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जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर बेच दी जमीन
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जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर बेच दी जमीन
- मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के दिए आदेश
- तत्कालीन हल्का लेखपाल व राजस्व निरीक्षक की मिलीभगत का भी आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जीवित व्यक्ति को मृतक दिखाकर और उसका वारिस बनकर कूटरचित दस्तावेज के सहारे जमीन का बैनामा करने का मामला सामने आया है। अब न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार सिंह ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की मिलीभगत का भी आरोप है।
वरिष्ठ अधिवक्ता राणा रविंद्र सिंह ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के मीरगंज निवासी बालेदीन पुत्र पुलपुल को जीवित रहने के दौरान मृतक दिखा दिया गया। आरोप है कि मुखलिसपुर रोड खलीलाबाद निवासी हरीशचंद्र, गुलाब चंद, लालचंद, सुभाष चंद, प्रेमचंद, कृष्ण चंद्र पुत्र गण राम उजागिर ने तत्कालीन हल्का लेखपाल व राजस्व निरीक्षक को अपने साथ कर लिया और बालेदीन की कस्बा खलीलाबाद की जमीन आराजी नंबर 16015 पर अपना नाम गलत तरीके से खतौनी में अंकित करा लिए।
आरोपियों ने पुन: साजिश करके उक्त जमीन को 27 दिसंबर 2018 को गुलाबचंद, लालचंद, प्रेमचंद ने उर्मिला और प्रियंका को बेच दी। इसमें किशोरचंद, अशोक कुमार निवासीगण मुखलिस्पुर रोड खलीलाबाद ने गवाही दी।
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इसके बाद चार जनवरी वर्ष 2019 को हरीशचंद्र, कृष्णचंद्र, सुभाषचंद्र ने उर्मिला वर्मा और प्रियंका को उक्त जमीन बेच दी। इसमें रमेश कुमार वर्मा, इंदल प्रसाद ने गवाही दी। आरोप है कि फर्जी, जाली एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार करके उपनिबंधक कार्यालय में बैनामा कराया गया।
घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने खतौनी निकाली तो हकीकत का पता चला। उसके बाद पीड़ित ने कोतवाली में सूचना दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद एसपी को रजिस्टर्ड डाक से सूचना दी उसके बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने मजबूरन कोर्ट की शरण ली।
इस मामले में न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार सिंह ने आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अविलंब मुकदमा दर्ज करने के आदेश कोतवाली पुलिस को दिया है।
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- मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के दिए आदेश
- तत्कालीन हल्का लेखपाल व राजस्व निरीक्षक की मिलीभगत का भी आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जीवित व्यक्ति को मृतक दिखाकर और उसका वारिस बनकर कूटरचित दस्तावेज के सहारे जमीन का बैनामा करने का मामला सामने आया है। अब न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार सिंह ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की मिलीभगत का भी आरोप है।
वरिष्ठ अधिवक्ता राणा रविंद्र सिंह ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के मीरगंज निवासी बालेदीन पुत्र पुलपुल को जीवित रहने के दौरान मृतक दिखा दिया गया। आरोप है कि मुखलिसपुर रोड खलीलाबाद निवासी हरीशचंद्र, गुलाब चंद, लालचंद, सुभाष चंद, प्रेमचंद, कृष्ण चंद्र पुत्र गण राम उजागिर ने तत्कालीन हल्का लेखपाल व राजस्व निरीक्षक को अपने साथ कर लिया और बालेदीन की कस्बा खलीलाबाद की जमीन आराजी नंबर 16015 पर अपना नाम गलत तरीके से खतौनी में अंकित करा लिए।
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आरोपियों ने पुन: साजिश करके उक्त जमीन को 27 दिसंबर 2018 को गुलाबचंद, लालचंद, प्रेमचंद ने उर्मिला और प्रियंका को बेच दी। इसमें किशोरचंद, अशोक कुमार निवासीगण मुखलिस्पुर रोड खलीलाबाद ने गवाही दी।
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इसके बाद चार जनवरी वर्ष 2019 को हरीशचंद्र, कृष्णचंद्र, सुभाषचंद्र ने उर्मिला वर्मा और प्रियंका को उक्त जमीन बेच दी। इसमें रमेश कुमार वर्मा, इंदल प्रसाद ने गवाही दी। आरोप है कि फर्जी, जाली एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार करके उपनिबंधक कार्यालय में बैनामा कराया गया।
घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने खतौनी निकाली तो हकीकत का पता चला। उसके बाद पीड़ित ने कोतवाली में सूचना दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद एसपी को रजिस्टर्ड डाक से सूचना दी उसके बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने मजबूरन कोर्ट की शरण ली।
इस मामले में न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार सिंह ने आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अविलंब मुकदमा दर्ज करने के आदेश कोतवाली पुलिस को दिया है।