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Sant Kabir Nagar News: टीबी मुक्त भारत एप में जुड़ा एआई आधारित खुशी चैटबॉट
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मेंहदावल। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मुक्त भारत अभियान को अधिक प्रभावी, जनसुलभ और तकनीक आधारित बनाने के लिए भारत सरकार ने नई पहल की है। टीबी मुक्त भारत मोबाइल एप में एआई आधारित खुशी चैटबॉट की सुविधा जोड़ी गई है।
इसके माध्यम से टीबी से जुड़े सवालों के जवाब और आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षकों से अधिक से अधिक लोगों को एप से जोड़ने के लिए जागरूक करने की अपील की है।
बीईओ आशीष कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सभी प्रधानाध्यापक, शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को खुशी चैटबॉट एप पर पंजीकरण सुनिश्चित करना है। विद्यार्थियों और अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए सुबह की प्रार्थना सभा, अभिभावक-शिक्षक संघ और विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठकों में एप डाउनलोड और उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि विद्यालयों में टीबी के लक्षण, बचाव, जांच और मुफ्त उपचार से संबंधित जानकारी नियमित रूप से साझा की जाएगी। इसके अलावा रैली, वाद-विवाद, निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। विद्यालय परिसर में टीबी जागरूकता संबंधी बैनर भी लगाए जाएंगे।
24 घंटे उपलब्ध रहेगा चैटबॉट : चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशांत त्रिपाठी ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं में एआई तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी क्रम में विकसित खुशी चैटबॉट मरीजों के लिए डिजिटल सहयोगी के रूप में काम करेगा। जिस तरह गूगल असिस्टेंट और एलेक्सा सवालों के जवाब देते हैं, उसी तरह खुशी चैटबॉट भी टीबी से संबंधित सवालों का सरल और समझने योग्य भाषा में जवाब देगा।
उन्होंने बताया कि चैटबॉट के माध्यम से मरीजों को सही, प्रमाणिक और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इससे मरीजों में उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और दवाओं के नियमित सेवन में भी मदद मिलेगी। यह सुविधा 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेगी।
उन्होंने ने बताया कि चैटबॉट के माध्यम से लोगों को टीबी से संबंधित जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन घर बैठे मिल सकेगा। इससे मरीजों को छोटी-छोटी जानकारियों के लिए बार-बार स्वास्थ्य केंद्र जाने की जरूरत कम होगी। उन्होंने आम लोगों से अधिक से अधिक संख्या में टीबी मुक्त भारत एप डाउनलोड कर खुशी चैटबॉट का उपयोग करने की अपील की।
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इसके माध्यम से टीबी से जुड़े सवालों के जवाब और आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षकों से अधिक से अधिक लोगों को एप से जोड़ने के लिए जागरूक करने की अपील की है।
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बीईओ आशीष कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सभी प्रधानाध्यापक, शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को खुशी चैटबॉट एप पर पंजीकरण सुनिश्चित करना है। विद्यार्थियों और अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए सुबह की प्रार्थना सभा, अभिभावक-शिक्षक संघ और विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठकों में एप डाउनलोड और उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि विद्यालयों में टीबी के लक्षण, बचाव, जांच और मुफ्त उपचार से संबंधित जानकारी नियमित रूप से साझा की जाएगी। इसके अलावा रैली, वाद-विवाद, निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। विद्यालय परिसर में टीबी जागरूकता संबंधी बैनर भी लगाए जाएंगे।
24 घंटे उपलब्ध रहेगा चैटबॉट : चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशांत त्रिपाठी ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं में एआई तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी क्रम में विकसित खुशी चैटबॉट मरीजों के लिए डिजिटल सहयोगी के रूप में काम करेगा। जिस तरह गूगल असिस्टेंट और एलेक्सा सवालों के जवाब देते हैं, उसी तरह खुशी चैटबॉट भी टीबी से संबंधित सवालों का सरल और समझने योग्य भाषा में जवाब देगा।
उन्होंने बताया कि चैटबॉट के माध्यम से मरीजों को सही, प्रमाणिक और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इससे मरीजों में उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और दवाओं के नियमित सेवन में भी मदद मिलेगी। यह सुविधा 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेगी।
उन्होंने ने बताया कि चैटबॉट के माध्यम से लोगों को टीबी से संबंधित जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन घर बैठे मिल सकेगा। इससे मरीजों को छोटी-छोटी जानकारियों के लिए बार-बार स्वास्थ्य केंद्र जाने की जरूरत कम होगी। उन्होंने आम लोगों से अधिक से अधिक संख्या में टीबी मुक्त भारत एप डाउनलोड कर खुशी चैटबॉट का उपयोग करने की अपील की।