जैसे ही अधिकारियों के सड़क से हटने की सूचना मिलती है वैसे ही फिर से बस स्टैंड के आसपास मड़राने लगते हैं। जिले में परिवहन निगम के पास प्रर्याप्त संसाधन न होना भी अभियान की सफलता पर सवालिया निशान लगा दिया है। इसके वजह से एआरटीओ व परिवहन निगम संयुक्त रूप से जांच अभियान चलाकर डग्गेमार वाहनों पर कार्रवाई व निगम की आय बढ़ाने का काम करेंगे।
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कोट
जिले में डग्गेमार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए परिवहन निगम के साथ मिलकर काम किया जायेगा। जिससे वाहनों पर कार्रवाई किया जा सके और डग्गेमार वाहनों पर रोक लगने के बाद निगम की आय भी बढ़ेगी।
-प्रियंवदा सिंह, एआरटीओ
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डग्गेमार वाहन के चलते परिवहन निगम की आमदनी काफी प्रभावित हो रही है। लंबी दूरी के लिये बस स्टैंड के पास छोटे व लग्जरी वाहन अक्सर खड़े मिल जाते हैं। जो कम किराया का झांसा देकर सवारियों को कम समय में उनके गंतव्य तक पहुंचा देते हैं। वही परिवहन निगम अपने निर्धारित किराये पर सवारियों को बस में लेकर जाता है और काफी समय भी गंतव्य तक पहुंचने में सवारियों को लग जाता है। डग्गेमार वाहन संचालकों का नेटवर्क बड़ा मजबूत होता है और उनके एजेंट बस स्टाप के आसपास मड़राते रहते हैं।
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जांच के लिए जैसे ही अधिकारी की गाड़ी निकती है उनको पहले से ही भनक लग जाता है। जिसके बाद डग्गेमार वाहन चालक कुछ समय के लिए अपने वाहन लेकर गायब हो जाते हैं। जैसे ही अधिकारियों के सड़क से हटने की सूचना मिलती है वैसे ही फिर से बस स्टैंड के आसपास मड़राने लगते हैं। जिले में परिवहन निगम के पास प्रर्याप्त संसाधन न होना भी अभियान की सफलता पर सवालिया निशान लगा दिया है। इसके वजह से एआरटीओ व परिवहन निगम संयुक्त रूप से जांच अभियान चलाकर डग्गेमार वाहनों पर कार्रवाई व निगम की आय बढ़ाने का काम करेंगे।
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कोट
जिले में डग्गेमार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए परिवहन निगम के साथ मिलकर काम किया जायेगा। जिससे वाहनों पर कार्रवाई किया जा सके और डग्गेमार वाहनों पर रोक लगने के बाद निगम की आय भी बढ़ेगी।
-प्रियंवदा सिंह, एआरटीओ