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Sant Kabir Nagar News: जमीन का आवंटन उद्योग के लिए, हो रहा गैर औद्योगिक कार्य
Tue, 21 Feb 2023 11:00 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 21 Feb 2023 11:00 PM IST
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यूपीसीडा नोटिस भेजने के बाद साध लेता है चुप्पी
प्रभारी मंत्री की बैठक में सदर विधायक ने उठाया था मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए शासन-प्रशासन कवायद कर रहा है, लेकिन इसमें बड़ा पेच उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन का है। औद्योगिक क्षेत्र खलीलाबाद में उद्योग लगाने के लिए कई नामचीन हस्तियों ने जमीन का आवंटन करा रखा है, लेकिन लंबे अर्से बाद भी धरातल पर उद्योग को नहीं उतारा। अलबत्ता गैर औद्योगिक कार्य किया जा है। यूपीसीडी सिर्फ नोटिस भेजकर चुप्पी साधे हुए है। इससे औद्योगिक मिशन को झटका लग रह रहा है।
वर्ष 1973-74 में खलीलाबाद में उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम की स्थापना हुई थी। राष्ट्रीय राजमार्ग- 28 से सटे औद्योगिक क्षेत्र स्थित है। करीब 231.34 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक क्षेत्र के लिए आवंटित है। इसमें 149.66 हेक्टेयर जमीन का आवंटन 287 औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए हुआ है, मगर धरातल पर स्थिति कुछ और ही है। आरोप है कि कई लोगों ने गोदाम बना रखा है। कुछ ने शैक्षणिक संस्थान खोल रखी है। कुछ लोगों ने उस जमीन को आवासीय बना लिया है।
तमाम ऐसे प्लाट भी हैं, जिन पर चहारदीवारी बनवाकर सिर्फ सुरक्षित कर लिया गया है। इधर, शासन ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई उद्योग नीति बनाई है। इन्वेस्टर्स समिट के जरिये उद्यमियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया। जिले में 300 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया। इसके सापेक्ष 64 उद्यमियों ने करीब 6,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। सबसे बड़ी समस्या है कि उद्योग लगाने के लिए जमीन की व्यवस्था करना कड़ी चुनौती है।
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यह मुद्दा हाल ही में प्रभारी मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम की बैठक में सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने उठाया था। सदर विधायक ने यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक से ऐसे लोगों को सूचीबद्ध कर कार्रवाई करने की मांग की थी। उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद पाठक ने भी नए उद्योग लगाने के लिए जमीन और बिजली का मुद्दा उठाया था। औद्योगिक क्षेत्र में यूपीसीडा के क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर के साठगांठ से उद्योग के लिए आवंटित जमीनों पर गैर औद्योगिक कार्यों के लिए संचालित होने की शिकायत यूपीसीडा के मुख्य कार्यकारी प्रबंधक कानपुर को पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की है।
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कोट
औद्योगिक क्षेत्र खलीलाबाद में 287 इकाइयों के लिए जमीन का आवंटन हुआ है। वर्तमान में 198 इकाइयां संचालित हो रही हैं। शेष बंद हैं। गैर औद्योगिक कार्य के लिए जमीन का प्रयोग करने वालों को कई बार नोटिस दी गई है। इन लोगों को अब 90 दिन की अंतिम नोटिस जारी की जाएगी। उसके बाद जमीन का आवंटन रद्द कराने की कार्रवाई की जाएगी।
- सुभाषचंद्र पांडेय , क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीसीडा
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नए उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को करीब 51 एकड़ भूमि की जरूरत है। जिले के तीनों तहसीलों में भूमि की तलाश की जा रही है। प्लेज नामक योजना के अंतर्गत निजी औद्योगिक पार्क की स्थापना के लिए उद्यमियों को प्रेरित किया जा रहा है। दस से 50 एकड़ तक की भूमि पर औद्योगिक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव मांगा गया है।
- राजकुमार शर्मा, उपायुक्त उद्योग
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प्रभारी मंत्री की बैठक में सदर विधायक ने उठाया था मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए शासन-प्रशासन कवायद कर रहा है, लेकिन इसमें बड़ा पेच उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन का है। औद्योगिक क्षेत्र खलीलाबाद में उद्योग लगाने के लिए कई नामचीन हस्तियों ने जमीन का आवंटन करा रखा है, लेकिन लंबे अर्से बाद भी धरातल पर उद्योग को नहीं उतारा। अलबत्ता गैर औद्योगिक कार्य किया जा है। यूपीसीडी सिर्फ नोटिस भेजकर चुप्पी साधे हुए है। इससे औद्योगिक मिशन को झटका लग रह रहा है।
वर्ष 1973-74 में खलीलाबाद में उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम की स्थापना हुई थी। राष्ट्रीय राजमार्ग- 28 से सटे औद्योगिक क्षेत्र स्थित है। करीब 231.34 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक क्षेत्र के लिए आवंटित है। इसमें 149.66 हेक्टेयर जमीन का आवंटन 287 औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए हुआ है, मगर धरातल पर स्थिति कुछ और ही है। आरोप है कि कई लोगों ने गोदाम बना रखा है। कुछ ने शैक्षणिक संस्थान खोल रखी है। कुछ लोगों ने उस जमीन को आवासीय बना लिया है।
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तमाम ऐसे प्लाट भी हैं, जिन पर चहारदीवारी बनवाकर सिर्फ सुरक्षित कर लिया गया है। इधर, शासन ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई उद्योग नीति बनाई है। इन्वेस्टर्स समिट के जरिये उद्यमियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया। जिले में 300 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया। इसके सापेक्ष 64 उद्यमियों ने करीब 6,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। सबसे बड़ी समस्या है कि उद्योग लगाने के लिए जमीन की व्यवस्था करना कड़ी चुनौती है।
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यह मुद्दा हाल ही में प्रभारी मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम की बैठक में सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने उठाया था। सदर विधायक ने यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक से ऐसे लोगों को सूचीबद्ध कर कार्रवाई करने की मांग की थी। उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद पाठक ने भी नए उद्योग लगाने के लिए जमीन और बिजली का मुद्दा उठाया था। औद्योगिक क्षेत्र में यूपीसीडा के क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर के साठगांठ से उद्योग के लिए आवंटित जमीनों पर गैर औद्योगिक कार्यों के लिए संचालित होने की शिकायत यूपीसीडा के मुख्य कार्यकारी प्रबंधक कानपुर को पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की है।
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कोट
औद्योगिक क्षेत्र खलीलाबाद में 287 इकाइयों के लिए जमीन का आवंटन हुआ है। वर्तमान में 198 इकाइयां संचालित हो रही हैं। शेष बंद हैं। गैर औद्योगिक कार्य के लिए जमीन का प्रयोग करने वालों को कई बार नोटिस दी गई है। इन लोगों को अब 90 दिन की अंतिम नोटिस जारी की जाएगी। उसके बाद जमीन का आवंटन रद्द कराने की कार्रवाई की जाएगी।
- सुभाषचंद्र पांडेय , क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीसीडा
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नए उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को करीब 51 एकड़ भूमि की जरूरत है। जिले के तीनों तहसीलों में भूमि की तलाश की जा रही है। प्लेज नामक योजना के अंतर्गत निजी औद्योगिक पार्क की स्थापना के लिए उद्यमियों को प्रेरित किया जा रहा है। दस से 50 एकड़ तक की भूमि पर औद्योगिक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव मांगा गया है।
- राजकुमार शर्मा, उपायुक्त उद्योग