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जांच के बाद भी कोटेदार पर नहीं हो रही कार्रवाई
Sant Kabir Nagar
Updated Fri, 29 Jul 2016 12:21 AM IST
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तहसील परिसर में प्रदर्शन ।
- फोटो : अमर उजाला
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सेमरियावां विकास खंड के तिलजा गांव के लोगों ने गुरुवार को खलीलाबाद तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। उपजिलाधिकारी व जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय पर बड़ी संख्या में प्रदर्शन करने पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोटेदार के विरुद्ध शिकायत सही पाए जाने की बाद भी कार्रवाई में हीलाहवाली की जा रही है।
प्रधान खुर्देजतुल अजरा व उनके पति मुहम्मद इनामुल्लाह कुरैशी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग तहसील मुख्यालय पहुंचे। यहां उपजिलाधिकारी व जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान ने कोटेदार पर मनमानी ढंग से खाद्यान्न वितरण का आरोप लगाया और कहा कि 29 मार्च को गांव के लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया था, जिस पर चार अप्रैल को जांच हुई।
इसमें कोटेदार दोषी मिला। इसमें कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई और कोटेदार की मनमानी जारी है। गांव के लोगों ने कहा कि डीएम ने भी दस जून को जांच कराने की बात कहीं थी, इसके बाद भी कोई अधिकारी नहीं गया। बाद में अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण लौटे।
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प्रदर्शन करने वालों में रिजवान अहमद, राधेश्याम यादव, तजम्मुल अहमर जहीर, मोहम्मद जफर, मुस्तकीन, रफीक खां, फखरूल इस्लाम, अतीकुर्रहमान, जरजैश, नफीस अहमद, वहमुल्लाह, लालचंद, सहाऊ प्रसाद, इंद्रप्रसाद, शिवमूरत, रूखसाना खातून, शमा खातून, ताहेरा खातून, करमुल्लाह, कलावती देवी, इंब्राहिम, जमाल अहमद, मोइन, सबरूनिशा, नेहाल, मोहम्मद सफीक, मेराज अहमद, जीशान चौहान, शाबान चौधरी, मुमजात आदि शामिल रहे।
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प्रधान खुर्देजतुल अजरा व उनके पति मुहम्मद इनामुल्लाह कुरैशी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग तहसील मुख्यालय पहुंचे। यहां उपजिलाधिकारी व जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान ने कोटेदार पर मनमानी ढंग से खाद्यान्न वितरण का आरोप लगाया और कहा कि 29 मार्च को गांव के लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया था, जिस पर चार अप्रैल को जांच हुई।
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इसमें कोटेदार दोषी मिला। इसमें कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई और कोटेदार की मनमानी जारी है। गांव के लोगों ने कहा कि डीएम ने भी दस जून को जांच कराने की बात कहीं थी, इसके बाद भी कोई अधिकारी नहीं गया। बाद में अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण लौटे।
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प्रदर्शन करने वालों में रिजवान अहमद, राधेश्याम यादव, तजम्मुल अहमर जहीर, मोहम्मद जफर, मुस्तकीन, रफीक खां, फखरूल इस्लाम, अतीकुर्रहमान, जरजैश, नफीस अहमद, वहमुल्लाह, लालचंद, सहाऊ प्रसाद, इंद्रप्रसाद, शिवमूरत, रूखसाना खातून, शमा खातून, ताहेरा खातून, करमुल्लाह, कलावती देवी, इंब्राहिम, जमाल अहमद, मोइन, सबरूनिशा, नेहाल, मोहम्मद सफीक, मेराज अहमद, जीशान चौहान, शाबान चौधरी, मुमजात आदि शामिल रहे।