{"_id":"616c5e6c61d2c0386846ff0b","slug":"annu-drives-auto-rikshwa-khalilabad-news-gkp4132123140","type":"story","status":"publish","title_hn":"धौरापार की अन्नू ऑटो रिक्शा चलाकर चला रहीं घर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धौरापार की अन्नू ऑटो रिक्शा चलाकर चला रहीं घर
विज्ञापन
विकास खंड मेंहदावल के गांव धौरापार की रहने वाली अन्नू ई-रिक्सा चलाती।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धौरापार की अन्नू ऑटो रिक्शा चलाकर चला रहीं घर
सब्जी के व्यवसाय से घर का खर्च चलाना हुआ मुश्किल तो पति ने लोन पर लिया ऑटो रिक्शा
बेटों को कामयाब बनाने के लिए दिन में पत्नी तो शाम को पति चलाते हैं ऑटो रिक्शा
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। बेटों को पढ़ाकर कामयाब बनाने और घर का खर्च चलाने में मदद करने के लिए धौरापार गांव की रहने वाली अन्नू ऑटो रिक्शा चलाती हैं। दिन में पत्नी तो शाम को पति ऑटो रिक्शा चलाते हैं। ऐसा करके घर की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की ओर दंपती ने कदम बढ़ा दिया है। अन्नू ऑटो रिक्शा चलाकर जहां महिला सशक्तिकरण की मिसाल कायम कर रही हैं, वहीं, दूसरी महिलाओं को समाज में आगे बढ़ने की राह दिखा रही है। क्षेत्र के लोग इनके हौसले की तारीफ कर रहे हैं।
नगर पंचायत मेंहदावल के सीमा विस्तार में शामिल हुए धौरापार गांव निवासनी अन्नू पत्नी पप्पू दो बच्चों की मां हैं। उनके पास कृषि योग्य भूमि नहीं है। परिवार की जीविका चलाने के लिए पति-पत्नी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि घर की माली हालत सुधारने के लिए पति पप्पू पहले सब्जी का व्यवसाय कर रहे थे, लेकिन परिवार के खर्च के साथ ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च निकालना मुश्किल हो रहा था। उनका बड़ा बेटा 12 वर्षीय चंदन और छोटा बेटा आठ वर्षीय पंकज है। प्राथमिक विद्यालय धौरापार में बड़ा बेटा कक्षा छह में और छोटा बेटा कक्षा पांचवीं में पढ़ता है। परिवार की आर्थिक तंगी देखकर पति ने बैंक से लोन पर ऑटो रिक्शा खरीदा। पति ने पहले ऑटो रिक्शा चलाना शुरू किया तो आमदनी लोन को चुकता करने में खर्च हो जाती रही। ऐसे में पत्नी अन्नू ने खुद परिवार का खर्च चलाने व बच्चों का पालन-पोषण बेहतर ढंग से करते हुए उनको शिक्षित करने का बीड़ा उठाया। इसके तहत दिन भर अन्नू ऑटो रिक्शा चलाती हैं। जबकि शाम से देर रात तक पति पप्पू ऑटो रिक्शा चलाते हैं। इसकी वजह से आमदनी बढ़ गई है। ऑटो रिक्शा चालक अन्नू ने बताया कि वह शिक्षित हैं। परिवार में पति के अलावा दो बच्चे व बूढ़ी सास कलौता देवी हैं। परिवार का खर्च चलाने में पति का हाथ बंटाने के लिए ऑटो रिक्शा चलाती हैं। कोई काम छोटा नहीं होता है। मेहनत करके परिवार का खर्च चलाने में पति की मदद कर रही हैं। इससे घर की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।
विज्ञापन
सब्जी के व्यवसाय से घर का खर्च चलाना हुआ मुश्किल तो पति ने लोन पर लिया ऑटो रिक्शा
बेटों को कामयाब बनाने के लिए दिन में पत्नी तो शाम को पति चलाते हैं ऑटो रिक्शा
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। बेटों को पढ़ाकर कामयाब बनाने और घर का खर्च चलाने में मदद करने के लिए धौरापार गांव की रहने वाली अन्नू ऑटो रिक्शा चलाती हैं। दिन में पत्नी तो शाम को पति ऑटो रिक्शा चलाते हैं। ऐसा करके घर की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की ओर दंपती ने कदम बढ़ा दिया है। अन्नू ऑटो रिक्शा चलाकर जहां महिला सशक्तिकरण की मिसाल कायम कर रही हैं, वहीं, दूसरी महिलाओं को समाज में आगे बढ़ने की राह दिखा रही है। क्षेत्र के लोग इनके हौसले की तारीफ कर रहे हैं।
नगर पंचायत मेंहदावल के सीमा विस्तार में शामिल हुए धौरापार गांव निवासनी अन्नू पत्नी पप्पू दो बच्चों की मां हैं। उनके पास कृषि योग्य भूमि नहीं है। परिवार की जीविका चलाने के लिए पति-पत्नी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि घर की माली हालत सुधारने के लिए पति पप्पू पहले सब्जी का व्यवसाय कर रहे थे, लेकिन परिवार के खर्च के साथ ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च निकालना मुश्किल हो रहा था। उनका बड़ा बेटा 12 वर्षीय चंदन और छोटा बेटा आठ वर्षीय पंकज है। प्राथमिक विद्यालय धौरापार में बड़ा बेटा कक्षा छह में और छोटा बेटा कक्षा पांचवीं में पढ़ता है। परिवार की आर्थिक तंगी देखकर पति ने बैंक से लोन पर ऑटो रिक्शा खरीदा। पति ने पहले ऑटो रिक्शा चलाना शुरू किया तो आमदनी लोन को चुकता करने में खर्च हो जाती रही। ऐसे में पत्नी अन्नू ने खुद परिवार का खर्च चलाने व बच्चों का पालन-पोषण बेहतर ढंग से करते हुए उनको शिक्षित करने का बीड़ा उठाया। इसके तहत दिन भर अन्नू ऑटो रिक्शा चलाती हैं। जबकि शाम से देर रात तक पति पप्पू ऑटो रिक्शा चलाते हैं। इसकी वजह से आमदनी बढ़ गई है। ऑटो रिक्शा चालक अन्नू ने बताया कि वह शिक्षित हैं। परिवार में पति के अलावा दो बच्चे व बूढ़ी सास कलौता देवी हैं। परिवार का खर्च चलाने में पति का हाथ बंटाने के लिए ऑटो रिक्शा चलाती हैं। कोई काम छोटा नहीं होता है। मेहनत करके परिवार का खर्च चलाने में पति की मदद कर रही हैं। इससे घर की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।
विज्ञापन